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Faridabad News: मिल्क पाउडर का सैंपल फेल, बच्चों की सेहत से खिलवाड़

Thu, 30 Oct 2025 12:26 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 30 Oct 2025 12:26 AM IST
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Milk powder sample fails, jeopardizing children's health
दिवाली के पास लिया गया था नमूना, छह महीने तक के बच्चों के लिए होता है इस्तेमाल
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में बच्चों की सेहत से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। आईएमटी क्षेत्र स्थित एक कंपनी द्वारा बनाए जा रहे इंफेंट मिल्क पाउडर (शून्य से छह महीने तक के बच्चों के लिए) का सैंपल खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में अनसेफ पाया गया है।

यह रिपोर्ट प्रशासन के साथ-साथ अभिभावकों की चिंता बढ़ा रही है, क्योंकि इस उम्र के बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर होती है और दूषित दूध पाउडर उनके स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकता है।
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खाद्य एवं औषधि प्रशासन के जिला पदेन अधिकारी पृथ्वी सिंह ने बताया कि दिवाली के पास विभाग ने 67 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए थे, जिनमें मिठाइयां, मावा, दूध, दही, बेसन, चटनी और इंफेंट मिल्क पाउडर शामिल थे। इन सैंपल की जांच में अब तक 18 रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं, जिनमें 3 सैंपल फेल पाए गए। फेल सैंपल में एक मावा, एक बेसन और एक इंफेंट मिल्क पाउडर शामिल है।
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रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 5 सैंपल सब-स्टैंडर्ड कैटेगरी में हैं, जिनमें चटनी, दही, मावा और मिठाइयां शामिल हैं। विभाग ने सभी संबंधित कंपनियों और दुकानदारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। डॉ. पृथ्वी सिंह ने बताया कि इंफेंट मिल्क पाउडर न केवल हरियाणा बल्कि देश के अन्य हिस्सों और विदेशों में भी निर्यात किया जाता है। ऐसे में इसका अनसेफ पाया जाना बेहद चिंताजनक है। विभाग ने उत्पाद के बैच को तुरंत बाजार से हटाने और आगे की जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का उत्पाद बच्चों को दिया जाए तो उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे डायरिया, उल्टी, संक्रमण या किडनी और लिवर से जुड़ी गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं। गौरतलब है कि इससे पहले मध्य प्रदेश और राजस्थान में कुछ कफ सिरप कंपनियों की लापरवाही के कारण कई बच्चों की जान जा चुकी है।


खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे मामले में शून्य सहिष्णुता नीति अपनाई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग आने वाले दिनों में आईएमटी क्षेत्र की अन्य कंपनियों पर भी विशेष जांच अभियान चलाएगा ताकि भविष्य में किसी भी बच्चे की जान पर खतरा न आए।
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