फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Major irregularities in MGNREGA revealed in CAG audit.

Faridabad News: मनरेगा में बड़ी अनियमितताएं, कैग ऑडिट में खुलासा

Fri, 11 Sep 2026 12:14 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 11 Sep 2026 12:14 AM IST
विज्ञापन
Major irregularities in MGNREGA revealed in CAG audit.
दोहरे जॉब कार्ड से 3.51 लाख रुपये का हुआ फर्जी भुगतान
विज्ञापन



अमर उजाला ब्यूरो

फरीदाबाद। ग्रामीण गरीबों को आजीविका की सुरक्षा और साल में 100 दिन रोजगार की गारंटी देने वाली महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) प्रदेश में अफसरशाही और अनियमितताओं के घेरे में है। नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) की 2026 की ऑडिट रिपोर्ट में फरीदाबाद मंडल में योजना के क्रियान्वयन की गंभीर खामियां सामने आई हैं। कहीं एक ही दिन में सैकड़ों जॉब कार्ड रद्द कर दिए गए तो कहीं दोहरे कार्ड के जरिये सरकारी राशि का दोहरा भुगतान हुआ। रिपोर्ट में मजदूरी के भुगतान में भी 552 दिन तक की देरी सामने आई है।

नूंह में एक दिन में 951 कार्ड रद्द

नूंह जिले की टैन ग्राम पंचायत में 14 दिसंबर 2022 को एक ही दिन में 951 जॉब कार्ड रद्द कर दिए गए। सरकारी रिकॉर्ड में कारण बताया गया कि ग्रामीण काम करने के इच्छुक नहीं थे। हालांकि कैग की जांच में इनमें से 184 ऐसे मजदूर मिले, जो पहले मनरेगा में काम कर चुके थे और काम की मांग कर रहे थे। नूंह जिले की पंचायतों में 263 मामलों में एक ही व्यक्ति या परिवार के नाम पर दो-दो जॉब कार्ड जारी किए गए। इनमें 37 कार्डधारकों ने दोनों कार्ड का इस्तेमाल कर 3.51 लाख रुपये का दोहरा भुगतान हासिल किया।
विज्ञापन


फरीदाबाद-पलवल : 676 करोड़ खर्च, फिर भी 30 फीसदी काम अधूरे

फरीदाबाद और पलवल में मनरेगा के तहत भारी राशि खर्च होने के बावजूद रोजगार सृजन और काम पूरा करने की स्थिति संतोषजनक नहीं रही। दोनों जिलों में कई पंचायतों में सालभर में एक भी मानव दिवस का काम नहीं दिया गया। बड़ी संख्या में पंजीकृत परिवार 50 दिन का रोजगार भी हासिल नहीं कर सके। 100 दिन रोजगार की गारंटी भी अधिकांश परिवारों के लिए कागजों तक सीमित रही। 676 करोड़ खर्च हुए, फिर भी 30 फीसदी काम अधूरे रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


मजदूरी का भुगतान 552 दिन तक अटका

कैग ने फरीदाबाद मंडल में 120 कार्यों से जुड़े 794 मस्टर रोल की जांच की। जांच में सामने आया कि 2.69 करोड़ रुपये की मजदूरी 15 से लेकर 552 दिनों तक नहीं दी गई। नियम के अनुसार 15 दिन से अधिक देरी पर मजदूरों को विलंब मुआवजा मिलना चाहिए, लेकिन किसी भी मजदूर को मुआवजा नहीं दिया गया। वहीं, 676.85 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद केवल 19.21 प्रतिशत स्वीकृत कार्य ही पूरे हुए। वहीं, 50 प्रतिशत से अधिक स्वीकृत कार्य शुरू ही नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article