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63 आइसोलेशन केंद्रों में आज तक नहीं पहुंचा कोई ग्रामीण
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बल्लभगढ़। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिले के तीन खंडों में 63 आइसोलेशन सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं। विभाग की ओर से प्रत्येक आइसोलेशन केंद्र में पांच बेड लगाए गए हैं, लेकिन आज तक कोई भी ग्रामीण इन केंद्रों पर आइसोलेट नहीं हुआ है। हालांकि जहां प्रतिदिन औसतन 400 लोगों में सर्दी-खांसी, जुकाम से लक्षण मिल रहे हैं, वहीं बुधवार को 15 हजार लोगों की जांच के बाद छह में संक्रमण की पुष्टि हुई। वहीं, ग्रामीणों का तर्क है कि सर्दी-जुकाम तो आम लक्षण हैं, वहीं कोरोना की पुष्टि होने पर घर में भी आइसोलेट हो सकते हैं।
जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीते छह दिन में हर दिन 20 से अधिक गांवों का सर्वे किया जा रहा है। जिले में कुल सौ गांव हैं। इसमें कई बड़े गांव शामिल हैं, जहां सर्वे के लिए टीम को दो-तीन दिन से अधिक समय लग रहा है। ग्रामीण क्षेत्र सर्वे के नोडल अधिकारी डॉ. एससी भगत ने बताया कि जिले में प्रतिदिन औसतन 400 लोगों में सर्दी खांसी-जुकाम जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। ऐसे लोगों को आइसोलेट होने के लिए आइसोलेशन केंद्र में रहने की सलाह दी जा रही है। वहीं, सर्वे के आधार पर अब तक सामने आए 3342 संदिग्धों की जांच में 29 संक्रमित मिले हैं।
बल्लभगढ़ में सबसे अधिक 23 सेंटर
पंचायत विभाग ने फरीदाबाद, बल्लभगढ़ व तिगांव में 63 आइसोलेशन केंद्र स्थापित किए हैं। इसमें सबसे अधिक 23 केंद्र बल्लभगढ़, जबकि तिगांव व फरीदाबाद में 20-20 केंद्र बनाए गए हैं। तिगांव में गांव अरूआ, मोटूका, शाहूपुरा खादर, चांदपुर, भूआपुर, लहडौला, सदपुरा, जुन्हैड़ा, मंधावली, मंझावली, ढहकौला, बहादरपुर, चीरसी, इम्मामुद्दीपुर, तिगांव ,घरौडा, बदरौला, अमीपुर व भैंसरावली, फरीदाबाद में गांव सरूरपुर, पाखल, धौज, फतेहपुर तंगा, मादलपुर, पावटा, पाली, मांगर, सिरौही, जसाना, कावरा, ददसिया, लहडौला, बदरपुर सैद, राजपुर, अलीपुर, सिकारगाहा, सिडौला, कोट व ताजुपुर और बल्लभगढ़ में सिकरोना, अटाली, नगंला जोगिया, नरियाला, जवां, मोहना, झुगी छायंसा, सागरपुर, सुनपेड,डींग, खंदावली, मौजपुर, गढख़ेड़ा, लधियापुर, भनकपुर, समयपुर, सीकरी, हीरापुर, पन्हैड़ा खुर्द, बिजौपुर, कैलीगांव व दयालपुर में सेंटर बनाए गए हैं।
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होम आइसोलेशन में हैं संक्रमित
अरूआ के पूर्व सरपंच देवेंद्र गोयल ने बताया कि यह सेंटर उनके लिए लाभदायक हैं, जिनके घरों में आइसोलेट होने के लिए जगह नहीं। अब तक गांव में कोरोना मरीज नहीं मिले हैं। इस कारण कोई भी आइसोलेट नहीं हुआ। जिन ग्रामीणों में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है, वे होम आइसोलेशन में हैं।
वर्जन-
जगह की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए यह केंद्र बेहतर साबित होंगे। अन्य ग्रामीण अपने घर में ही आइसोलेट हो सकते हैं, उन्हें केंद्रों की जरूरत नहीं हैं। - रजीत अधाना, जनप्रतिनिधि जिला परिषद
स्क्रीनिंग के दौरान लक्षण वाले मरीज को आइसोलेट होने की सलाह देते हैं। लोगों को उनके स्थानीय निवास के पास बने केंद्र की जानकारी विभाग की ओर से दी जाती है। लेकिन ग्रामीण अपने घर में रहना ही बेहतर मान रहे हैं। - डॉ. विजय मलिक, एसएमओ कोराली
63 गांवों में आइसोलेशन केंद्र स्थापित किए हैं। अभी तक कोई भी यहां नहीं आया है।। ग्रामीण अपने को घरों में आइसोलेट होना अच्छा विकल्प मान रहे हैं। - प्रदीप कुमार, पंचायत खंड एवं विकास अधिकारी
फोटो- ग्रामीण क्षेत्र में खाली पड़े आइसोलेशन सेंटर।
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जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीते छह दिन में हर दिन 20 से अधिक गांवों का सर्वे किया जा रहा है। जिले में कुल सौ गांव हैं। इसमें कई बड़े गांव शामिल हैं, जहां सर्वे के लिए टीम को दो-तीन दिन से अधिक समय लग रहा है। ग्रामीण क्षेत्र सर्वे के नोडल अधिकारी डॉ. एससी भगत ने बताया कि जिले में प्रतिदिन औसतन 400 लोगों में सर्दी खांसी-जुकाम जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। ऐसे लोगों को आइसोलेट होने के लिए आइसोलेशन केंद्र में रहने की सलाह दी जा रही है। वहीं, सर्वे के आधार पर अब तक सामने आए 3342 संदिग्धों की जांच में 29 संक्रमित मिले हैं।
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बल्लभगढ़ में सबसे अधिक 23 सेंटर
पंचायत विभाग ने फरीदाबाद, बल्लभगढ़ व तिगांव में 63 आइसोलेशन केंद्र स्थापित किए हैं। इसमें सबसे अधिक 23 केंद्र बल्लभगढ़, जबकि तिगांव व फरीदाबाद में 20-20 केंद्र बनाए गए हैं। तिगांव में गांव अरूआ, मोटूका, शाहूपुरा खादर, चांदपुर, भूआपुर, लहडौला, सदपुरा, जुन्हैड़ा, मंधावली, मंझावली, ढहकौला, बहादरपुर, चीरसी, इम्मामुद्दीपुर, तिगांव ,घरौडा, बदरौला, अमीपुर व भैंसरावली, फरीदाबाद में गांव सरूरपुर, पाखल, धौज, फतेहपुर तंगा, मादलपुर, पावटा, पाली, मांगर, सिरौही, जसाना, कावरा, ददसिया, लहडौला, बदरपुर सैद, राजपुर, अलीपुर, सिकारगाहा, सिडौला, कोट व ताजुपुर और बल्लभगढ़ में सिकरोना, अटाली, नगंला जोगिया, नरियाला, जवां, मोहना, झुगी छायंसा, सागरपुर, सुनपेड,डींग, खंदावली, मौजपुर, गढख़ेड़ा, लधियापुर, भनकपुर, समयपुर, सीकरी, हीरापुर, पन्हैड़ा खुर्द, बिजौपुर, कैलीगांव व दयालपुर में सेंटर बनाए गए हैं।
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होम आइसोलेशन में हैं संक्रमित
अरूआ के पूर्व सरपंच देवेंद्र गोयल ने बताया कि यह सेंटर उनके लिए लाभदायक हैं, जिनके घरों में आइसोलेट होने के लिए जगह नहीं। अब तक गांव में कोरोना मरीज नहीं मिले हैं। इस कारण कोई भी आइसोलेट नहीं हुआ। जिन ग्रामीणों में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है, वे होम आइसोलेशन में हैं।
वर्जन-
जगह की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए यह केंद्र बेहतर साबित होंगे। अन्य ग्रामीण अपने घर में ही आइसोलेट हो सकते हैं, उन्हें केंद्रों की जरूरत नहीं हैं। - रजीत अधाना, जनप्रतिनिधि जिला परिषद
स्क्रीनिंग के दौरान लक्षण वाले मरीज को आइसोलेट होने की सलाह देते हैं। लोगों को उनके स्थानीय निवास के पास बने केंद्र की जानकारी विभाग की ओर से दी जाती है। लेकिन ग्रामीण अपने घर में रहना ही बेहतर मान रहे हैं। - डॉ. विजय मलिक, एसएमओ कोराली
63 गांवों में आइसोलेशन केंद्र स्थापित किए हैं। अभी तक कोई भी यहां नहीं आया है।। ग्रामीण अपने को घरों में आइसोलेट होना अच्छा विकल्प मान रहे हैं। - प्रदीप कुमार, पंचायत खंड एवं विकास अधिकारी
फोटो- ग्रामीण क्षेत्र में खाली पड़े आइसोलेशन सेंटर।