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Faridabad News: अगवा बैंक मैनेजर को दो दिन बाद पुलिस ने मुक्त कराया
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। क्राइम ब्रांच की टीम ने रविवार देर रात बल्लभगढ़ के सेक्टर-62 से अपहृत बैंक मैनेजर को बुधवार सुबह सकुशल मुक्त करा लिया। पुलिस ने इस मामले में उनके पूर्व किरायेदार दंपती भूपेंद्र और रिशिता को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से फिरौती के रूप में दिए चार लाख रुपये, वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी और तमंचा बरामद किया गया है। भूपेंद्र और रिशिता ने अपहरण कर परिजनों से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। अपहरण का एक आरोपी अभी फरार है।
क्राइम ब्रांच के एसीपी अमन यादव ने कहा कि आरोपियों को कैली गांव बाईपास रोड से गिरफ्तार किया गया है। सतीश दिल्ली में आईसीआईसीआई बैंक में प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्नी गृह मंत्रालय में वैज्ञानिक हैं। एसीपी ने बताया कि 21 अप्रैल की रात करीब दो बजे सतीश गुरुग्राम से किसी मित्र के घर से वापस लौटे थे। घर पर उनकी पत्नी और दोस्त अमित थे। इसी दौरान भूपेंद्र (30) और उसका साथी रविंद्र उनके घर में घुसे। अपहरणकर्ताओं ने हथौड़े से वार कर अमित को जख्मी कर दिया।
सतीश की नाक पर तमंचे से हमला किया और उन्हें बंधक बनाकर उन्हीं की गाड़ी से गुरुग्राम ले गए। आरोपियों के जाने के बाद सतीश की पत्नी ने पुलिस को सूचना दी। आरोपी सतीश को वहां से हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर ले गए। भूपेंद्र इस दौरान अपनी पत्नी रिशिता को भी साथ ले गया। अगले दिन अपहरणकर्ताओं ने प्रबंधक की पत्नी को फोन कर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। परिवार ने अधिक पैसे न होने की बात कही तो फिरौती का मामला पांच लाख में तय हुआ।
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पुलिस के मुताबिक इसके बाद अपहरणकर्ता सतीश को गुरुग्राम, हिमाचल प्रदेश और मथुरा में घुमाते रहे। बदमाशों ने सतीश की पत्नी से सतीश के खाते में एक लाख रुपये मंगवाए। इसके बाद 24 अप्रैल को सुबह 11 बजे बाईपास कैली गांव फरीदाबाद के पास बाकी बचे चार लाख रुपये लाने को कहा।
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चार लाख लेने आए आरोपी को पुलिस ने दबोचा
चार लाख रुपये फिरौती लेने के लिए आरोपी बुधवार सुबह कैली बाईपास पहुंचे। इस दौरान क्राइम ब्रांच की टीम ने घेराबंदी कर रखी थी। पैसे मिलते ही जैसे ही सतीश मुक्त हुए तो टीम ने आरोपी भूपेंद्र और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी भूपेंद्र पलवल के गांव बड़ौली का रहने वाला है। वह पांच माह पहले बैंक मैनेजर के यहां किराये पर रहता था।
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फरीदाबाद। क्राइम ब्रांच की टीम ने रविवार देर रात बल्लभगढ़ के सेक्टर-62 से अपहृत बैंक मैनेजर को बुधवार सुबह सकुशल मुक्त करा लिया। पुलिस ने इस मामले में उनके पूर्व किरायेदार दंपती भूपेंद्र और रिशिता को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से फिरौती के रूप में दिए चार लाख रुपये, वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी और तमंचा बरामद किया गया है। भूपेंद्र और रिशिता ने अपहरण कर परिजनों से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। अपहरण का एक आरोपी अभी फरार है।
क्राइम ब्रांच के एसीपी अमन यादव ने कहा कि आरोपियों को कैली गांव बाईपास रोड से गिरफ्तार किया गया है। सतीश दिल्ली में आईसीआईसीआई बैंक में प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्नी गृह मंत्रालय में वैज्ञानिक हैं। एसीपी ने बताया कि 21 अप्रैल की रात करीब दो बजे सतीश गुरुग्राम से किसी मित्र के घर से वापस लौटे थे। घर पर उनकी पत्नी और दोस्त अमित थे। इसी दौरान भूपेंद्र (30) और उसका साथी रविंद्र उनके घर में घुसे। अपहरणकर्ताओं ने हथौड़े से वार कर अमित को जख्मी कर दिया।
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सतीश की नाक पर तमंचे से हमला किया और उन्हें बंधक बनाकर उन्हीं की गाड़ी से गुरुग्राम ले गए। आरोपियों के जाने के बाद सतीश की पत्नी ने पुलिस को सूचना दी। आरोपी सतीश को वहां से हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर ले गए। भूपेंद्र इस दौरान अपनी पत्नी रिशिता को भी साथ ले गया। अगले दिन अपहरणकर्ताओं ने प्रबंधक की पत्नी को फोन कर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। परिवार ने अधिक पैसे न होने की बात कही तो फिरौती का मामला पांच लाख में तय हुआ।
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पुलिस के मुताबिक इसके बाद अपहरणकर्ता सतीश को गुरुग्राम, हिमाचल प्रदेश और मथुरा में घुमाते रहे। बदमाशों ने सतीश की पत्नी से सतीश के खाते में एक लाख रुपये मंगवाए। इसके बाद 24 अप्रैल को सुबह 11 बजे बाईपास कैली गांव फरीदाबाद के पास बाकी बचे चार लाख रुपये लाने को कहा।
चार लाख लेने आए आरोपी को पुलिस ने दबोचा
चार लाख रुपये फिरौती लेने के लिए आरोपी बुधवार सुबह कैली बाईपास पहुंचे। इस दौरान क्राइम ब्रांच की टीम ने घेराबंदी कर रखी थी। पैसे मिलते ही जैसे ही सतीश मुक्त हुए तो टीम ने आरोपी भूपेंद्र और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी भूपेंद्र पलवल के गांव बड़ौली का रहने वाला है। वह पांच माह पहले बैंक मैनेजर के यहां किराये पर रहता था।