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नहाय-खाय के साथ छठ की होगी शुरूआत

Tue, 17 Nov 2020 11:00 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 17 Nov 2020 11:00 PM IST
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Mahaparva Chhath starts with Nahay-Khay
बल्लभगढ़ सेक्टर तीन में पूर्वाचंल छठ पूजा सेवा समिति ने तैयार किया घाट । - फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। दिवाली के बाद छठ पूजा के लिए बाजार सज चुके हैं। नहाय-खाय के साथ बुधवार से व्रत की शुरुआत होगी। सूप, कपड़े, मिट्टी के बर्तन जैसी सामग्री की खरीदारी करने के लिए बाजार में एक बार फिर रौनक छा गई है। व्रतियों ने एक दिन पहले ही खरीदारी कर तैयारी पूरी कर ली है। हालांकि, इस बार कोरोना महामारी लोगों की आस्था के सामने बड़ी बाधा बन कर खड़ी है। प्रशासन की ओर से बड़े कार्यक्रम के लिए अभी कोई मंजूरी प्रदान नहीं की गई। इस कारण छठ घाटों पर कार्यक्रम के अभी संशय बरकरार हैं।
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शहर में करीब दो लाख पूर्वांचलवासी रहते हैं। पूर्वांचल के ज्यादातर लोग डबुआ कॉलोनी, प्रेेस कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, सैनिक कॉलोनी, मुजेसर, भूड़ कॉलोनी और बल्लभगढ़ में रहते हैं। छठ पूजा पूर्वांचलवासियों का सबसे बड़ा त्योहार होता है। जिले में चार दिन तक चलने वाले आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत बुधवार को नहाय-खाय के साथ होगी। सामाजिक संगठनों ने भी इसकी तैयारी कर ली है। कई जगह छठ घाटों पर सफाई पूरी कर ली गई है तो कई जगह पूजा सामग्री और फलों से बाजार भी सज गए हैं।
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आज कुल देवी-देवता का करेंगे आह्वान
पूर्वी सेवा समिति के प्रधान सुनील ने बताया कि छठ पर्व के पहले दिन व्रती स्नान-ध्यान कर कुल देवी व देवता का आह्वान कर खाना खाते हैं। बिना लहसुन के भोजन के बाद दातून से दांत साफ करने का रिवाज है। छठ पूजा इस बार 20 नवंबर को है। नहाय खाय के साथ शुरू होने वाले इस पर्व में सूर्य भगवान की विशेष उपासना की जाती है। इस बार छठ पूजा में ग्रह नक्षत्रों का बहुत ही शुभ योग है। इस बार षष्ठी तिथि 19 नवंबर को रात 21:58 पर प्रारंभ होगी। इस दिन सूर्योदय 6 बजकर 48 मिनट पर होगा। इस योग में पूजा करने से परिवार में सुख, शांति धन-समृद्धि बनी रहती है।
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उन्होंने बताया कि इस बार छठ पूजा की शुरुआत रवियोग से हो रही है। इसके साथ ही सूर्य भगवान को अर्घ्य द्विपुष्कर योग में दिया जाएगा। इसके अगले दिन खरना होता है, तीसरे दिन छठ पर्व का प्रसाद तैयार किया जाता है और स्नान कर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। छठ पर्व के चौथे और आखिरी दिन उगते सूर्य की आराधना की जाती है। इस तरह चार दिवसीय छठ पर्व पूर्ण होता है।
अलग-अलग बनाए गए हैं पूजा स्थान
पूर्वांचल छठ पूजा समिति के प्रधान अखिलेश ने बताया छठ पूजा के लिए बनाए जा रहे स्थल को लेकर महामारी कोविड-19 का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पूजा स्थल पर अलग-अलग तरीके से पूजा करने के स्थान बनाएं जा रहे हैं। इसके अलावा घाट को करीब 30 फुट चौड़ा और करीब 100 फुट लंबा बनाया गया है। यहां एक साथ 50 से 70 लोग पूजा कर सकेंगे, जबकि अब से पहले यहां सैकड़ों की संख्या में पूजा किया करते थे।

वर्जन
छठ पूजा के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अलावा वहां सभी नियमों का मजबूती से पालन होगा। छठ पूजा के लिए घाट पर आने वाली महिला के साथ परिवार का एक सदस्य उपस्थित रहे।
- अपराजिता, एसडीएम बल्लभगढ़
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