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अब जिले में ही मिलेगी एचआईवी की दवा
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फरीदाबाद। सेक्टर-8 स्थित ईएसआई अस्पताल में रविवार को एंटी रेट्रोवायरल थैरेपी (एआरटी) सेंटर का उद्घाटन किया गया। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त महानिदेशक डॉ वीना ने इसकी शुरुआत की। सेंटर से एचआईवी पीड़ितों को दवा उपलब्ध हो सकेगी। आगामी एक सप्ताह में लोगों के लिए सेंटर पूरी तरह से शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले एचआईवी पीड़ितों को दवा के लिए रोहतक स्थित पीजीआई और दिल्ली स्थित एआरटी सेंटर जाना पकड़ता था।
प्रदेशभर के करीब 30 हजार एचआईवी पीड़ित रोहतक स्थित पीजीआई से दवा लेते थे। जिला स्तर पर एचआईवी जांच के बाद मरीजों को संक्रमण पीड़ित होने का प्रमाण पत्र मुहैया करा दिया जाता था। इसके आधार पर उन्हें रोहतक पीजीआई से दवा मिलती थी। अब एआरटी सेंटर में मरीजों की जांच के बाद उन्हें दवा उपलब्ध कराई जा सकेगी। फरीदाबाद के अलावा पलवल, गुरुग्राम, मेवात जैसे जिलों के लोग यहां से दवा ले सकेंगे। वहीं, जिले में तीन हजार मरीजों को इस सेंटर से लाभ मिलेगा। प्रदेशभर के नौ जिलों में इस तरह के एआरवी सेंटर खोले जाएंगे। इसकी शुरुआत रविवार को फरीदाबाद से की गई।
अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. वीना ने बताया कि पेंशन योजना पर तीन सालों से काम जारी था। अब इसकी मंजूरी मिल चुकी है। अगले 10 दिन में योजना लांच कर एचआईवी पीड़ितों को आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। प्रत्येक मरीज को 2200 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी। राशि का भुगतान मरीज के आधार लिंग बैंक खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर बेनिफिट के जरिए किया जाएगा।
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जिला एचआईवी की सेंटर प्रभारी डॉ शीला भगत ने बताया कि एचआईवी संक्रमितों की पहचान के लिए शिविर लगाए जाते हैं। मरीजों को कोरोना काल में स्थानीय स्तर पर ही दवा दी गई थी। इसी बीच एआरटी सेंटर शुरू करने के प्रयास तेज कर दिए गए थे। खुशी है कि कोरोना से राहत मिलते ही एचआईवी मरीजों के लिए भी राहत मिली है। लोगों से अपील है कि एचआईवी की जांच और उपचार के लिए आगे आएं।
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प्रदेशभर के करीब 30 हजार एचआईवी पीड़ित रोहतक स्थित पीजीआई से दवा लेते थे। जिला स्तर पर एचआईवी जांच के बाद मरीजों को संक्रमण पीड़ित होने का प्रमाण पत्र मुहैया करा दिया जाता था। इसके आधार पर उन्हें रोहतक पीजीआई से दवा मिलती थी। अब एआरटी सेंटर में मरीजों की जांच के बाद उन्हें दवा उपलब्ध कराई जा सकेगी। फरीदाबाद के अलावा पलवल, गुरुग्राम, मेवात जैसे जिलों के लोग यहां से दवा ले सकेंगे। वहीं, जिले में तीन हजार मरीजों को इस सेंटर से लाभ मिलेगा। प्रदेशभर के नौ जिलों में इस तरह के एआरवी सेंटर खोले जाएंगे। इसकी शुरुआत रविवार को फरीदाबाद से की गई।
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अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. वीना ने बताया कि पेंशन योजना पर तीन सालों से काम जारी था। अब इसकी मंजूरी मिल चुकी है। अगले 10 दिन में योजना लांच कर एचआईवी पीड़ितों को आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। प्रत्येक मरीज को 2200 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी। राशि का भुगतान मरीज के आधार लिंग बैंक खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर बेनिफिट के जरिए किया जाएगा।
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जिला एचआईवी की सेंटर प्रभारी डॉ शीला भगत ने बताया कि एचआईवी संक्रमितों की पहचान के लिए शिविर लगाए जाते हैं। मरीजों को कोरोना काल में स्थानीय स्तर पर ही दवा दी गई थी। इसी बीच एआरटी सेंटर शुरू करने के प्रयास तेज कर दिए गए थे। खुशी है कि कोरोना से राहत मिलते ही एचआईवी मरीजों के लिए भी राहत मिली है। लोगों से अपील है कि एचआईवी की जांच और उपचार के लिए आगे आएं।