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Faridabad News: सार्वजनिक परिवहन की कमी से ईको जैसे वाहनों पर निर्भर हुए लोग
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नोएडा और गुरुग्राम जाने के लिए देने पड़ते हैं अधिक रुपये, हादसे का रहता है खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर के दूर-दराज इलाकों की ओर जाने वाले प्रमुख रूटों पर सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण लोग मजबूरी में ईको जैसे छोटे वाहनों पर निर्भर हो गए हैं। फरीदाबाद से कई बाहरी हिस्सों जैसे नोएडा और गुरुग्राम के लिए पर्याप्त और नियमित बस सेवा न होने की वजह से यात्रियों को रोजाना निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसी कमी का फायदा उठाकर कुछ ईको चालक यात्रियों से तय किराये से अधिक पैसे वसूल रहे हैं और वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां भी बैठाई जा रही हैं। मजबूरी में लोगों को यात्रा करनी पड़ती है।
सुबह और शाम के व्यस्त समय में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब ऑफिस जाने वाले लोग, छात्र-छात्राएं समय पर पहुंचने की मजबूरी में इन वाहनों में सफर करते हैं। कई बार एक ईको में आठ से 10 यात्रियों को ठूंस-ठूंसकर बैठा दिया जाता है, जिससे सफर बेहद असुरक्षित, असुविधाजनक और जोखिम भरा हो जाता है। कई यात्रियों का कहना है कि ओवरलोडिंग के कारण दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है।
फरीदाबाद से इन दूर-दराज रूटों पर यदि सरकारी बस सेवाओं को बढ़ाया जाए, समय पर संचालन सुनिश्चित किया जाए और ईको जैसे वाहनों पर सख्त निगरानी रखी जाए तो यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल लोग मजबूरी में महंगे, असुरक्षित और अव्यवस्थित सफर का सामना कर रहे हैं, जिससे रोजाना हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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रोज नोएडा पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है, लेकिन बसों की कमी के कारण ज्यादा पैसे देकर अन्य वाहनाें में सफर करना पड़ता है। -लक्ष्य
सुबह समय पर काम पर पहुंचना जरूरी होता है, इसलिए ओवरलोड गाड़ी में भी बैठ जाते हैं, लेकिन हर समय डर बना रहता है। - राकेश
किराया तय नहीं रहता, हर बार अलग पैसे मांगे जाते हैं। शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती। - तेजपाल
कई बार ड्राइवर बीच रास्ते में ज्यादा पैसे मांगते हैं और मजबूरी में देने पड़ते हैं क्योंकि दूसरा साधन नहीं मिलता। - रमाकांत
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर के दूर-दराज इलाकों की ओर जाने वाले प्रमुख रूटों पर सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण लोग मजबूरी में ईको जैसे छोटे वाहनों पर निर्भर हो गए हैं। फरीदाबाद से कई बाहरी हिस्सों जैसे नोएडा और गुरुग्राम के लिए पर्याप्त और नियमित बस सेवा न होने की वजह से यात्रियों को रोजाना निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसी कमी का फायदा उठाकर कुछ ईको चालक यात्रियों से तय किराये से अधिक पैसे वसूल रहे हैं और वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां भी बैठाई जा रही हैं। मजबूरी में लोगों को यात्रा करनी पड़ती है।
सुबह और शाम के व्यस्त समय में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब ऑफिस जाने वाले लोग, छात्र-छात्राएं समय पर पहुंचने की मजबूरी में इन वाहनों में सफर करते हैं। कई बार एक ईको में आठ से 10 यात्रियों को ठूंस-ठूंसकर बैठा दिया जाता है, जिससे सफर बेहद असुरक्षित, असुविधाजनक और जोखिम भरा हो जाता है। कई यात्रियों का कहना है कि ओवरलोडिंग के कारण दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है।
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फरीदाबाद से इन दूर-दराज रूटों पर यदि सरकारी बस सेवाओं को बढ़ाया जाए, समय पर संचालन सुनिश्चित किया जाए और ईको जैसे वाहनों पर सख्त निगरानी रखी जाए तो यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल लोग मजबूरी में महंगे, असुरक्षित और अव्यवस्थित सफर का सामना कर रहे हैं, जिससे रोजाना हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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रोज नोएडा पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है, लेकिन बसों की कमी के कारण ज्यादा पैसे देकर अन्य वाहनाें में सफर करना पड़ता है। -लक्ष्य
सुबह समय पर काम पर पहुंचना जरूरी होता है, इसलिए ओवरलोड गाड़ी में भी बैठ जाते हैं, लेकिन हर समय डर बना रहता है। - राकेश
किराया तय नहीं रहता, हर बार अलग पैसे मांगे जाते हैं। शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती। - तेजपाल
कई बार ड्राइवर बीच रास्ते में ज्यादा पैसे मांगते हैं और मजबूरी में देने पड़ते हैं क्योंकि दूसरा साधन नहीं मिलता। - रमाकांत