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Faridabad News: फरीदाबाद के महाविद्यालयों में शिक्षकों के 50 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त
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छात्रों की पढ़ाई हो रही है प्रभावित
भारती दुबे
फरीदाबाद। जिले के सरकारी और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी छात्रों की पढ़ाई पर बुरा असर डाल रही है। जिले के अधिकतर कॉलेजों में 50 प्रतिशत से भी अधिक शिक्षकों के पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं। शिक्षकों की कमी सबसे ज्यादा छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित कर रही है।
जिले में सेक्टर- 16 स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय, पंडित जवाहरलाल नेहरू कॉलेज, राजकीय महिला महाविद्यालय नचौली, बल्लभगढ़ स्थित राजकीय महाविद्यालय, राजकीय महाविद्यालय सेक्टर- 23, राजकीय महाविद्यालय खेड़ी गुजरान और राजकीय महाविद्यालय मोहना में शिक्षकों की कमी के चलते गेस्ट फैकल्टी को लेक्चर के लिए बुलाया जा रहा है। गेस्ट फैकल्टी महाविद्यालय में पहुंचकर विषय के हिसाब से पढ़ाकर चले जाते हैं। इससे छात्र विषय पर सही तरीके से ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते और उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
गेस्ट फैकल्टी व्यवस्था अस्थायी साबित हो रही
महाविद्यालयों में पढ़ाई सुचारु रूप से चलाने के लिए फिलहाल गेस्ट फैकल्टी का सहारा लिया जा रहा है, लेकिन यह व्यवस्था अस्थायी साबित हो रही है। कई कॉलेजों में शिक्षकों की संख्या इतनी कम है कि नियमित कक्षाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है।
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अधिकांश महाविद्यालयों में 10 से 12 शिक्षकों की कमी
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि लंबे समय से शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है, जबकि कार्यभार पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गया है। जिले के अधिकांश महाविद्यालयों में 10 से 12 शिक्षकों की कमी बताई जा रही है। इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर हो रहा है। लंबे समय से भर्ती न होना संबंधित विभाग पर सवालिया निशान है।
अतिरिक्त कार्यभार से मौजूद शिक्षकों को परेशानी
विषय विशेषज्ञ न होने से छात्रों को पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। शिक्षकों की कमी के कारण न केवल छात्रों को दिक्कत हो रही है बल्कि अतिरिक्त कार्यभार से मौजूद शिक्षकों की भी परेशानी बढ़ गई है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यदि शिक्षकों की भर्ती की जाए, तो इसका लाभ सीधा छात्रों को होगा और मौजूद शिक्षकों पर भी कम बोझ पड़ेगा।
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वर्जन
लंबे समय से शिक्षकों के स्थान रिक्त पड़े हैं। इससे मौजूद शिक्षकों और छात्रों को काफी परेशानी हो रही है। इसको लेकर जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। -डॉ. रितिका, उच्च जिला शिक्षा अधिकारी
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भारती दुबे
फरीदाबाद। जिले के सरकारी और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी छात्रों की पढ़ाई पर बुरा असर डाल रही है। जिले के अधिकतर कॉलेजों में 50 प्रतिशत से भी अधिक शिक्षकों के पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं। शिक्षकों की कमी सबसे ज्यादा छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित कर रही है।
जिले में सेक्टर- 16 स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय, पंडित जवाहरलाल नेहरू कॉलेज, राजकीय महिला महाविद्यालय नचौली, बल्लभगढ़ स्थित राजकीय महाविद्यालय, राजकीय महाविद्यालय सेक्टर- 23, राजकीय महाविद्यालय खेड़ी गुजरान और राजकीय महाविद्यालय मोहना में शिक्षकों की कमी के चलते गेस्ट फैकल्टी को लेक्चर के लिए बुलाया जा रहा है। गेस्ट फैकल्टी महाविद्यालय में पहुंचकर विषय के हिसाब से पढ़ाकर चले जाते हैं। इससे छात्र विषय पर सही तरीके से ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते और उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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गेस्ट फैकल्टी व्यवस्था अस्थायी साबित हो रही
महाविद्यालयों में पढ़ाई सुचारु रूप से चलाने के लिए फिलहाल गेस्ट फैकल्टी का सहारा लिया जा रहा है, लेकिन यह व्यवस्था अस्थायी साबित हो रही है। कई कॉलेजों में शिक्षकों की संख्या इतनी कम है कि नियमित कक्षाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है।
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अधिकांश महाविद्यालयों में 10 से 12 शिक्षकों की कमी
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि लंबे समय से शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है, जबकि कार्यभार पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गया है। जिले के अधिकांश महाविद्यालयों में 10 से 12 शिक्षकों की कमी बताई जा रही है। इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर हो रहा है। लंबे समय से भर्ती न होना संबंधित विभाग पर सवालिया निशान है।
अतिरिक्त कार्यभार से मौजूद शिक्षकों को परेशानी
विषय विशेषज्ञ न होने से छात्रों को पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। शिक्षकों की कमी के कारण न केवल छात्रों को दिक्कत हो रही है बल्कि अतिरिक्त कार्यभार से मौजूद शिक्षकों की भी परेशानी बढ़ गई है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यदि शिक्षकों की भर्ती की जाए, तो इसका लाभ सीधा छात्रों को होगा और मौजूद शिक्षकों पर भी कम बोझ पड़ेगा।
वर्जन
लंबे समय से शिक्षकों के स्थान रिक्त पड़े हैं। इससे मौजूद शिक्षकों और छात्रों को काफी परेशानी हो रही है। इसको लेकर जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। -डॉ. रितिका, उच्च जिला शिक्षा अधिकारी