{"_id":"689e325606c297a1ea0be167","slug":"kavach-system-will-soon-be-implemented-on-faridabad-new-delhi-section-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-49232-2025-08-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: फरीदाबाद-नई दिल्ली सेक्शन पर जल्द लागू होगी कवच प्रणाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: फरीदाबाद-नई दिल्ली सेक्शन पर जल्द लागू होगी कवच प्रणाली
विज्ञापन
सोमवार को पलवल-मथुरा सेक्शन पर हुआ सफल ट्रायल, सुरक्षित यात्रा का मिलेगा भरोसा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए फरीदाबाद-नई दिल्ली रेल सेक्शन पर जल्द ही कवच सुरक्षा प्रणाली लागू की जाएगी। इससे पहले सोमवार को पलवल-मथुरा सेक्शन पर इसका सफल ट्रायल किया गया, जिसमें एक बड़ा हादसा टल गया। अब जल्द ही दिल्ली से फरीदाबाद के बीच भी ये ट्रायल करने की तैयारी चल रही है।
गाजियाबाद लोको शेड के वैप-5 और वैप-7 इंजनों से किए गए परीक्षण में एक ही ट्रैक पर आमने-सामने लाई गई दो ट्रेनों को कवच प्रणाली ने खतरा महसूस होते ही 326 मीटर पहले ही स्वतः रोक दिया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस तकनीक से हेड-ऑन कोलिजन, रियर एंड टक्कर और सिग्नल पासिंग डेंजर जैसी दुर्घटनाओं से बचाव संभव है।
कवच प्रणाली ट्रेनों में लगे उपकरणों के माध्यम से ट्रैक, सिग्नल और गति की रियल-टाइम जानकारी लोको पायलट को देती है। खतरे की स्थिति में यह प्रणाली बिना पायलट की कमांड के स्वतः ब्रेक लगा देती है, जिससे ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनी रहती है।
विज्ञापन
अधिकारियों का कहना है कि पलवल-मथुरा सेक्शन में सफल परीक्षण के बाद अब इसे नई दिल्ली-फरीदाबाद सेक्शन पर लागू किया जाएगा। इस तकनीक के आने से यात्रियों को और सुरक्षित यात्रा का भरोसा मिलेगा और रेलवे के सुरक्षा मानकों में उल्लेखनीय सुधार होगा। भविष्य में इसे देश के अन्य प्रमुख रेल मार्गों पर भी लागू करने की योजना है जल्द सफल होने वाली है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए फरीदाबाद-नई दिल्ली रेल सेक्शन पर जल्द ही कवच सुरक्षा प्रणाली लागू की जाएगी। इससे पहले सोमवार को पलवल-मथुरा सेक्शन पर इसका सफल ट्रायल किया गया, जिसमें एक बड़ा हादसा टल गया। अब जल्द ही दिल्ली से फरीदाबाद के बीच भी ये ट्रायल करने की तैयारी चल रही है।
गाजियाबाद लोको शेड के वैप-5 और वैप-7 इंजनों से किए गए परीक्षण में एक ही ट्रैक पर आमने-सामने लाई गई दो ट्रेनों को कवच प्रणाली ने खतरा महसूस होते ही 326 मीटर पहले ही स्वतः रोक दिया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस तकनीक से हेड-ऑन कोलिजन, रियर एंड टक्कर और सिग्नल पासिंग डेंजर जैसी दुर्घटनाओं से बचाव संभव है।
विज्ञापन
कवच प्रणाली ट्रेनों में लगे उपकरणों के माध्यम से ट्रैक, सिग्नल और गति की रियल-टाइम जानकारी लोको पायलट को देती है। खतरे की स्थिति में यह प्रणाली बिना पायलट की कमांड के स्वतः ब्रेक लगा देती है, जिससे ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनी रहती है।
विज्ञापन
अधिकारियों का कहना है कि पलवल-मथुरा सेक्शन में सफल परीक्षण के बाद अब इसे नई दिल्ली-फरीदाबाद सेक्शन पर लागू किया जाएगा। इस तकनीक के आने से यात्रियों को और सुरक्षित यात्रा का भरोसा मिलेगा और रेलवे के सुरक्षा मानकों में उल्लेखनीय सुधार होगा। भविष्य में इसे देश के अन्य प्रमुख रेल मार्गों पर भी लागू करने की योजना है जल्द सफल होने वाली है।