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Faridabad News: पलवल से सोनीपत को जोड़ने वाले रेल कॉरिडोर की जमीन संबंधी बाधाएं होंगी दूर
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-बाधाएं दूर करने के लिए बनेगा संयुक्त पैनल, जमीन हस्तांतरण में आएगी तेजी
सचिन कुमार
फरीदाबाद। पलवल से सोनीपत को जोड़ने वाली हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना से जुड़े जमीन हस्तांतरण और लंबित क्लीयरेंस के मामलों के निपटारे के लिए एक संयुक्त पैनल के गठन के निर्देश दिए गए हैं। इससे निर्माण कार्य तय समय पर आगे बढ़ सकेंगे। पलवल रेलवे स्टेशन अधीक्षक अरूण ने बताया कि यह पैनल हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम और हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों से मिलकर बनेगा।
पैनल का काम परियोजना के लिए चिन्हित जमीन का निरीक्षण करना, जमीनों की पहचान कर उनका ट्रांसफर सुनिश्चित करना और मौके पर सीमांकन की प्रक्रिया पूरी कराना होगा। प्रशासन का मानना है कि इससे निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं में आ रही देरी दूर होगी। पलवल से सोनीपत को जोड़ने वाला यह रेल कॉरिडोर पलवल से शुरू होकर सोहना और मानेसर बेल्ट से गुजरता है। इस मार्ग पर यह पलवल जिले के पृथला क्षेत्र से होकर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ता है। इस कनेक्टिविटी के कारण फरीदाबाद से सटे औद्योगिक क्षेत्रों और लॉजिस्टिक गतिविधियों को भी लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। मानेसर से पटली के बीच करीब 10 किलोमीटर का हिस्सा पहले ही शुरू हो चुका है, जिससे औद्योगिक इकाइयों को रेल कनेक्टिविटी मिल रही है।
करीब 126 किलोमीटर लंबा यह रेल कॉरिडोर अक्तूबर 2022 में शुरू हुआ था, जो सोहना, मानेसर और खरखौदा के रास्ते पलवल को सोनीपत से जोड़ता है। यह न्यू ताउरू में भी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ेगा और पटली, सुल्तानपुर, असौधा और हरसाना कलां रेलवे स्टेशनों से इसका संपर्क रहेगा। समीक्षा बैठक में राजस्व विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जमीन के मुआवजे और अवॉर्ड वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। अधिकारियों से कहा गया है कि लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए, ताकि परियोजना के काम में किसी तरह की देरी न हो।
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सचिन कुमार
फरीदाबाद। पलवल से सोनीपत को जोड़ने वाली हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना से जुड़े जमीन हस्तांतरण और लंबित क्लीयरेंस के मामलों के निपटारे के लिए एक संयुक्त पैनल के गठन के निर्देश दिए गए हैं। इससे निर्माण कार्य तय समय पर आगे बढ़ सकेंगे। पलवल रेलवे स्टेशन अधीक्षक अरूण ने बताया कि यह पैनल हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम और हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों से मिलकर बनेगा।
पैनल का काम परियोजना के लिए चिन्हित जमीन का निरीक्षण करना, जमीनों की पहचान कर उनका ट्रांसफर सुनिश्चित करना और मौके पर सीमांकन की प्रक्रिया पूरी कराना होगा। प्रशासन का मानना है कि इससे निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं में आ रही देरी दूर होगी। पलवल से सोनीपत को जोड़ने वाला यह रेल कॉरिडोर पलवल से शुरू होकर सोहना और मानेसर बेल्ट से गुजरता है। इस मार्ग पर यह पलवल जिले के पृथला क्षेत्र से होकर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ता है। इस कनेक्टिविटी के कारण फरीदाबाद से सटे औद्योगिक क्षेत्रों और लॉजिस्टिक गतिविधियों को भी लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। मानेसर से पटली के बीच करीब 10 किलोमीटर का हिस्सा पहले ही शुरू हो चुका है, जिससे औद्योगिक इकाइयों को रेल कनेक्टिविटी मिल रही है।
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करीब 126 किलोमीटर लंबा यह रेल कॉरिडोर अक्तूबर 2022 में शुरू हुआ था, जो सोहना, मानेसर और खरखौदा के रास्ते पलवल को सोनीपत से जोड़ता है। यह न्यू ताउरू में भी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ेगा और पटली, सुल्तानपुर, असौधा और हरसाना कलां रेलवे स्टेशनों से इसका संपर्क रहेगा। समीक्षा बैठक में राजस्व विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जमीन के मुआवजे और अवॉर्ड वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। अधिकारियों से कहा गया है कि लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए, ताकि परियोजना के काम में किसी तरह की देरी न हो।
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