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Faridabad News: 25 निर्माण साइटों पर धूल रोकने के इंतजाम नहीं, नोटिस जारी
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50 से अधिक साइटों की जांच में मिली लापरवाही, खुले में पड़ी थी निर्माण सामग्री
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मौसम में नमी बढ़ने के साथ शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। इसके बावजूद निर्माणाधीन साइटों पर धूल को रोकने के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। सरूरपुर, संजय कॉलोनी, नंगला गुजरान और बड़खल समेत जिले के 25 इलाकों में निर्माण कार्यों के दौरान लापरवाही मिलने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नोटिस जारी किए हैं। तीन दिनों में बोर्ड की टीम ने 50 से अधिक निर्माणाधीन साइटों का निरीक्षण किया। इनमें 25 साइटों पर नियमों का पालन नहीं होता मिला।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पहले ही नगर निगम को पत्र लिखकर निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। निगम से कहा गया था कि जहां भी निर्माण कार्य हो रहे हैं, वहां नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए और निर्माण सामग्री को ढंककर रखा जाए। इसके बावजूद निरीक्षण के दौरान कई जगह रेत, बजरी और अन्य निर्माण सामग्री खुले में पड़ी मिली। धूल को हवा में फैलने से रोकने के लिए छिड़काव की व्यवस्था भी नहीं मिली। इसके बाद संबंधित साइटों को नोटिस जारी किए गए हैं। नियमों के उल्लंघन पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू होने के बाद नगर निगम ने चार एंटी स्मॉग गन से छिड़काव शुरू किया है। शहर की सड़कों की सफाई के लिए 11 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें भी लगाई गई हैं। हालांकि, निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के इंतजाम और खुले में कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, एक महीने में कूड़ा जलाने के मामलों में चालान नहीं किया गया है। शहर में करीब 40 हजार टन कूड़ा जमा होने की जानकारी भी सामने आई है।
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पीएम-10 का स्तर 117 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
शहर में चार मशीनों से पीएम-10 के स्तर की निगरानी की जा रही है। सोमवार को पीएम-10 का स्तर 117 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। आमतौर पर अक्तूबर के अंत तक ठंड बढ़ने और प्रदूषण का खतरा देखते हुए निर्माण कार्यों पर रोक लगाने की व्यवस्था की जाती रही है। इसके बावजूद इस बार अलग-अलग इलाकों में निर्माण कार्य जारी हैं। ऐसे में निर्माण स्थलों पर नियमों का पालन कराना और धूल को फैलने से रोकना जरूरी है।
निर्माणाधीन साइटों के निरीक्षण में 25 जगहों पर लापरवाही मिली है। साइटों को नोटिस जारी किए गए हैं।
- स्मिता, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बल्लभगढ़
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मौसम में नमी बढ़ने के साथ शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। इसके बावजूद निर्माणाधीन साइटों पर धूल को रोकने के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। सरूरपुर, संजय कॉलोनी, नंगला गुजरान और बड़खल समेत जिले के 25 इलाकों में निर्माण कार्यों के दौरान लापरवाही मिलने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नोटिस जारी किए हैं। तीन दिनों में बोर्ड की टीम ने 50 से अधिक निर्माणाधीन साइटों का निरीक्षण किया। इनमें 25 साइटों पर नियमों का पालन नहीं होता मिला।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पहले ही नगर निगम को पत्र लिखकर निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। निगम से कहा गया था कि जहां भी निर्माण कार्य हो रहे हैं, वहां नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए और निर्माण सामग्री को ढंककर रखा जाए। इसके बावजूद निरीक्षण के दौरान कई जगह रेत, बजरी और अन्य निर्माण सामग्री खुले में पड़ी मिली। धूल को हवा में फैलने से रोकने के लिए छिड़काव की व्यवस्था भी नहीं मिली। इसके बाद संबंधित साइटों को नोटिस जारी किए गए हैं। नियमों के उल्लंघन पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
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कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू होने के बाद नगर निगम ने चार एंटी स्मॉग गन से छिड़काव शुरू किया है। शहर की सड़कों की सफाई के लिए 11 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें भी लगाई गई हैं। हालांकि, निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के इंतजाम और खुले में कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, एक महीने में कूड़ा जलाने के मामलों में चालान नहीं किया गया है। शहर में करीब 40 हजार टन कूड़ा जमा होने की जानकारी भी सामने आई है।
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पीएम-10 का स्तर 117 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
शहर में चार मशीनों से पीएम-10 के स्तर की निगरानी की जा रही है। सोमवार को पीएम-10 का स्तर 117 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। आमतौर पर अक्तूबर के अंत तक ठंड बढ़ने और प्रदूषण का खतरा देखते हुए निर्माण कार्यों पर रोक लगाने की व्यवस्था की जाती रही है। इसके बावजूद इस बार अलग-अलग इलाकों में निर्माण कार्य जारी हैं। ऐसे में निर्माण स्थलों पर नियमों का पालन कराना और धूल को फैलने से रोकना जरूरी है।
निर्माणाधीन साइटों के निरीक्षण में 25 जगहों पर लापरवाही मिली है। साइटों को नोटिस जारी किए गए हैं।
- स्मिता, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बल्लभगढ़