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फेल देता था एग्जाम पास की गारंटी: ग्रुप डी परीक्षा में पास कराने की करता था मोटी डील, ऐसे पकड़ा मुन्ना भाई
Mon, 23 Oct 2023 08:38 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
Published by: अनुज कुमार
Updated Mon, 23 Oct 2023 08:38 PM IST
सार
सरकारी नौकरी के लिए छह से ज्यादा बार परीक्षा दे चुका मुन्ना भाई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मात्र सात हजार रुपये के लालच में आकर दूसरे के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। पुलिस ने गुप्त सूचना पर रेड मारी। बीपीटीपी थाना पुलिस ने सेक्टर-89 स्थित मार्डन दिल्ली इंटरनेशनल स्कूल से उत्तर प्रदेश के ऐटा स्थित गांव कटेलिया निवासी जगनेश को गिरफ्तार किया है।
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मुन्ना भाई हुआ गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहर में दो दिन हुई सीईटी-ग्रुप डी (कॉमन एलिजबिलिटी टेस्ट) की लिखित परीक्षा में पुलिस ने चार मामले दर्ज किए। हद तो यह है कि पकड़ा गया एक आरोपी अपनी सरकारी नौकरी के लिए छह से ज्यादा बार परीक्षा दे चुका है। लेकिन कभी पास नहीं हुआ। इसके बाद भी वह अन्य युवाओं को पूरा भरोसा दिला रखा था कि वह उसे पास करवा देगा। एक मुन्ना भाई मात्र सात हजार रुपये के लालच में आकर दूसरे के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। एक अन्य आरोपी दो लाख रुपये के बदले परीक्षा दे रहा था जबकि वह केवल 12वीं कक्षा तक ही पढ़ा है। पुलिस पूरे मामले की कड़ी जोड़ने में जुटी है।
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दोस्त की परीक्षा देने पहुंच था मुन्ना भाई
बीपीटीपी थाना पुलिस ने सेक्टर-89 स्थित मार्डन दिल्ली इंटरनेशनल स्कूल से उत्तर प्रदेश के ऐटा स्थित गांव कटेलिया निवासी जगनेश को गिरफ्तार किया है। वह रोवेश कुमार के नाम पर परीक्षा दे रहा था। दोनों आपस में दोस्त हैं। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर श्री भगवान ने बताया कि आरोपी अपनी सरकारी नौकरी के लिए छह से ज्यादा बार परीक्षा दे चुका है। लेकिन कभी पास नहीं हुआ। इसके बावजूद मूल अभ्यार्थी रोवेश कुमार को भरोसा दिला रखा था कि उसे परीक्षा में पास करा देगा।
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ग्रुप डी में कर चुका है नौकरी
सेक्टर 46 चौकी प्रभारी पीएसआई धर्मपाल ने बताया कि उनकी टीम ने सोनीपत के गांव खेड़ी गुर्जर निवासी विनोद को काबू किया है। आरोपी सुलेख नाम के अभ्यार्थी की जगह परीक्षा दे रहे था। दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं। विनोद मात्र 12वीं कक्षा तक पढ़ा है। वह खुद ग्रुप डी में दो साल नौकरी कर चुका है, लेकिन किसी कारण नौकरी छोड़ दी। विनोद ने दो लाख रुपये में सुलेख के साथ सौदा तय किया था।
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आरोपी छह बार दे चुका है परीक्षा
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह इससे पहले भी करीब पांच से छह बार परीक्षा दे चुका है। आरोपी को दो दिन के रिमांड पर ले रखा है। बल्लभगढ़ की अग्रसेन चौकी प्रभारी एसआई श्रीराम ने बताया कि उनकी टीम ने राजस्थान के जिला झुंझुनू निवासी नरेश तंवर को मूल अभ्यर्थी तनीष कुमार की जगह परीक्षा देते गिरफ्तार किया है। आरोपी नरेश ने 12 वीं तक पढ़ाई की है। मात्र सात हजार रुपये के लिए वह दूसरे की जगह परीक्षा देने आ गया। आरोपी को दिन के रिमांड पर ले रखा है।
सूचना मिलने पर जांच टीम पहुंची थी परीक्षा केंद्र
इस दौरान इसका मोबाइल और पहचान पत्र बरामद करने के साथ ही मामले से जुड़े सभी आरोपियों की जानकारी जुटाई जाएगी। सराय थाना पुलिस ने नीरज नाम के युवक के खिलाफ दूसरे की जगह परीक्षा देने का मामला दर्ज किया है। सूचना मिलने से पहले ही आरोपी परीक्षा केंद्र से निकल गया था।
दस साल कैद और दस लाख तक जुर्माने का है प्रावधान
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, हरियाणा सार्वजनिक परीक्षा भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय एक्ट 2021, सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर जाली कागजात बनाना, योजनाबद्ध तरीके से षडयंत्र करना सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। इन धाराओं में दस साल कैद व दस लाख जुर्माने की सजा का प्रावधान है। फिलहाल आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
इस तकनीक से धरे गए मुन्ना भाई
दरअसल, सरकारी भर्तियों के फॉर्म भरने वाले सभी अभ्यार्थियों का डाटा अब एनटीए ( नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ) की साइट पर अपलोड किया जाता है। परीक्षा के दिन अभ्यार्थी के फोटो, फिंगर प्रिंट, आधार कार्ड आदि की जानकारी दोबारा से एनटीए की साइट पर डाल दी जाती है। साइट पर डाली गई जानकारी को फॉर्म भरते समय दी गई जानकारी से मिलाया जाता है। दोनों जानकारियों में जरा भी अंतर आने पर तुरंत एजेंसी से परीक्षा केंद्र पर संदिग्ध अभ्यार्थी की सूचना दे दी जाती है।