{"_id":"66a91c674f4612964e0f1410","slug":"mother-had-left-her-job-as-a-lecturer-to-raise-manu-faridabad-news-c-26-1-gnd1001-28371-2024-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: मनु की परवरिश के लिए मां ने छोड़ दी थी लेक्चरर की नौकरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: मनु की परवरिश के लिए मां ने छोड़ दी थी लेक्चरर की नौकरी
Tue, 30 Jul 2024 10:31 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Tue, 30 Jul 2024 10:31 PM IST
विज्ञापन
- पिता मर्चेंट नेवी में करते हैं नौकरी, मां ने संभाला घर, अब नौकरी करने की इच्छा
संदीप वर्मा
फरीदाबाद। मनु भाकर की मां सुमेधा भाकर ने बच्चों की बेहतर परवरिश के लिए लेक्चरर की नौकरी छोड़ दी थी। सुमेधा कहती हैं कि उन्हें नौकरी करना और बच्चों को पढ़ाना पसंद है लेकिन उनकी प्राथमिकता पहले दोनों बच्चे थे। अब मनु इस मुकाम पर पहुंच गई है। अब वह अपनी नौकरी करेंगी। सुमेधा संस्कृत विषय से परास्नातक हैं।
झज्जर में मनु भाकर ने अपनी स्कूली शिक्षा यूनिवर्सल पब्लिक सेकेंडरी स्कूल से पूरी की। इसी स्कूल में मां सुमेधा प्रधानाचार्य थीं। दिल्ली में मनु की तैयारी के लिए उन्होंने झज्जर छोड़ा। सुमेधा ने बताया कि उनका चयन दो बार सरकारी शिक्षक पद के लिए हो गया। इसके अलावा इंटर कॉलेज में लेक्चरर पद के लिए भी उनका चयन हो गया लेकिन उन्होंने पहले दोनों बच्चों की बेहतर परवरिश को चुना। सुमेधा बताती हैं कि मनु के पिता रामकिशन मर्चेंट नेवी में हैं। वह लंबे टूर पर रहते हैं। इस दौरान पूरे घर को संभालना होता है। ऐसे में बाहर नौकरी करने से बच्चाें की देखभाल नहीं हो पाती।
समय नहीं देने के कारण रिश्तेदार रहते थे नाराज
मनु के प्रशिक्षण और देखभाल के लिए उनके पास समय ही कम बचता था। ऐसे में वह बहुत कम ही लोगों से मिल पाती थी। उनका कहना है कि बहुत से लोग उनके इस रवैये से नाराज थे। उन्होंने कहा कि अब मनु ने अपना मुकाम हासिल कर लिया है। ऐसे में वह लोगों के गिले शिकवे दूर करेंगी और सभी से मिलेंगी। इसके अलावा वह दोबारा से अपनी जॉब भी करेंगी और बच्चों को ज्ञान बांटेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
संदीप वर्मा
फरीदाबाद। मनु भाकर की मां सुमेधा भाकर ने बच्चों की बेहतर परवरिश के लिए लेक्चरर की नौकरी छोड़ दी थी। सुमेधा कहती हैं कि उन्हें नौकरी करना और बच्चों को पढ़ाना पसंद है लेकिन उनकी प्राथमिकता पहले दोनों बच्चे थे। अब मनु इस मुकाम पर पहुंच गई है। अब वह अपनी नौकरी करेंगी। सुमेधा संस्कृत विषय से परास्नातक हैं।
झज्जर में मनु भाकर ने अपनी स्कूली शिक्षा यूनिवर्सल पब्लिक सेकेंडरी स्कूल से पूरी की। इसी स्कूल में मां सुमेधा प्रधानाचार्य थीं। दिल्ली में मनु की तैयारी के लिए उन्होंने झज्जर छोड़ा। सुमेधा ने बताया कि उनका चयन दो बार सरकारी शिक्षक पद के लिए हो गया। इसके अलावा इंटर कॉलेज में लेक्चरर पद के लिए भी उनका चयन हो गया लेकिन उन्होंने पहले दोनों बच्चों की बेहतर परवरिश को चुना। सुमेधा बताती हैं कि मनु के पिता रामकिशन मर्चेंट नेवी में हैं। वह लंबे टूर पर रहते हैं। इस दौरान पूरे घर को संभालना होता है। ऐसे में बाहर नौकरी करने से बच्चाें की देखभाल नहीं हो पाती।
विज्ञापन
समय नहीं देने के कारण रिश्तेदार रहते थे नाराज
मनु के प्रशिक्षण और देखभाल के लिए उनके पास समय ही कम बचता था। ऐसे में वह बहुत कम ही लोगों से मिल पाती थी। उनका कहना है कि बहुत से लोग उनके इस रवैये से नाराज थे। उन्होंने कहा कि अब मनु ने अपना मुकाम हासिल कर लिया है। ऐसे में वह लोगों के गिले शिकवे दूर करेंगी और सभी से मिलेंगी। इसके अलावा वह दोबारा से अपनी जॉब भी करेंगी और बच्चों को ज्ञान बांटेंगी।
विज्ञापन