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Faridabad News: बाजारों में नहीं है सार्वजनिक शौचालय की सुविधा
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महिलाओं को करना पड़ता है परेशानी का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। डबुआ कॉलोनी, ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-7, 10 और एनआईटी-5 के बाजारों में सार्वजनिक शौचालय की सुविधा नहीं होने के कारण खरीदारी के लिए आने वाली महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन बाजारों में आसपास की कॉलोनियों के साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से भी महिलाएं बच्चों और परिवार के साथ आती हैं। बाजारों में शौचालय की कोई स्पष्ट और सहज सार्वजनिक व्यवस्था नहीं होने से महिलाओं को कई बार दुकानदारों या निजी प्रतिष्ठानों से सुविधा मांगनी पड़ती है।
बच्चों के साथ आने वाली महिलाओं की परेशानी और बढ़ जाती है, क्योंकि बच्चे को जरूरत पड़ने पर उसे लेकर जगह तलाशना मुश्किल होता है। लंबे समय तक बाजार में रहने के बावजूद महिलाओं के लिए ऐसी मूलभूत सुविधा का अभाव खरीदारी के अनुभव को असहज बनाता है। महिलाओं का कहना है कि प्रमुख बाजारों में साफ-सुथरे और आसानी से पहुंच वाले सार्वजनिक शौचालय बनाए जाने चाहिए, ताकि जरूरत के समय उन्हें किसी पर निर्भर न रहना पड़े।
दूर से आते हैं, इसलिए अचानक जरूरत पड़ने पर घर लौटना आसान नहीं होता। बाजार में सुविधा होनी चाहिए। - प्रीति
दुकानों पर पूछना हर बार सहज नहीं लगता। सार्वजनिक शौचालय की साफ व्यवस्था होनी चाहिए। - कशिश
बच्चे साथ हो तो उनकी जरूरत के समय परेशानी ज्यादा होती है। सुविधा पास में होनी चाहिए। - शीतल
खरीदारी में काफी समय लग जाता है। बाजार में ही सुविधा मिले तो महिलाओं को चिंता नहीं रहेगी। - रचना
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। डबुआ कॉलोनी, ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-7, 10 और एनआईटी-5 के बाजारों में सार्वजनिक शौचालय की सुविधा नहीं होने के कारण खरीदारी के लिए आने वाली महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन बाजारों में आसपास की कॉलोनियों के साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से भी महिलाएं बच्चों और परिवार के साथ आती हैं। बाजारों में शौचालय की कोई स्पष्ट और सहज सार्वजनिक व्यवस्था नहीं होने से महिलाओं को कई बार दुकानदारों या निजी प्रतिष्ठानों से सुविधा मांगनी पड़ती है।
बच्चों के साथ आने वाली महिलाओं की परेशानी और बढ़ जाती है, क्योंकि बच्चे को जरूरत पड़ने पर उसे लेकर जगह तलाशना मुश्किल होता है। लंबे समय तक बाजार में रहने के बावजूद महिलाओं के लिए ऐसी मूलभूत सुविधा का अभाव खरीदारी के अनुभव को असहज बनाता है। महिलाओं का कहना है कि प्रमुख बाजारों में साफ-सुथरे और आसानी से पहुंच वाले सार्वजनिक शौचालय बनाए जाने चाहिए, ताकि जरूरत के समय उन्हें किसी पर निर्भर न रहना पड़े।
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दूर से आते हैं, इसलिए अचानक जरूरत पड़ने पर घर लौटना आसान नहीं होता। बाजार में सुविधा होनी चाहिए। - प्रीति
दुकानों पर पूछना हर बार सहज नहीं लगता। सार्वजनिक शौचालय की साफ व्यवस्था होनी चाहिए। - कशिश
बच्चे साथ हो तो उनकी जरूरत के समय परेशानी ज्यादा होती है। सुविधा पास में होनी चाहिए। - शीतल
खरीदारी में काफी समय लग जाता है। बाजार में ही सुविधा मिले तो महिलाओं को चिंता नहीं रहेगी। - रचना