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Faridabad News: नहीं चले जाति-धर्म के मुद्दे, विकास के नाम पर लोगों ने डाले वोट
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घरों से निकले बुजुर्ग और मध्यम आयु वर्ग के लोग, युवा वर्ग में दिखी उदासीनता
संदीप वर्मा
फरीदाबाद। फरीदाबाद नगर निगम चुनावों में रविवार को लोगों ने स्थानीय मुद्दों को लेकर मतदान किया। लोग पेयजल, सीवरेज समस्या, जलभराव, सड़कों की खराब हालत जैसे स्थानीय समस्याओं को लेकर चिंतित दिखे। शहरवासियों ने विकास के नाम पर मतदान करने की बात कही। इस दौरान सुबह से ही घरों से बुजुर्ग और मध्यम आयु वर्ग के लोग निकले और मतदान किया। वहीं, युवा वर्ग में मतदान को लेकर उदासीनता दिखाई दी। इसके चलते मतदान का प्रतिशत शहर में डांवाडोल हो गया। वर्ष 2017 में नगर निगम चुनाव हुए थे। वर्ष 2022 के बाद से नगर निगम चुनाव टलते रहे और तीन वर्ष के इंतजार के बाद नगर निगम दोबारा से गठित करने के लिए मतदान हुआ। पिछले 8 माह में लोकसभा, विधानसभा चुनाव में जाति और धर्म के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे हावी रहे। ऐसे में जनता ने नगर निगम चुनावों में जाति-धर्म और राष्ट्रीय मुद्दाें को पीछे छोड़ दिया। इन मुद्दों के बजाए स्थानीय मुद्दों को ही तरजीह देते हुए लोग वोट देने घरों से निकले। हालांकि, अब 12 मार्च को पता चलेगा कि मतदाता ने किसको अधिक पसंद किया।
पार्षद प्रत्याशियों के कार्य और पहचान पर डाले वोट
एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़, बड़खल विधानसभा क्षेत्रों के वार्डों में मतदान करने वाले लोग पार्षद प्रत्याशियों के कार्य की बात करते दिखे। किस पूर्व पार्षद ने काम नहीं कराया या कौन प्रत्याशी हमेशा किसी भी कार्य में उनकी मदद को आगे आया, उसके आधार पर लोग आकर मतदान करते दिखे। इस दौरान मतदाताओं ने पार्टियों से आगे क्षेत्र से खड़े जान-पहचान वाले प्रत्याशियों को तवज्जो देना बेहतर बताया।
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चार लोगों से बातचीत:
सड़कों, गलियों और सीवर, पेयजल की समस्या का निदान स्थानीय पार्षद ही कराएगा। स्थानीय जान-पहचान वाले पार्षद ही इन कार्यों के लिए आगे आएंगे। ऐसे में मैं तो अपनी पहचान वाले पार्षद प्रत्याशी को मतदान करूंगा।
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अनमोल अरोड़ा, एनआईटी-2
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अभी कुछ माह पहले ही लोकसभा और विधानसभा चुनावों में जाति-धर्म का कार्ड और राष्ट्रीय मुद्दे खूब उछले। अब नगर निगम चुनाव स्थानीय मुद्दे पर है, इसलिए विकास के नाम पर हमने वोट दिया है।
नरेश कुमार, एनआईटी-2
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चुनावों में पार्टियों के प्रत्याशी अपनी जाति और धर्म के अनुसार वोट मांग रहे थे। हमने वार्ड में कार्य करने वाले प्रत्याशी को प्राथमिकता देना बेहतर समझा।
हरीश नौनिहाल, एनआईटी-1
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नगर निगम चुनाव में राष्ट्रीय मुद्दों के नाम पर भी कई प्रत्याशियों ने वोट मांगे हैं। निगम चुनावों में केवल यह राष्ट्रीय मुद्दे नहीं केवल विकास का मुद्दा ही चलेगा।
प्रवीन देवी, एनआईटी-1
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संदीप वर्मा
फरीदाबाद। फरीदाबाद नगर निगम चुनावों में रविवार को लोगों ने स्थानीय मुद्दों को लेकर मतदान किया। लोग पेयजल, सीवरेज समस्या, जलभराव, सड़कों की खराब हालत जैसे स्थानीय समस्याओं को लेकर चिंतित दिखे। शहरवासियों ने विकास के नाम पर मतदान करने की बात कही। इस दौरान सुबह से ही घरों से बुजुर्ग और मध्यम आयु वर्ग के लोग निकले और मतदान किया। वहीं, युवा वर्ग में मतदान को लेकर उदासीनता दिखाई दी। इसके चलते मतदान का प्रतिशत शहर में डांवाडोल हो गया। वर्ष 2017 में नगर निगम चुनाव हुए थे। वर्ष 2022 के बाद से नगर निगम चुनाव टलते रहे और तीन वर्ष के इंतजार के बाद नगर निगम दोबारा से गठित करने के लिए मतदान हुआ। पिछले 8 माह में लोकसभा, विधानसभा चुनाव में जाति और धर्म के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे हावी रहे। ऐसे में जनता ने नगर निगम चुनावों में जाति-धर्म और राष्ट्रीय मुद्दाें को पीछे छोड़ दिया। इन मुद्दों के बजाए स्थानीय मुद्दों को ही तरजीह देते हुए लोग वोट देने घरों से निकले। हालांकि, अब 12 मार्च को पता चलेगा कि मतदाता ने किसको अधिक पसंद किया।
पार्षद प्रत्याशियों के कार्य और पहचान पर डाले वोट
एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़, बड़खल विधानसभा क्षेत्रों के वार्डों में मतदान करने वाले लोग पार्षद प्रत्याशियों के कार्य की बात करते दिखे। किस पूर्व पार्षद ने काम नहीं कराया या कौन प्रत्याशी हमेशा किसी भी कार्य में उनकी मदद को आगे आया, उसके आधार पर लोग आकर मतदान करते दिखे। इस दौरान मतदाताओं ने पार्टियों से आगे क्षेत्र से खड़े जान-पहचान वाले प्रत्याशियों को तवज्जो देना बेहतर बताया।
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चार लोगों से बातचीत:
सड़कों, गलियों और सीवर, पेयजल की समस्या का निदान स्थानीय पार्षद ही कराएगा। स्थानीय जान-पहचान वाले पार्षद ही इन कार्यों के लिए आगे आएंगे। ऐसे में मैं तो अपनी पहचान वाले पार्षद प्रत्याशी को मतदान करूंगा।
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अनमोल अरोड़ा, एनआईटी-2
अभी कुछ माह पहले ही लोकसभा और विधानसभा चुनावों में जाति-धर्म का कार्ड और राष्ट्रीय मुद्दे खूब उछले। अब नगर निगम चुनाव स्थानीय मुद्दे पर है, इसलिए विकास के नाम पर हमने वोट दिया है।
नरेश कुमार, एनआईटी-2
चुनावों में पार्टियों के प्रत्याशी अपनी जाति और धर्म के अनुसार वोट मांग रहे थे। हमने वार्ड में कार्य करने वाले प्रत्याशी को प्राथमिकता देना बेहतर समझा।
हरीश नौनिहाल, एनआईटी-1
नगर निगम चुनाव में राष्ट्रीय मुद्दों के नाम पर भी कई प्रत्याशियों ने वोट मांगे हैं। निगम चुनावों में केवल यह राष्ट्रीय मुद्दे नहीं केवल विकास का मुद्दा ही चलेगा।
प्रवीन देवी, एनआईटी-1