फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Newborns of hypertensive mothers born with heart diseases

Faridabad News: दिल की बीमारियों के साथ जन्म ले रहे हाइपरटेंशन वाली माताओं के नवजात

Sat, 17 Feb 2024 11:42 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 17 Feb 2024 11:42 PM IST
विज्ञापन
Newborns of hypertensive mothers born with heart diseases
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


फरीदाबाद। मधुमेह और उच्च रक्त चाप से ग्रसित गर्भवतियों के होने वाले नवजात दिल से जुड़ी बीमारियों के साथ जन्म ले रहे हैं। गर्भावस्था के दौरान होने वाले मधुमेह और उच्च रक्तचाप की शिकायत से बच्चों में दिल से संबंधित बीमारियों में नसें उल्टी होना, बच्चे का नीले रंग का पैदा होना, दिल में छेद और चेंबर की बनावट में विकृत के अलावा नसों के सिकुड़ने जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। शहर के जिला अस्पताल समेत कई निजी अस्पतालों में लगभग 20 फीसदी मामले पाए जा रहे हैं।

जिला अस्पताल में प्रत्येक माह करीब 700 से 800 गर्भवतियों की डिलीवरी की जाती है। यहां जन्म लेने वाले 100 बच्चों में से 15 से 16 बच्चे दिल से जुड़ी समस्याओं से ग्रसित होकर जन्म ले रहे हैं। हालांकि अस्पताल में बच्चों के दिल से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए कोई संस्थान उपलब्ध न होने के कारण उन्हें आयुष्मान के तहत निजी अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है।
विज्ञापन




गर्भावस्था के दौरान पहले मां की स्क्रीनिंग की जाती है। इसके बाद अगर गर्भवतियों में शुरुआती तीन महीनों में उक्त रक्त चाप या फिर मधुमेह बढ़ने की समस्या पाई जाती है तो अस्पताल में ऐसे मामलों को लिया ही नहीं जाता। इन मामलों को दिल्ली सफदरजंग अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है। हाइपरटेंशन और मधुमेह का सीधा असर बच्चे के दिल और दिमाग पर पड़ता है। इसके बावजूद भी नवंबर माह में अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों में पांच बच्चे जबकि दिसंबर में मात्र नौ और जनवरी माह में कुछ तीन मामलों को पंजीकृत किया गया। हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक इन मामलों में केवल दो या तीन प्रतिशत ही बच्चे ही मां में होने वाली बीमारियों से प्रभावित पाए गए। -स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ अरूण, जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन




-------

सेक्टर-8 स्थित सर्वोदय अस्पताल में भी दिल से जुड़ी समस्याओं का आंकड़ा सामने आ रहा है। हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक केवल मां में उच्च रक्तचाप या मधुमेह ही बच्चों में दिल की बीमारियों की मुख्य वजह नहीं है, बल्कि खान-पान और लाइफ स्टाइल को भी इसके लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। उनका कहना है कि रोजाना करीब तीन से चार बच्चे इस प्रकार की समस्या के साथ जन्म ले रहे हैं।- डॉ. राजन मोदी, ह्रदय रोग विशेषज्ञ


----



सेक्टर-16 स्थित मैरिंगों एशिया अस्पताल में रोजाना दिल से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित चार से पांच मामले सामने आ रहे हैं। अस्पताल में रोजाना की जाने वाली लगभग दस डिलीवरी में से करीब एक या दो बच्चे मां में पाई जाने वाली बीमारियों से प्रभावित पाए जाते हैं। यह एक चिंता का विषय बन रहा है।- डाॅ.मनीषा, स्त्री रोग विशेषज्ञ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed