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Faridabad News: सार्वजनिक परिवहन का अभाव, ईको में सफर की मजबूरी
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निर्धारित किराये से अधिक रुपये देने को मजबूर यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में सार्वजनिक परिवहन की कमी के चलते लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बसों और अन्य साधनों की कमी के कारण लोग मजबूरी में ईको जैसे छोटे पैसेंजर वाहनों पर निर्भर हो गए हैं। इस स्थिति का लाभ उठाकर कुछ ईको चालक यात्रियों से निर्धारित किराये से अधिक पैसे वसूल रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि कई बार दूरी कम होने के बावजूद उनसे ज्यादा किराया लिया जाता है और विरोध करने पर उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है।
इसके साथ ही वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं, जिससे यातायात नियमों का उल्लंघन हो रहा है। ओवरलोडिंग के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है और यात्रियों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सुबह और शाम के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है, जब वाहन पूरी तरह भरे हुए चलते हैं और लोग मजबूरी में जोखिम लेकर सफर करते हैं।
नियमों के अनुसार किसी भी पैसेंजर वाहन में क्षमता से अधिक सवारी बैठाना पूरी तरह गैरकानूनी है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में प्रति अतिरिक्त सवारी 200 से 1500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
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हमें रोजाना मजबूरी में ओवरलोड ईको में सफर करना पड़ता है। कई बार ज्यादा किराया भी देना पड़ता है, इसके अलावा कोई विकल्प नहीं होता।- दिलीप, यात्री
सुबह और शाम के समय बहुत भीड़ रहती है, बैठने तक की जगह नहीं मिलती और जोखिम लेकर सफर करना पड़ता है। - मोहन,यात्री
अगर बसों की सुविधा बढ़े तो हमें ईको पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और यात्रा सुरक्षित हो जाएगी।- नरेश, यात्री
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में सार्वजनिक परिवहन की कमी के चलते लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बसों और अन्य साधनों की कमी के कारण लोग मजबूरी में ईको जैसे छोटे पैसेंजर वाहनों पर निर्भर हो गए हैं। इस स्थिति का लाभ उठाकर कुछ ईको चालक यात्रियों से निर्धारित किराये से अधिक पैसे वसूल रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि कई बार दूरी कम होने के बावजूद उनसे ज्यादा किराया लिया जाता है और विरोध करने पर उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है।
इसके साथ ही वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं, जिससे यातायात नियमों का उल्लंघन हो रहा है। ओवरलोडिंग के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है और यात्रियों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सुबह और शाम के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है, जब वाहन पूरी तरह भरे हुए चलते हैं और लोग मजबूरी में जोखिम लेकर सफर करते हैं।
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नियमों के अनुसार किसी भी पैसेंजर वाहन में क्षमता से अधिक सवारी बैठाना पूरी तरह गैरकानूनी है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में प्रति अतिरिक्त सवारी 200 से 1500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
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हमें रोजाना मजबूरी में ओवरलोड ईको में सफर करना पड़ता है। कई बार ज्यादा किराया भी देना पड़ता है, इसके अलावा कोई विकल्प नहीं होता।- दिलीप, यात्री
सुबह और शाम के समय बहुत भीड़ रहती है, बैठने तक की जगह नहीं मिलती और जोखिम लेकर सफर करना पड़ता है। - मोहन,यात्री
अगर बसों की सुविधा बढ़े तो हमें ईको पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और यात्रा सुरक्षित हो जाएगी।- नरेश, यात्री
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