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मंडियों में संक्रमण रोकने की कोई तैयारी नहीं
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बल्लभगढ़। एक बार फिर कोरोना का खतरा अलर्ट मोड पर है, ऐसे में मंडियों में कोरोना को लेकर लापरवाही भारी पड़ सकती है। सरकार ने मंडियों में फसलों की खरीद फरोख्त के लिए नियम कोविड अनुसार तैयार के निर्देश जारी किए हैं। वहीं, जिले में छह मंडियां हैं। इसमें से तीन शहरी क्षेत्र में हैं और तीन ग्रामीण क्षेत्र में। मंडियों में दूसरे राज्यों से प्रवासी मजदूर पहुंच चुके हैं। आढ़तियों ने फसल खरीद की तैयारी कर ली है बावजूद इसके न तो कोरोना वैक्सीन के लिए कोई शिविर इन मंडियों में लगाए गए हैं न ही कोरोना जांच की ही कोई व्यवस्था है। ऐसे में फिर से संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
मंडियों में प्रशासन ने बेहतर सुविधाओं के लिए तमाम वादे किए हैं, लेकिन संक्रमण को रोकने के लिए मंडियों में कोई प्रबंध नजर नहीं आ रहे हैं। जिले की छह मंडियों में बृहस्पतिवार से करीब सौ से अधिक गांवों के किसान अपनी फसल लेकर पहुंचेंगे। फसलों की खरीद-फरोख्त के लिए भारी संख्या में मजदूर और आढ़तियों का जमावड़ा शुरू हो गया है।
तिगांव व मोहना मंडी में उत्तरप्रदेश के किसान फसल लेकर आते हैं, जबकि मंडियों में स्थानीय मजदूरों की संख्या नाममात्र की होती है जबकि प्रवासी मजदूरों पर मंडी का भार रहता है। ऐसी स्थिति में अगर कोई संक्रमण ग्रस्त मरीज पहुंच जाता है, तो वहां की हालत क्या होगी इसका अनुमान लगाना मुश्किल है।
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तिगांव मंडी में करीब 19 आढ़ती हैं। इनके पास करीब 30 से 35 गांवों के किसान पहुंचते हैं। मोहना गांव में लगभग 100 आढ़ती कार्य कर रहे हैं। इनके पास 40 से 50 गांवों के किसान फसल लेकर आते हैं। इसी क्रम में बल्लभगढ़ में इन आढ़तियों की संख्या 52 के आसपास है। फतेहपुर मंडी में 11 आढ़ती हैं, यहां आसपास करीब 10 से 15 गांवों के किसान अपनी फसल लेकर पहुंचते हैं। इसी प्रकार ओल्ड फरीदाबाद मंडी में लगभग आठ आढ़ती हैं लेकिन चार से पांच ही कार्य करते है जहां करीब 20 गांवों के किसान गेहूं की फसल को लेकर पहुंचते हैं।
जांच और टीकाकरण की मांग
जिले में संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए यहां की मंडी के प्रधान श्रीपाल शर्मा ने प्रशासन से कोविड-19 टीकाकरण व जांच शिविर लगाने की मांग की है।
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मंडियों में प्रशासन ने बेहतर सुविधाओं के लिए तमाम वादे किए हैं, लेकिन संक्रमण को रोकने के लिए मंडियों में कोई प्रबंध नजर नहीं आ रहे हैं। जिले की छह मंडियों में बृहस्पतिवार से करीब सौ से अधिक गांवों के किसान अपनी फसल लेकर पहुंचेंगे। फसलों की खरीद-फरोख्त के लिए भारी संख्या में मजदूर और आढ़तियों का जमावड़ा शुरू हो गया है।
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तिगांव व मोहना मंडी में उत्तरप्रदेश के किसान फसल लेकर आते हैं, जबकि मंडियों में स्थानीय मजदूरों की संख्या नाममात्र की होती है जबकि प्रवासी मजदूरों पर मंडी का भार रहता है। ऐसी स्थिति में अगर कोई संक्रमण ग्रस्त मरीज पहुंच जाता है, तो वहां की हालत क्या होगी इसका अनुमान लगाना मुश्किल है।
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तिगांव मंडी में करीब 19 आढ़ती हैं। इनके पास करीब 30 से 35 गांवों के किसान पहुंचते हैं। मोहना गांव में लगभग 100 आढ़ती कार्य कर रहे हैं। इनके पास 40 से 50 गांवों के किसान फसल लेकर आते हैं। इसी क्रम में बल्लभगढ़ में इन आढ़तियों की संख्या 52 के आसपास है। फतेहपुर मंडी में 11 आढ़ती हैं, यहां आसपास करीब 10 से 15 गांवों के किसान अपनी फसल लेकर पहुंचते हैं। इसी प्रकार ओल्ड फरीदाबाद मंडी में लगभग आठ आढ़ती हैं लेकिन चार से पांच ही कार्य करते है जहां करीब 20 गांवों के किसान गेहूं की फसल को लेकर पहुंचते हैं।
जांच और टीकाकरण की मांग
जिले में संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए यहां की मंडी के प्रधान श्रीपाल शर्मा ने प्रशासन से कोविड-19 टीकाकरण व जांच शिविर लगाने की मांग की है।