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बड़ी पार्टियां और सेमिनार नहीं होने से रेस्तरां संचालकों को घाटा

Tue, 24 Aug 2021 11:27 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 24 Aug 2021 11:27 PM IST
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Loss to restaurant operators due to lack of big parties and seminars
Loss to restaurant operators due to lack of big parties and seminars
फरीदाबाद। कोरोना संक्रमण का सबसे बुरा असर होटल और रेस्तरां कारोबार पर पड़ा है। लॉकडाउन खुलने के तीन माह बाद कारोबार में थोड़ा सुधार जरूर हुआ है, लेकिन बड़े सेमिनार और पार्टियां बंद होने से कारोबार अभी भी पटरी पर लौट नहीं पाया है।
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शहर में छोटे-बड़े 150 से अधिक होटल और रेस्तरां हैं। तीन माह पहले सरकार ने कोविड-19 नियमों में ढील देते हुए होटलों और रेस्तरां को खोलने की अनुमति दी थी। होटलों और रेस्तरां में लोगों की चहल-पहल तो शुरू हुई है, लेकिन पहले के मुकाबले काफी कम है। कारोबारियों ने बताया कि अभी कोरोना महामारी का असर है। फिलहाल, कारोबार का पुराने स्वरूप में आना अभी मुश्किल होगा। इसके दो कारण हैं। एक तो लोग खुद ही बाहर जाकर खाने से परहेज कर रहे हैं। बहुत ही जरूरी मौकों पर वे निकलना चाहते हैं।
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शहर के होटलों व रेस्तरां में 20 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है। इसके अलावा 10 से 15 हजार लोग सीधे जुड़े हैं। बाकी लोग इन प्रतिष्ठानों की आवश्यकताओं की आपूर्ति से जुड़े हैं। लॉकडाउन के दौरान होटल व रेस्तरां बंद रहने से कई लोगों का रोजगार छिन गया है। लॉकडाउन खुलने के बाद लोगों को काम पर वापस तो लिया गया, लेकिन अभी भी अधिकांश कर्मचारी बेरोजगार हैं।
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होटलों में रुकना शुरू हो गया है। बाहर जाकर खाने पीने में काफी कमी आई है। इस कारण रेस्तरां बंद हैं। कारपोरेट पार्टी और सेमिनार बंद होने से भी कारोबार में गिरावट आई है। कोविड-19 से बचाव के सभी प्रकार के प्रबंध पूरे हैं।
- कुशल मावई, प्रबंधक फाइनेंस और अकाउंट, गोल्डन ग्लैक्सी होटल, राष्ट्रीय राजमार्ग
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अभी हालात ऐसे नहीं हैं कि खाने-पीने की चीजों पर शौकिया खर्च करें। हालांकि, पहले से कुछ सुधार हुआ है। लोगों के लिए रेस्तरां में खाने पर ऑफर भी दिए जा रहे हैं। इसके बाद भी लोगों का रुझान कम है।

- जितेंद्र चोपड़ा, महाप्रबंधक, होटल गोल्डन ड्री, एनआईटी-5
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मौजूदा वक्त में यह सेक्टर गंभीर संकट से गुजर रहा है। रेस्तरां इंडस्ट्री का राजस्व काफी कम हो गया है। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के कारण ोग बाहर निकलने और रेस्तरां में जाकर खाने से बच रहे हैं। जबकि, हमारी प्राथमिकता ग्राहकों में हाइजीन, सुरक्षा को लेकर भरोसा कायम करना है।
चंदर सिंह, प्रबंधक, होटल द ललित, बदरपुर बॉर्डर
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