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Faridabad News: डॉक्टरों के ट्रांसफर के खिलाफ मेडिकल के छात्रों ने रैली निकाल किया प्रदर्शन

Thu, 25 May 2023 10:22 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 25 May 2023 10:22 PM IST
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Medical students take out rally against transfer of doctors
- कहा इससे पढ़ाई खराब होगी और मरीजों को भी परेशानी होगी
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फोटो संख्या: 1 से 4
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में डॉक्टर व एकेडमिक स्टाफ के ट्रांसफर के विरोध में बृहस्पतिवार को मेडिकल के विद्यार्थियों ने काली पट्टी बांधकर रैली निकाली और विरोध प्रदर्शन किया। ईएसआईसी प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए। फाइनल ईयर में पढ़ रहे विद्यार्थियों ने कहा कि फैकल्टी के ट्रांसफर होने से पढ़ाई खराब होगी और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा, इसलिए सरकार को ट्रांसफर का आदेश वापस लेना चाहिए।

एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से साढ़े छह लाख ईएसआई कार्ड धारक जुड़े हैं। फरीदाबाद समेत गुरुग्राम, होडल, पलवल, हथीन, सोनीपत, पानीपत, रेवाड़ी और देश के अनेक राज्यों से करीब 4500 मरीज रोजाना इलाज के लिए पहुंचते हैं। कॉलेज में मेडिकल की 100 सीटें हैं। कॉलेज में कुछ विद्यार्थी द्वितीय, तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं कई विद्यार्थियों का इस साल अंतिम सत्र चल रहा है। कॉलेज में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 20 वरिष्ठ डॉक्टरों का फैकल्टी स्टाफ है। यह विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ विभागाध्यक्ष भी हैं। मरीजों को भी देखते हैं। गंभीर मरीजों के इलाज के संबंध में शुरुआत से उन्हें पूरी जानकारी दी है। ट्रांसफर होने से नए डॉक्टर आएंगे और मरीजों का फिर शुरुआत से इलाज शुरू करेंगे। इससे मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। वहीं कई विद्यार्थी एमडी (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) और एमएस (मास्टर ऑफ सर्जरी) कर रहे हैं। ये प्रोफेसर विद्यार्थियों के गाइडर (सलाहकार) भी हैं। एकेडमिक सत्र में एक बार ही सलाहकार बनते हैं, यदि वह बीच में चले जाएं या ट्रांसफर हो जाए तो बीच सत्र में उनकी जगह दूसरा कोई नहीं बन सकता है। इससे विद्यार्थी की रिसर्च पर असर पड़ेगा। दूसरी तरफ हाल ही में श्रम विभाग की ओर से करीब 15 वरिष्ठ फैकल्टी का ट्रांसफर दूसरे राज्यों में कर दिया गया है। इससे लेकर विद्यार्थियों में काफी रोष है। बृहस्पतिवार को छात्रों ने काॅलेज में काली पट्टी बांधकर रैली निकाली। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वरिष्ठ फैकल्टी के ट्रांसफर को रद्द करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने आदेश वापस नहीं लिया तो वह किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। प्रदर्शन में विक्की, हैप्पी डागर, कुलदीप, गौरव गुर्जर, दीपिका, सोनिया, मोनिका, दीप्ति, दीपाली, प्रियंका सहित सैकड़ों विद्यार्थी मौजूद रहे।
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बातचीत
कॉलेज की मुख्य फैकल्टी, प्रोफेसरों का यहां से ट्रांसफर दूसरे राज्यों में कर दिया गया है। इससे हमारी पढ़ाई बाधित होगी। हमारी मांग है कि ट्रांसफर रद्द किया जाए। -कुलदीप, विद्यार्थी
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पढ़ाई के बीच में प्रोफेसरों का ट्रांसफर करना उचित नहीं है। इससे हमारी एमडी की पढ़ाई रिसर्च पर असर पड़ेगा।
- विक्की, विद्यार्थी
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वरिष्ठ प्रोफेसरों के ट्रांसफर करने से मरीजों के साथ विद्यार्थियों को काफी नुकसान होगा, क्योंकि ये वे डॉक्टर है जो अपने-अपने विभागों के अध्यक्ष हैं। मरीजों के इलाज के साथ विद्यार्थियों को भी पढ़ाते हैं। - हैप्पी डागर, विद्यार्थी
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