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Faridabad News: अलग अदालत बनाने के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर वकील
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- मोहना छांयसा में अदालत का जिला बार एसोसिएशन ने किया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मोहना छांयसा में अलग अदालत बनाने पर जिला बार एसोसिएशन ने नाराजगी व्यक्त की है। एसोसिएशन ने मंगलवार को उच्च न्यायालय के इस फैसले के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का फैसला किया। बार एसोसिएशन के प्रधान राजेश बैंसला ने इसको लेकर सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम के साथ बैठक की। हालांकि इसका कोई नतीजा नहीं निकल सका।
एसोसिएशन के प्रधान ने बताया कि मोहन छांयसा में अदालत लगने से आम जनता और वकीलों की परेशानी बढ़ेगी। न्यायपालिका हमारी एकता को बांटना चाहती है। उन्होंने सवाल किया कि जब शहर में ही न्यायिक परिसर है तो अदालत दूसरी जगह कैसे लगेगी। मोहना शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर है। ऐसे में न्यायपालिका के इस फैसले से मुवक्किल को भी परेशानी होगी।
जब तक हमारी मांगें मानी नहीं जाएंगी, तब तक एसोसिएशन हड़ताल पर रहेगी। कोई भी वकील मोहना छांयसा अदालत में नहीं केस लड़ने नहीं जाएगा। न्यायपालिका जगह-जगह अदालत नहीं लगा सकती है। - राजेश बैंसला, प्रधान, बार एसोसिएशन जिला न्यायालय में लगभग चार हजार वकील बैठते हैं। यहां मुवक्किल के पास विकल्प रहेगा कि चार हजार वकीलों में किसी को भी अपने केस के लिए चुन सकता है। मोहना में अदालत लगने से मुवक्किल का भी खर्च बढ़ेगा। - अजय कुमार सिंह, अधिवक्ता
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वकील लोगों की आवाज उठाते हैं। आज उन्हीं को बांटा जा रहा है। मोहना के बाद धौज और बल्लभगढ़ में भी अदालत बनने जा रही है। इस फैसले से हमको कमजोर किया जा रहा है।- हरबंश गोदारा, अधिवक्ता
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मोहना छांयसा में अलग अदालत बनाने पर जिला बार एसोसिएशन ने नाराजगी व्यक्त की है। एसोसिएशन ने मंगलवार को उच्च न्यायालय के इस फैसले के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का फैसला किया। बार एसोसिएशन के प्रधान राजेश बैंसला ने इसको लेकर सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम के साथ बैठक की। हालांकि इसका कोई नतीजा नहीं निकल सका।
एसोसिएशन के प्रधान ने बताया कि मोहन छांयसा में अदालत लगने से आम जनता और वकीलों की परेशानी बढ़ेगी। न्यायपालिका हमारी एकता को बांटना चाहती है। उन्होंने सवाल किया कि जब शहर में ही न्यायिक परिसर है तो अदालत दूसरी जगह कैसे लगेगी। मोहना शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर है। ऐसे में न्यायपालिका के इस फैसले से मुवक्किल को भी परेशानी होगी।
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जब तक हमारी मांगें मानी नहीं जाएंगी, तब तक एसोसिएशन हड़ताल पर रहेगी। कोई भी वकील मोहना छांयसा अदालत में नहीं केस लड़ने नहीं जाएगा। न्यायपालिका जगह-जगह अदालत नहीं लगा सकती है। - राजेश बैंसला, प्रधान, बार एसोसिएशन जिला न्यायालय में लगभग चार हजार वकील बैठते हैं। यहां मुवक्किल के पास विकल्प रहेगा कि चार हजार वकीलों में किसी को भी अपने केस के लिए चुन सकता है। मोहना में अदालत लगने से मुवक्किल का भी खर्च बढ़ेगा। - अजय कुमार सिंह, अधिवक्ता
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वकील लोगों की आवाज उठाते हैं। आज उन्हीं को बांटा जा रहा है। मोहना के बाद धौज और बल्लभगढ़ में भी अदालत बनने जा रही है। इस फैसले से हमको कमजोर किया जा रहा है।- हरबंश गोदारा, अधिवक्ता