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Faridabad News: वकीलों ने की हड़ताल, किसी केस की नहीं हो पाई सुनवाई
Tue, 25 Apr 2023 06:51 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Tue, 25 Apr 2023 06:51 PM IST
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एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम और वकीलों में टकराव का मामला तूल पकड़ता जा रहा
वकीलों पर दर्ज केस रद्द करने और एसीबी टीम के अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग
फोटो-1 से चार
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अदालत परिसर में रिश्वत लेने के आरोप में पकडे़ गए रीडर व अहलमद की पेशी के दौरान हुए एसीबी और वकीलों में टकराव का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वकीलों पर दर्ज केस को रद्द करने और एसीबी टीम के अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार को जिला बार एसोसिएशन ने कोर्ट में हड़ताल रखी।
वकीलों का दावा है कि दिनभर किसी केस की सुनवाई नहीं हो पाई। अदालत में अपने केस के सिलसिले में आने वाले लोग केवल अदालत में हाजिरी लगाने के बाद वापस लौट गए। अदालत परिसर के मुख्य द्वार पर वकील कुर्सी लगाकर बैठ गए और पुलिस व एंटी करप्शन ब्यूरो टीम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पहले सुबह नौ बजे ही वकीलों ने अदालत की तरफ जाने वाले सभी मार्गों के गेट बंद कर ताले लगा दिए। केवल न्यायाधीशों के आने-जाने के लिए मुख्य द्वार को खुला छोड़ दिया गया। यहां बार एसोसिएशन के पदाधिकारी व अन्य अधिवक्ता बैठे हुए थे। एसोसिएशन के प्रधान राजेश बैंसला का कहना है हड़ताल अनिश्चितकालीन है। जब तक वकीलों पर दर्ज केस वापस नहीं होगा और एसीबी के अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक वकील पीछे नही हटेंगे। हड़ताल में मुख्य रूप से बार एसोसिएशन के प्रधान राजेश बैंसला, महासचिव ओमदत्त शर्मा, एलएन पाराशर, ओपी शर्मा, हरि चेतल, एनके गर्ग, अनिल पाराशर, ललित बैंसला, रविंद्र नागर, मुकेश शर्मा, ललित बैंसला, सूरज चंदीला आदि शामिल रहे।
एंटी करप्शन ब्यूरो ने 18 अप्रैल को भ्रष्टाचार के आरोप में रीडर हंसराज और अहलमद सुमित को गिरफ्तार किया था। अगले दिन दोनों को टीम 19 अप्रैल को कोर्ट लेकर पहुंची, जहां वकील और एंटी करप्शन ब्यूरो के जवानों के बीच झगड़ा हो गया। थाना सेंट्रल पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। ब्यूरो के इंस्पेक्टर राजकुमार ने बार एसोसिएशन के प्रधान राजेश बैंसला व 30-40 वकीलों के खिलाफ केस दर्ज कराया, वहीं प्रधान राजेश बैंसला ने इंस्पेक्टर राजकुमार व मनजीत के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। प्रधान राजेश बैंसला ने भ्रष्टाचार में पकड़े गए दोनों आरोपियों की ओर से उन्होंने एलएन पाराशर, ओमदत्त और कंवर राकेश के साथ वकालतनामा लगाया था। आरोप है कि एसीबी की टीम ने वकीलों के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इंस्पेक्टर राजकुमार व मनजीत ने वकीलों के साथ हाथापाई की और विक्की के हाथ से मोबाइल छीन लिया था, जबकि नीरज के गले से सोने की चेन खींच ली। जब तक वकीलों के खिलाफ दर्ज मामला रद्द नहीं हो जाता, वकील शांत नहीं बैठेंगे। हड़ताल अभी जारी रहेगी।
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वकीलों पर दर्ज केस रद्द करने और एसीबी टीम के अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग
फोटो-1 से चार
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अदालत परिसर में रिश्वत लेने के आरोप में पकडे़ गए रीडर व अहलमद की पेशी के दौरान हुए एसीबी और वकीलों में टकराव का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वकीलों पर दर्ज केस को रद्द करने और एसीबी टीम के अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार को जिला बार एसोसिएशन ने कोर्ट में हड़ताल रखी।
वकीलों का दावा है कि दिनभर किसी केस की सुनवाई नहीं हो पाई। अदालत में अपने केस के सिलसिले में आने वाले लोग केवल अदालत में हाजिरी लगाने के बाद वापस लौट गए। अदालत परिसर के मुख्य द्वार पर वकील कुर्सी लगाकर बैठ गए और पुलिस व एंटी करप्शन ब्यूरो टीम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पहले सुबह नौ बजे ही वकीलों ने अदालत की तरफ जाने वाले सभी मार्गों के गेट बंद कर ताले लगा दिए। केवल न्यायाधीशों के आने-जाने के लिए मुख्य द्वार को खुला छोड़ दिया गया। यहां बार एसोसिएशन के पदाधिकारी व अन्य अधिवक्ता बैठे हुए थे। एसोसिएशन के प्रधान राजेश बैंसला का कहना है हड़ताल अनिश्चितकालीन है। जब तक वकीलों पर दर्ज केस वापस नहीं होगा और एसीबी के अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक वकील पीछे नही हटेंगे। हड़ताल में मुख्य रूप से बार एसोसिएशन के प्रधान राजेश बैंसला, महासचिव ओमदत्त शर्मा, एलएन पाराशर, ओपी शर्मा, हरि चेतल, एनके गर्ग, अनिल पाराशर, ललित बैंसला, रविंद्र नागर, मुकेश शर्मा, ललित बैंसला, सूरज चंदीला आदि शामिल रहे।
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एंटी करप्शन ब्यूरो ने 18 अप्रैल को भ्रष्टाचार के आरोप में रीडर हंसराज और अहलमद सुमित को गिरफ्तार किया था। अगले दिन दोनों को टीम 19 अप्रैल को कोर्ट लेकर पहुंची, जहां वकील और एंटी करप्शन ब्यूरो के जवानों के बीच झगड़ा हो गया। थाना सेंट्रल पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। ब्यूरो के इंस्पेक्टर राजकुमार ने बार एसोसिएशन के प्रधान राजेश बैंसला व 30-40 वकीलों के खिलाफ केस दर्ज कराया, वहीं प्रधान राजेश बैंसला ने इंस्पेक्टर राजकुमार व मनजीत के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। प्रधान राजेश बैंसला ने भ्रष्टाचार में पकड़े गए दोनों आरोपियों की ओर से उन्होंने एलएन पाराशर, ओमदत्त और कंवर राकेश के साथ वकालतनामा लगाया था। आरोप है कि एसीबी की टीम ने वकीलों के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इंस्पेक्टर राजकुमार व मनजीत ने वकीलों के साथ हाथापाई की और विक्की के हाथ से मोबाइल छीन लिया था, जबकि नीरज के गले से सोने की चेन खींच ली। जब तक वकीलों के खिलाफ दर्ज मामला रद्द नहीं हो जाता, वकील शांत नहीं बैठेंगे। हड़ताल अभी जारी रहेगी।
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