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Faridabad News: 9.68 करोड़ रुपये के कथित फर्जीवाड़े में दो आरोपियों को राहत नहीं
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9.68 करोड़ रुपये के कथित फर्जीवाड़े में दो आरोपियों को राहत नहीं
एस्कॉटर्स-कुबोटा कंपनी के 268 ट्रैक्टरों को दुर्घटनाग्रस्त बताकर किया था घोटालाअमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड के ट्रैक्टरों की बिक्री में कथित हेराफेरी कर कंपनी को 9.68 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के मामले में अदालत ने दो आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। बुधवार को अदालत ने कंपनी के कर्मचारी एनआईटी-दो निवासी धीरज ठक्कर की जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पहले मंगलवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने पंजाब के बठिंडा निवासी कंपनी के डीलर बलविंद्र सिंह ढिल्लों की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड के वरिष्ठ प्रबंधक (लीगल) शमशेर सिंह की शिकायत पर सेक्टर-31 थाने में 24 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। कंपनी की ओर से आरोप लगाया है कि कुछ कर्मचारियों ने चुनिंदा ट्रैक्टर डीलरों के साथ मिलकर पुराने स्टॉक और बिक्री के बाद वापस आए ट्रैक्टरों को दुर्घटनाग्रस्त या पूरी तरह क्षतिग्रस्त श्रेणी में दिखाया। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन कर उन्हें भारी छूट पर बेच दिया गया। इससे कंपनी को आर्थिक नुकसान हुआ।
शिकायत के मुताबिक, ट्रैक्टरों की बिक्री के लिए वित्त विभाग की मंजूरी मिलने का दावा किया गया, जबकि संबंधित ई-मेल और स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई थी। आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों के हस्ताक्षरों की नकल कर फर्जी मंजूरी पत्र तैयार किए गए। कंपनी की फॉरेंसिक जांच में दस्तावेज में विसंगतियां, एक जैसे हस्ताक्षर और चेसिस नंबरों में अंतर मिलने का दावा किया गया है। कंपनी की अप्रैल 2021 से मई 2026 तक की फॉरेंसिक समीक्षा में मैनुअल छूट से जुड़े 1,829 लेनदेन की जांच की गई। इनमें 268 ट्रैक्टरों की बिक्री संदिग्ध पाई गई। इनकी कुल कीमत करीब 16.86 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि इन्हें लगभग आठ करोड़ रुपये के इनवॉइस मूल्य पर बेचने का आरोप है। कंपनी का दावा है कि इस प्रक्रिया में करीब 9.68 करोड़ रुपये की अनुचित छूट दी गई। शिकायत में बिक्री से जुड़ी रकम कर्मचारियों के परिजनों और अन्य संबंधित लोगों के बैंक खातों में स्थानांतरित किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले की जांच चल रही है।
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एस्कॉटर्स-कुबोटा कंपनी के 268 ट्रैक्टरों को दुर्घटनाग्रस्त बताकर किया था घोटालाअमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड के ट्रैक्टरों की बिक्री में कथित हेराफेरी कर कंपनी को 9.68 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के मामले में अदालत ने दो आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। बुधवार को अदालत ने कंपनी के कर्मचारी एनआईटी-दो निवासी धीरज ठक्कर की जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पहले मंगलवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने पंजाब के बठिंडा निवासी कंपनी के डीलर बलविंद्र सिंह ढिल्लों की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड के वरिष्ठ प्रबंधक (लीगल) शमशेर सिंह की शिकायत पर सेक्टर-31 थाने में 24 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। कंपनी की ओर से आरोप लगाया है कि कुछ कर्मचारियों ने चुनिंदा ट्रैक्टर डीलरों के साथ मिलकर पुराने स्टॉक और बिक्री के बाद वापस आए ट्रैक्टरों को दुर्घटनाग्रस्त या पूरी तरह क्षतिग्रस्त श्रेणी में दिखाया। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन कर उन्हें भारी छूट पर बेच दिया गया। इससे कंपनी को आर्थिक नुकसान हुआ।
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शिकायत के मुताबिक, ट्रैक्टरों की बिक्री के लिए वित्त विभाग की मंजूरी मिलने का दावा किया गया, जबकि संबंधित ई-मेल और स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई थी। आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों के हस्ताक्षरों की नकल कर फर्जी मंजूरी पत्र तैयार किए गए। कंपनी की फॉरेंसिक जांच में दस्तावेज में विसंगतियां, एक जैसे हस्ताक्षर और चेसिस नंबरों में अंतर मिलने का दावा किया गया है। कंपनी की अप्रैल 2021 से मई 2026 तक की फॉरेंसिक समीक्षा में मैनुअल छूट से जुड़े 1,829 लेनदेन की जांच की गई। इनमें 268 ट्रैक्टरों की बिक्री संदिग्ध पाई गई। इनकी कुल कीमत करीब 16.86 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि इन्हें लगभग आठ करोड़ रुपये के इनवॉइस मूल्य पर बेचने का आरोप है। कंपनी का दावा है कि इस प्रक्रिया में करीब 9.68 करोड़ रुपये की अनुचित छूट दी गई। शिकायत में बिक्री से जुड़ी रकम कर्मचारियों के परिजनों और अन्य संबंधित लोगों के बैंक खातों में स्थानांतरित किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले की जांच चल रही है।
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