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मजदूर आवास संघर्ष समिति ने जंतर-मंतर पर शुरू किया सत्याग्रह
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फरीदाबाद। खोरी गांव में तोड़फोड़ की कार्रवाई रोकने की मांग को लेकर मजदूर आवास संघर्ष समिति के सदस्यों ने सोमवार से दिल्ली जंतर-मंतर पर सत्याग्रह शुरू किया। समिति के सदस्यों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती। यह सत्याग्रह जारी रहेगा। खोरी गांव को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है। वहीं समिति की ओर से 24 जून को सुप्रीम कोर्ट में फिर से याचिका दायर की गई है। जिस पर 27 जुलाई को सुनवाई होनी तय है।
अरावली वन क्षेत्र में बसे गांव खोरी में तोड़फोड़ को लेकर सात जून को सुप्रीम कोर्ट ने बस्ती को उजाड़ने के आदेश जारी किए थे। मजदूर आवास संघर्ष समिति ने खोरी गांव की ओर से फिर से एक याचिका अशोक कुमार बनाम स्टेट ऑफ हरियाणा सुप्रीम कोर्ट में 16 जून को फाइल की गई थी। इस पर 17 जून को सुप्रीम कोर्ट ने फिर से खोरी गांव में तोड़फोड़ के आदेश दिए। समिति के सदस्य निर्मल गोहना ने बताया कि आदेश के बाद मजदूर आवास संघर्ष समिति ने 24 जून को फिर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसकी सुनवाई 27 जुलाई को होनी तय है। इस मामले में पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोंसाल्वेस करेंगे।
मजदूर आवास संघर्ष समिति के सदस्यों ने सोमवार से दिल्ली जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन शुरू किया है। इस दौरान समिति के सदस्यों ने भूखे रहकर अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए हरियाणा सरकार को सत्याग्रह के माध्यम से संदेश देने का प्रयास किया। मजदूर आवास संघर्ष समिति की मांग है कि हरियाणा सरकार तत्काल उचित संयुक्त सर्वे कर पुनर्वास का प्लान खोरी गांव के साथ सांझा करें। बिना पुनर्वास के विस्थापन कोरोना महामारी में एक अपराध के समान है।
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अरावली वन क्षेत्र में बसे गांव खोरी में तोड़फोड़ को लेकर सात जून को सुप्रीम कोर्ट ने बस्ती को उजाड़ने के आदेश जारी किए थे। मजदूर आवास संघर्ष समिति ने खोरी गांव की ओर से फिर से एक याचिका अशोक कुमार बनाम स्टेट ऑफ हरियाणा सुप्रीम कोर्ट में 16 जून को फाइल की गई थी। इस पर 17 जून को सुप्रीम कोर्ट ने फिर से खोरी गांव में तोड़फोड़ के आदेश दिए। समिति के सदस्य निर्मल गोहना ने बताया कि आदेश के बाद मजदूर आवास संघर्ष समिति ने 24 जून को फिर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसकी सुनवाई 27 जुलाई को होनी तय है। इस मामले में पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोंसाल्वेस करेंगे।
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मजदूर आवास संघर्ष समिति के सदस्यों ने सोमवार से दिल्ली जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन शुरू किया है। इस दौरान समिति के सदस्यों ने भूखे रहकर अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए हरियाणा सरकार को सत्याग्रह के माध्यम से संदेश देने का प्रयास किया। मजदूर आवास संघर्ष समिति की मांग है कि हरियाणा सरकार तत्काल उचित संयुक्त सर्वे कर पुनर्वास का प्लान खोरी गांव के साथ सांझा करें। बिना पुनर्वास के विस्थापन कोरोना महामारी में एक अपराध के समान है।
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