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Faridabad News: सराय में तीन बच्चियों की मौत पर एनएचआरसी ने लिया संज्ञान
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सराय में तीन बच्चियों की मौत पर एनएचआरसी ने लिया संज्ञान
-डीसी और एसपी पलवल से दो हफ़्ते में मांगी विस्तृत रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। गांव सराय में ईंट भट्ठे के लिए मिट्टी खोदने से बने गहरे गड्ढे में डूबकर तीन मासूम बहनों की हुई मौत के मामले पर अब राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इसे मानव अधिकार उल्लंघन का गंभीर मामला मानते हुए पलवल के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने साफ किया है कि रिपोर्ट में हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हुई कार्रवाई और मृतक बच्चियों के परिजनों को दिए गए मुआवजे (यदि कोई हो) का पूरा ब्यौरा होना चाहिए।
एनएचआरसी ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्ट सही हैं तो यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें पीड़ित बच्चियों के मूल अधिकारों का हनन हुआ है। हादसा छह अगस्त 2025 को हुआ था। गांव सराय निवासी शाहिद की बेटियां अंशिफा (7 वर्ष), सोफिया (5 वर्ष) और उनकी मौसेरी बहन अल्फिया (6 वर्ष) बकरियां चराने खेतों की ओर गई थीं। खेतों में ईंट भट्ठा मालिक द्वारा मिट्टी निकाली गई थी और वहीं बने गहरे गड्ढे में बरसात का पानी भर गया था। तीनों बच्चियां नहाने लगीं और उसी दौरान डूब गईं। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कड़ा रोष जताया था।
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-डीसी और एसपी पलवल से दो हफ़्ते में मांगी विस्तृत रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। गांव सराय में ईंट भट्ठे के लिए मिट्टी खोदने से बने गहरे गड्ढे में डूबकर तीन मासूम बहनों की हुई मौत के मामले पर अब राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इसे मानव अधिकार उल्लंघन का गंभीर मामला मानते हुए पलवल के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने साफ किया है कि रिपोर्ट में हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हुई कार्रवाई और मृतक बच्चियों के परिजनों को दिए गए मुआवजे (यदि कोई हो) का पूरा ब्यौरा होना चाहिए।
एनएचआरसी ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्ट सही हैं तो यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें पीड़ित बच्चियों के मूल अधिकारों का हनन हुआ है। हादसा छह अगस्त 2025 को हुआ था। गांव सराय निवासी शाहिद की बेटियां अंशिफा (7 वर्ष), सोफिया (5 वर्ष) और उनकी मौसेरी बहन अल्फिया (6 वर्ष) बकरियां चराने खेतों की ओर गई थीं। खेतों में ईंट भट्ठा मालिक द्वारा मिट्टी निकाली गई थी और वहीं बने गहरे गड्ढे में बरसात का पानी भर गया था। तीनों बच्चियां नहाने लगीं और उसी दौरान डूब गईं। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कड़ा रोष जताया था।
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