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Faridabad News: एनआईटी-5 के पार्क में बंदरों के आतंक
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी-5 क्षेत्र स्थित पार्क में बंदरों की बढ़ती संख्या ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सुबह और शाम टहलने आने वाले लोगों को लगातार बंदरों के झुंड का सामना करना पड़ रहा है, जिससे पार्क में दहशत और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय निवासी रूपेश का कहना है कि पिछले कुछ समय से पार्क और आसपास के इलाके में बंदरों की गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। कई बार बंदर अचानक लोगों पर झपट्टा मार देते हैं या हाथ से सामान छीन लेते हैं, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। लोगों के लिए यह स्थिति अधिक खतरनाक बनती जा रही है, क्योंकि उन्होंने डर के कारण पार्क का रुख करना ही छोड़ दिया है। कई लोग तो डर के कारण बीच रास्ते से ही लौटने को मजबूर हो जाते हैं।
स्थानीय निवासी कविता का कहना है कि पार्क में टहलने आने वाले लोगों के साथ कई घटनाएं हो चुकी हैं, जहां बंदरों ने खाने-पीने का सामान और बैग तक छीन लिए। बच्चों के खेलने के दौरान भी बंदर उनके करीब आ जाते हैं, जिससे लोगों को हर समय सतर्क रहना पड़ता है। सुबह के समय जब पार्क में लोगों की आवाजाही अधिक होती है, तब स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर प्रशासन को शिकायत दी गई है।
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फरीदाबाद। एनआईटी-5 क्षेत्र स्थित पार्क में बंदरों की बढ़ती संख्या ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सुबह और शाम टहलने आने वाले लोगों को लगातार बंदरों के झुंड का सामना करना पड़ रहा है, जिससे पार्क में दहशत और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय निवासी रूपेश का कहना है कि पिछले कुछ समय से पार्क और आसपास के इलाके में बंदरों की गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। कई बार बंदर अचानक लोगों पर झपट्टा मार देते हैं या हाथ से सामान छीन लेते हैं, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। लोगों के लिए यह स्थिति अधिक खतरनाक बनती जा रही है, क्योंकि उन्होंने डर के कारण पार्क का रुख करना ही छोड़ दिया है। कई लोग तो डर के कारण बीच रास्ते से ही लौटने को मजबूर हो जाते हैं।
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स्थानीय निवासी कविता का कहना है कि पार्क में टहलने आने वाले लोगों के साथ कई घटनाएं हो चुकी हैं, जहां बंदरों ने खाने-पीने का सामान और बैग तक छीन लिए। बच्चों के खेलने के दौरान भी बंदर उनके करीब आ जाते हैं, जिससे लोगों को हर समय सतर्क रहना पड़ता है। सुबह के समय जब पार्क में लोगों की आवाजाही अधिक होती है, तब स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर प्रशासन को शिकायत दी गई है।
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