मेट्रो का हाल: समय की पटरी से उतर रही मेट्रो,आठ माह बाद भी नहीं सुधरा हाल
- डिस्प्ले सिस्टम और मेट्रो संचालन के बीच नहीं बैठ रहा तालमेल
- भ्रमित हो रहे यात्री
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विस्तार
समय की पाबंद कही जाने वाली मेट्रो फिलहाल फरीदाबाद कॉरिडोर पर समय की पटरी से उतरती दिख रही है। पीक समय में भी इस रूट पर ट्रेनें 35 मिनट तक देर से चल रही हैं। रूट पर इमरजेंसी ब्रेक लगना और स्टेशन से पहले ही ट्रेन को काफी देर तक खड़े रखा जाना नियमित हो चुका है।
डीएमआरसी की ओर से इस समस्या का हल नहीं निकाला जा रहा है। बुधवार की शाम भी नीलम चौक अजरौंदा स्टेशन पर टोकन काउंटर परिसर में लगे डिस्प्ले पर मंडी हाउस की ओर जाने वाली ट्रेन का समय 7:44 मिनट दर्शाया गया।
टोकन लेकर प्लेटफॉर्म पर पहुंचे यात्रियों ने पाया कि यहां डिस्पले में अगली ट्रेन 35 मिनट बाद दर्शाई जा रही थी। वह भी मंडी हाउस के लिए नहीं, बल्कि केंद्रीय सचिवालय के लिए। शहर से रोजाना दिल्ली आने जाने वाले एक यात्री ने बताया कि ट्रेन 28 मिनट बाद 8:12 मिनट पर प्लेटफॉर्म पर आई।
अनाउंसमेंट किया गया कि ट्रेन मंडी हाउस जाएगी। ट्रेन सराय और बदरपुर स्टेशन के बीच करीब दस मिनट ट्रैक पर ही खड़ी रही। इसके बाद इसे प्लेटफॉर्म पर लिया गया।
यात्रियों के मुताबिक, इस ट्रेन को रोककर बदरपुर से टर्मिनेट होने वाली ट्रेन सहित दो अन्य ट्रेनों को रवाना किया गया, फिर इसकी बारी आई।
नीलम चौक अजरौंदा से बदरपुर तक की मेट्रो के मुताबिक 14 मिनट के सफर को तय करने में करीब आधा घंटा लगा। बदरपुर स्टेशन तक तो इस ट्रेन के मंडी हाउस जाने की घोषणा की जा रही थी, स्टेशन पार करते ही इसके केंद्रीय सचिवालय तक जाने की घोषणा की जाने लगी।
नीलम चौक स्थित एक कार्यालय में काम करने वाले कौशिक सेन रोज दिल्ली आते-जाते हैं। उनका कहना है कि सप्ताह में शायद ही कोई ऐसा दिन हो, जब वह समय पर पहुंच सके हों।एनआईटी में रहने वाले अमित भाटिया का कहना है कि मेट्रो ने दावा किया था कि ऑफ पीक समय पर प्रति 7:25 मिनट पर और पीक समय में प्रति 6:40 मिनट पर एक मेट्रो उपलब्ध होगी। डीएमआरसी दावे पर खरा साबित नहीं हो सकी है।
इमरजेंसी ब्रेक लगाना आम बात
यात्रियों के मुताबिक, फरीदाबाद कॉरिडोर पर ट्रेन एक समान गति से नहीं चलाई जाती। खासकर सराय से बदरपुर स्टेशनों के बीच ट्रेन रेंगती है। तेज गति होने पर इमरजेंसी ब्रेक लगाया जाना इन दोनों स्टेशनों के बीच आम बात है।
उनका कहना है कि जैसे चालक को पता ही नहीं होता कि किस गति पर ट्रेन चलानी है अचानक ही इमरजेंसी ब्रेक मार देते हैं और फिर कई मिनट खड़ा रखने के बाद रेंगने की गति से ट्रेन चलाते हैं।
डिस्प्ले भरोसेमंद नहीं
फरीदाबाद कॉरिडोर में मेट्रो स्टेशनों के टोकन काउंटर परिसर और प्लेटफॉर्म पर अगली ट्रेन आने का संभावित समय बताने वाले डिस्प्ले पर यकीन नहीं किया जा सकता। स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म के डिस्प्ले में दर्शाए गए समय में काफी अंतर देखने को मिलता है।
अमित भाटिया कहते हैं कि डिस्प्ले पर भरोसा करने पर आपकी ट्रेन छूट सकती है। उन्होंने बताया कि बुधवार की शाम नीलम अजरौंदा चौक पर ट्रेन को 35 मिनट लेट दिखाया गया, लेकिन ट्रेन 28 मिनट में ही आ गई।
ट्रेनें समय पर ही चलाई जा रही हैं, कभी कभार कोई लोकल फॉल्ट होने पर या चंद मिनट की देर हो जाती है। एक ट्रेन लेट होने से पूरे नेटवर्क की ट्रेनों पर फर्क पड़ता है, इसलिए कोशिश यही रहती है कि सभी ट्रेनें समय से चलें। कभी-कभी डिस्प्ले पर भी गलत सूचना प्रदर्शित हो जाती है। -प्रवक्ता डीएमआरसी