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Faridabad News: कचरा प्रबंधन में लापरवाही पर एनजीटी सख्त, कई अधिकारियों को नोटिस

Thu, 09 Oct 2025 12:22 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 09 Oct 2025 12:22 AM IST
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NGT takes strict action against negligence in waste management, issues notice to several officials
हरियाणा के मुख्य सचिव, एचएसपीसीबी के सदस्य सचिव, नगर निगम फरीदाबाद के आयुक्त और जिला मजिस्ट्रेट को देना होगा जवाब
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नितिन राजपूत

नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने फरीदाबाद के सेक्टर 21ए, बाईपास रोड पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के उल्लंघन और अपने एक आदेश की अवहेलना पर हरियाणा सरकार के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। याचिकाकर्ता अजय लाल मामले में दायर निष्पादन आवेदन पर सुनवाई करते हुए अदालत ने हरियाणा के मुख्य सचिव, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के सदस्य सचिव, नगर निगम फरीदाबाद के आयुक्त और जिला मजिस्ट्रेट, फरीदाबाद को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही, सवाल किया है कि क्यों न उनके खिलाफ मुकदमा चलाने, गिरफ्तारी और मुआवजा देने का आदेश न दिया जाए।

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने आवेदक की तरफ से पेश वीडियो क्लिप का अवलोकन किया, जिसमें कचरा प्रबंधन नियमों की अनदेखी और क्षेत्र में कचरे की भयावह स्थिति स्पष्ट थी। पीठ ने इसे संबंधित अधिकारियों की घोर लापरवाही और कानून के शासन के प्रति उदासीनता करार देते हुए गहरी नाराजगी जताई। इससे पहले 10 सितंबर, 2024 के आदेश में नगर निगम फरीदाबाद को 31 दिसंबर, 2024 तक चहारदीवारी की मरम्मत, कचरा डंपिंग रोकने और ठोस अपशिष्ट नियमों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था। साथ ही, 15 जनवरी 2025 तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया था, जो दाखिल नहीं हुई। अदालत ने इसे एनजीटी अधिनियम, 2010 की धारा 26 के तहत दंडनीय अपराध माना, जिसमें सिविल जेल और मुआवजे की सजा शामिल हो सकती है।
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अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर नोटिस का जवाब और अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा

पीठ ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार है और अधिकारियों की निष्क्रियता से स्थानीय निवासियों का यह अधिकार प्रभावित हुआ है। ऐसे में प्रभावित निवासियों को मुआवजा देने पर भी विचार किया जा सकता है। एनजीटी ने जिला मजिस्ट्रेट, आयुक्त नगर निगम और एचएसपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी को 30 अक्तूबर, 2025 को प्रासंगिक रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। यही नहीं, अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर नोटिस का जवाब और अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया है। इसके अलावा आदेश की प्रति संबंधित अधिकारियों को ईमेल से भेजी जाएगी।
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