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Faridabad News: खेल नर्सरी की शुरुआत से बच्चों में बढ़ा उत्साह, 70 से अधिक खिलाड़ियों ने कराया पंजीकरण
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बेसबॉल और सॉफ्टबॉल की ट्रेनिंग के लिए उमड़ रहे बच्चे, सुबह-शाम ढाई-ढाई घंटे का अभ्यास
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गांव सुनपेड़ में खेल प्रतिभाओं को निखारने की दिशा में खेल नर्सरी की शुरुआत की गई है। गांव और आसपास के क्षेत्रों के बच्चों में खेलों के प्रति खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बेसबॉल और सॉफ्टबॉल खेलों के लिए अब तक 70 से अधिक बच्चों ने अपना पंजीकरण करा लिया है, जबकि लगातार नए खिलाड़ी भी प्रशिक्षण लेने के लिए पहुंच रहे हैं।
खेल नर्सरी के कोच मनोज और अंजू भाटी ने बताया कि यहां खिलाड़ियों को सुबह और शाम दोनों समय ढाई-ढाई घंटे का नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को खेल की बारीकियां, फिटनेस, तकनीक और अनुशासन से जुड़ी जानकारी भी दी जा रही है, ताकि वे भविष्य में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। वहीं गांव के सरपंच गजेंद्र का कहना है कि खेल नर्सरी शुरू होने से बच्चों को गांव में ही बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। पहले खेल प्रशिक्षण के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता था लेकिन अब स्थानीय स्तर पर ही खिलाड़ियों को उचित मार्गदर्शन और अभ्यास का अवसर मिल रहा है। अभिभावक भी बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए आगे आ रहे हैं। प्रशिक्षकों के अनुसार खेल नर्सरी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और उन्हें नशे फोन व अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखते हुए खेलों के प्रति प्रेरित करना है। आने वाले समय में खिलाड़ियों की संख्या और सुविधाओं में और बढ़ोतरी की योजना है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गांव सुनपेड़ में खेल प्रतिभाओं को निखारने की दिशा में खेल नर्सरी की शुरुआत की गई है। गांव और आसपास के क्षेत्रों के बच्चों में खेलों के प्रति खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बेसबॉल और सॉफ्टबॉल खेलों के लिए अब तक 70 से अधिक बच्चों ने अपना पंजीकरण करा लिया है, जबकि लगातार नए खिलाड़ी भी प्रशिक्षण लेने के लिए पहुंच रहे हैं।
खेल नर्सरी के कोच मनोज और अंजू भाटी ने बताया कि यहां खिलाड़ियों को सुबह और शाम दोनों समय ढाई-ढाई घंटे का नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को खेल की बारीकियां, फिटनेस, तकनीक और अनुशासन से जुड़ी जानकारी भी दी जा रही है, ताकि वे भविष्य में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। वहीं गांव के सरपंच गजेंद्र का कहना है कि खेल नर्सरी शुरू होने से बच्चों को गांव में ही बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। पहले खेल प्रशिक्षण के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता था लेकिन अब स्थानीय स्तर पर ही खिलाड़ियों को उचित मार्गदर्शन और अभ्यास का अवसर मिल रहा है। अभिभावक भी बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए आगे आ रहे हैं। प्रशिक्षकों के अनुसार खेल नर्सरी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और उन्हें नशे फोन व अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखते हुए खेलों के प्रति प्रेरित करना है। आने वाले समय में खिलाड़ियों की संख्या और सुविधाओं में और बढ़ोतरी की योजना है।
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