फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Now 230 rain water harvesting systems will be built afresh.

Faridabad News: अब नए सिरे से बनेंगे 230 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

Sat, 02 May 2026 12:21 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 02 May 2026 12:21 AM IST
विज्ञापन
Now 230 rain water harvesting systems will be built afresh.
तालाब और अमृत सरोवर भी बनेंगे सहारा, 13 महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य
विज्ञापन

नंबर गेम-40 मीटर तक नीचे पहुंचा शहर का भूजल स्तर
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। औद्योगिक विस्तार के साथ बढ़ते फरीदाबाद के सामने अब पानी का संकट सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभर रहा है। शहर के कई हिस्सों में भूजल स्तर 40 मीटर तक नीचे पहुंच चुका है जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। हालात यह है कि गर्मियों में कई इलाकों में बोरवेल जवाब देने लगे हैं। स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने अब पुराने ढांचे पर निर्भर रहने के बजाय नए सिरे से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित करने का फैसला लिया है। इसके तहत शहर में 230 नए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए जाएंगे। इसके साथ ही दो साल तक इन सिस्टमों के रखरखाव भी किया जाएगा।
नगर निगम ने इस परियोजना को 13 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। चयनित एजेंसी शहर के अलग-अलग इलाकों में नए सिस्टम स्थापित करेगी। काम की निगरानी के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
विज्ञापन

फरीदाबाद में भूजल स्तर गिरने के पीछे कई स्थानीय कारण जिम्मेदार हैं। तेजी से बढ़ती आबादी और औद्योगिक इकाइयों में पानी की अधिक खपत ने जमीन के नीचे के भंडार पर दबाव बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार एनआईटी, बड़खल, तिगांव और बल्लभगढ़ जैसे इलाकों में हर साल जल स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है जिससे आने वाले समय में संकट और गहरा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन



तालाब और अमृत सरोवर बनेंगे सहारा
रेन वाटर हार्वेस्टिंग के साथ-साथ प्रशासन ने जल संरक्षण के पारंपरिक तरीकों को भी फिर से अपनाने की तैयारी की है। फरीदाबाद में करीब 15 एकड़ क्षेत्र में बड़ा तालाब विकसित किया जाएगा। इसके अलावा 50 अमृत तालाब बनाने की योजना भी तैयार की गई है। इनका उद्देश्य केवल पानी जमा करना नहीं बल्कि उसे धीरे-धीरे जमीन में पहुंचाकर भूजल स्तर को स्थिर करना है। जानकारों का मानना है कि यदि ये योजनाएं प्रभावी तरीके से लागू होती हैं तो यह पूरे शहर के जल संतुलन को सुधार सकती हैं।


सरकारी भवनों और पार्कों में भी होंगे सिस्टम
नगर निगम की योजना केवल 230 सिस्टम तक सीमित नहीं है। आने वाले समय में सभी सरकारी भवनों, स्कूलों और प्रमुख पार्कों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की तैयारी है। इससे शहर का बड़ा हिस्सा जल संरक्षण के दायरे में आ सकेगा और हर बारिश का अधिकतम उपयोग संभव हो पाएगा। पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए इस बार नगर निगम ने रखरखाव को प्राथमिकता दी है। अनुबंध के तहत एजेंसी को दो साल तक सिस्टम की नियमित सफाई, जांच और मरम्मत करनी होगी। मानसून से पहले हर यूनिट की स्थिति की समीक्षा की जाएगी ताकि बारिश का पानी बिना रुकावट के जमीन में जा सके।

आम लोगों को भी मिलेगा फायदा
यदि यह योजना तय समय पर पूरी होती है तो इसका सीधा लाभ शहरवासियों को मिलेगा। इस परियोजना के पूरे होने से बोरवेल पर निर्भरता कम होगी, गर्मियों में पानी की किल्लत घटेगी और जलभराव की समस्या में भी कमी आ सकती है। साथ ही पर्यावरण संतुलन बेहतर होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधन सुरक्षित रहेंगे।

जल को लेकर निगम गंभीरता से कई बड़े कदम उठा रहा है। इसमें दूसरे विभाग भी सहयोग कर रहे हैं। - धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed