{"_id":"64bc08b90f1d7c189609dd54","slug":"mujesar-residents-will-have-to-wait-more-for-the-underpass-faridabad-news-c-26-1-fbd1004-9714-2023-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: अंडरपास के लिए मुजेसर वासियों को अभी और करना होगा इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: अंडरपास के लिए मुजेसर वासियों को अभी और करना होगा इंतजार
Sat, 22 Jul 2023 10:20 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Sat, 22 Jul 2023 10:20 PM IST
विज्ञापन
- अधिकारियों की लेटलतीफी से लटका रेलवे अंडरपास बनाने का काम
फोटो-तीन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मुजेसर रेलवे फाटक पर अंडरपास बनाने की योजना एक बार फिर अटक गई है। अधिकारियों की लेटलतीफी के कारण लोगों को अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। फाटक से निकल रहे लोगों के बीच हादसे का खतरा बना हुआ है। इस साल जुलाई तक 170 लोगों की जानें रेलवे लाइन पार करने में चली गई है।
दिल्ली-मथुरा रेल खंड के मुजेसर रेलवे फाटक के समीप आजाद नगर और इंदिरा कॉलोनी सहित अन्य झुग्गियों में दो लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण प्रतिदिन सुबह शाम हजारों की संख्या में लोगों का आवागमन होता है। यह गांव को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ता है। मुजेसर रेलवे क्रॉसिंग पर अब ओवरब्रिज की बजाए अंडरपास बनाने की योजना कई वर्ष पुरानी है। लोगों का कहना है कि अंडरपास का काम जल्द शुरू करने के नाम पर स्थानीय विधायक मूलचंद शर्मा ने वाहवाही तो लूट ली, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे है।
-- -- -- -- -- -- -
जमीन के रेट नहीं हुए निर्धारित, एक बार फिर लटका काम
फाटक होने के कारण वाहनों का दबाव हार्डवेयर चौक, बाटा और अजरौंदा-नीलम पुल पर पड़ता है। अंडरपास बन जाने से इस रूट पर जहां एक ओर वाहनों का दबाव कम होगा वहीं लोगों की राह आसान हो जाएगी। जानकारी के मुताबिक अभी जमीन के रेट निर्धारित नहीं हो सके हैं, फाइलें उच्च अधिकारियों को भेजी गई हैं, जमीन के रेट निर्धारित होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
-- -- -- -- -
लोगों से बातचीत
लंबे समय से सुन रहे हैं कि मुजेसर में अंडरपास बनाने की योजना है लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हो सका है। आए दिन लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे है।
- धीरज, मुजेसर
-- -
मंत्री विधायक काम शुरू करने के नाम पर वाहवाही लूट रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं हो रहा है। लोग आए दिन हादसों का शिकार हो रहे है।
- राधेश्याम गुप्ता
वर्जनजमीन के रेट निर्धारित नहीं हो सके हैं। रेट निर्धारित और प्रशासनिक स्वीकृति के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
- राहुल सिंह, डिप्टी जनरल मैनेजर लोक निर्माण विभाग सड़क एवं पुल
विज्ञापन
फोटो-तीन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मुजेसर रेलवे फाटक पर अंडरपास बनाने की योजना एक बार फिर अटक गई है। अधिकारियों की लेटलतीफी के कारण लोगों को अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। फाटक से निकल रहे लोगों के बीच हादसे का खतरा बना हुआ है। इस साल जुलाई तक 170 लोगों की जानें रेलवे लाइन पार करने में चली गई है।
दिल्ली-मथुरा रेल खंड के मुजेसर रेलवे फाटक के समीप आजाद नगर और इंदिरा कॉलोनी सहित अन्य झुग्गियों में दो लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण प्रतिदिन सुबह शाम हजारों की संख्या में लोगों का आवागमन होता है। यह गांव को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ता है। मुजेसर रेलवे क्रॉसिंग पर अब ओवरब्रिज की बजाए अंडरपास बनाने की योजना कई वर्ष पुरानी है। लोगों का कहना है कि अंडरपास का काम जल्द शुरू करने के नाम पर स्थानीय विधायक मूलचंद शर्मा ने वाहवाही तो लूट ली, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे है।
विज्ञापन
जमीन के रेट नहीं हुए निर्धारित, एक बार फिर लटका काम
फाटक होने के कारण वाहनों का दबाव हार्डवेयर चौक, बाटा और अजरौंदा-नीलम पुल पर पड़ता है। अंडरपास बन जाने से इस रूट पर जहां एक ओर वाहनों का दबाव कम होगा वहीं लोगों की राह आसान हो जाएगी। जानकारी के मुताबिक अभी जमीन के रेट निर्धारित नहीं हो सके हैं, फाइलें उच्च अधिकारियों को भेजी गई हैं, जमीन के रेट निर्धारित होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
लोगों से बातचीत
लंबे समय से सुन रहे हैं कि मुजेसर में अंडरपास बनाने की योजना है लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हो सका है। आए दिन लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे है।
- धीरज, मुजेसर
मंत्री विधायक काम शुरू करने के नाम पर वाहवाही लूट रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं हो रहा है। लोग आए दिन हादसों का शिकार हो रहे है।
- राधेश्याम गुप्ता
वर्जनजमीन के रेट निर्धारित नहीं हो सके हैं। रेट निर्धारित और प्रशासनिक स्वीकृति के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
- राहुल सिंह, डिप्टी जनरल मैनेजर लोक निर्माण विभाग सड़क एवं पुल