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Faridabad News: जेसी बोस विश्वविद्यालय में भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी पर व्याख्यान
Mon, 18 Aug 2025 11:12 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Mon, 18 Aug 2025 11:12 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जेसी बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग ने सोमवार को उभरता भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी परिदृश्य, अवसर, चुनौतियां और आगे की राह विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और रक्षा विश्लेषक ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) आदर्श भारद्वाज रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद गुप्ता और डीन (छात्र कल्याण) प्रो. प्रदीप डिमरी ने संबोधन में ब्रिगेडियर भारद्वाज ने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने गगनयान मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आत्मनिर्भर अंतरिक्ष तकनीक की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने युवाओं को सशस्त्र बलों और अनुसंधान क्षेत्र में कॅरिअर बनाने के लिए प्रेरित किया।
कुलपति प्रोफेसर सुशील कुमार तोमर ने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों को प्रेरित करते हैं और देश की वैज्ञानिक प्रगति में योगदान देने की राह दिखाते हैं। विवेकानंद सभागार में हुए इस सत्र में बड़ी संख्या में छात्र व एनसीसी कैडेट्स मौजूद रहे।
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फरीदाबाद। जेसी बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग ने सोमवार को उभरता भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी परिदृश्य, अवसर, चुनौतियां और आगे की राह विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और रक्षा विश्लेषक ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) आदर्श भारद्वाज रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद गुप्ता और डीन (छात्र कल्याण) प्रो. प्रदीप डिमरी ने संबोधन में ब्रिगेडियर भारद्वाज ने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने गगनयान मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आत्मनिर्भर अंतरिक्ष तकनीक की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने युवाओं को सशस्त्र बलों और अनुसंधान क्षेत्र में कॅरिअर बनाने के लिए प्रेरित किया।
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कुलपति प्रोफेसर सुशील कुमार तोमर ने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों को प्रेरित करते हैं और देश की वैज्ञानिक प्रगति में योगदान देने की राह दिखाते हैं। विवेकानंद सभागार में हुए इस सत्र में बड़ी संख्या में छात्र व एनसीसी कैडेट्स मौजूद रहे।
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