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ढाई हजार फ्लैटों को नग निगम किराए पर देने की बना रहा योजना
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फरीदाबाद। बापू नगर और डबुआ कॉलोनी में लंबे वक्त से खाली पड़े हुए ढाई हजार से अधिक फ्लैटों को अब नगर निगम ने किराए पर देने की योजना बनाई है। मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के क्षेत्रीय समन्वयक डॉ. सुनील पारिक व उनकी टीम ने नगर आयुक्त डॉ. यश गर्ग और योजना के नोडल अधिकारी द्वारका प्रसाद से मुलाकात की।
डॉ. पारिक ने कहा कि फ्लैट्स को अधिक समय तक खाली रखा गया तो यह खंडहर हो जाएंगे। ऐसे में इन फ्लैट को किराए पर देने की योजना बनाई जाए। नगर आयुक्त ने भी सहमति जताते हुए योजना से जुड़े नोडल अधिकारी द्वारका प्रसाद को पूरी रूपरेखा तैयार करने का निर्देश दिया है। इसके बाद नोडल अधिकारी द्वारका प्रसाद, सीनियर आर्किटेक्ट बीएस ढिल्लो के साथ टीम ने डबुआ कॉलोनी और बापू नगर में फ्लैटों का निरीक्षण किया।
नौ साल से फ्लैट बनकर खाली पड़े हैं
जेएनएनयूआरएम योजना के तहत डबुआ कॉलोनी में 38.96 करोड़ की लागत से 1968 मकान व बापू नगर में 25.27 करोड़ रुपये की लागत से 928 मकानों का निर्माण किया गया था। यह कार्य 2006 में शुरू हुआ, जो साल 2011 में तैयार हो गया था। इन फ्लैट में कम आय वाले लोगों को शिफ्ट करने की कवायद शुरू की थी। इसमें पहले चरण में लकड़पुर खोरी के 202 परिवारों को चिन्हित कर डबुआ कॉलोनी में शिफ्ट किया गया था। इसी तरह से बापू नगर वाले फ्लैटों में भी 149 परिवारों को शिफ्ट किया गया था। इसके बाद करीब ढाई हजार फ्लैट अबतक खाली पड़े हैं।
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सोसाइटी के तौर पर तैयार होंगे फ्लैट
सीनियर आर्किटेक्ट बीएस ढिल्लो ने बताया कि खाली पड़े सभी फ्लैटों को हाउसिंग सोसायटी के रूप में विकसित किया जाएगा। जिसमें दुकाने, वर्कशाप भी बनेंगे। सोसाइटी में पार्किंग के लिए भी जगह बनाई जाएगी। इसके अलावा टैरेस गार्डन भी बनाया जाएगा। ताकि लोग सुबह और शाम के समय सैर भी कर सकेंगे।
कोट
फ्लैट्स को हाउसिंग सोसाइटी के रूप में विकसित करने का कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है। प्रोजेक्ट का पूरा जायजा लेेने के बाद कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉ. यश गर्ग, नगर आयुक्त
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डॉ. पारिक ने कहा कि फ्लैट्स को अधिक समय तक खाली रखा गया तो यह खंडहर हो जाएंगे। ऐसे में इन फ्लैट को किराए पर देने की योजना बनाई जाए। नगर आयुक्त ने भी सहमति जताते हुए योजना से जुड़े नोडल अधिकारी द्वारका प्रसाद को पूरी रूपरेखा तैयार करने का निर्देश दिया है। इसके बाद नोडल अधिकारी द्वारका प्रसाद, सीनियर आर्किटेक्ट बीएस ढिल्लो के साथ टीम ने डबुआ कॉलोनी और बापू नगर में फ्लैटों का निरीक्षण किया।
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नौ साल से फ्लैट बनकर खाली पड़े हैं
जेएनएनयूआरएम योजना के तहत डबुआ कॉलोनी में 38.96 करोड़ की लागत से 1968 मकान व बापू नगर में 25.27 करोड़ रुपये की लागत से 928 मकानों का निर्माण किया गया था। यह कार्य 2006 में शुरू हुआ, जो साल 2011 में तैयार हो गया था। इन फ्लैट में कम आय वाले लोगों को शिफ्ट करने की कवायद शुरू की थी। इसमें पहले चरण में लकड़पुर खोरी के 202 परिवारों को चिन्हित कर डबुआ कॉलोनी में शिफ्ट किया गया था। इसी तरह से बापू नगर वाले फ्लैटों में भी 149 परिवारों को शिफ्ट किया गया था। इसके बाद करीब ढाई हजार फ्लैट अबतक खाली पड़े हैं।
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सोसाइटी के तौर पर तैयार होंगे फ्लैट
सीनियर आर्किटेक्ट बीएस ढिल्लो ने बताया कि खाली पड़े सभी फ्लैटों को हाउसिंग सोसायटी के रूप में विकसित किया जाएगा। जिसमें दुकाने, वर्कशाप भी बनेंगे। सोसाइटी में पार्किंग के लिए भी जगह बनाई जाएगी। इसके अलावा टैरेस गार्डन भी बनाया जाएगा। ताकि लोग सुबह और शाम के समय सैर भी कर सकेंगे।
कोट
फ्लैट्स को हाउसिंग सोसाइटी के रूप में विकसित करने का कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है। प्रोजेक्ट का पूरा जायजा लेेने के बाद कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉ. यश गर्ग, नगर आयुक्त