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Faridabad News: तथ्यों के आधार पर सच्चाई सामने लाना ही खोजी पत्रकारिता
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जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बोले खोजी पत्रकारिता विशेषज्ञ उमेश डंग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। खोजी पत्रकारिता का उद्देश्य सनसनी फैलाना नहीं, बल्कि तथ्यों के आधार पर सच्चाई को समाज के सामने लाना है। खोजी पत्रकारिता में केवल खबर जुटाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि तथ्यों की गहन पड़ताल, कानूनी प्रावधानों की समझ और निष्पक्षता भी जरूरी है। यह बातें जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग में खोजी पत्रकारिता पर आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता एवं खोजी मीडिया विशेषज्ञ उमेश डंग ने कहीं। वीकली स्किल बूस्ट शृंखला के तहत आयोजित इस मास्टर क्लास में बीएजेएमसी और एमएजेएमसी के विद्यार्थियों ने खोजी पत्रकार बनने के गुर सीखे।
उमेश डंग ने कहा कि एक पत्रकार की सबसे बड़ी ताकत उसकी विश्लेषणात्मक सोच, धैर्य और निष्पक्षता होती है। उन्होंने न्यूज चैनलों की इनपुट और आउटपुट डेस्क की कार्यप्रणाली समझाते हुए बताया कि किसी खबर को तैयार करने से पहले दस्तावेज की जांच, तथ्यों का मिलान और कई स्तरों पर पुष्टि करना जरूरी है। संवेदनशील मामलों में कानूनी सीमाओं का पालन करने और स्रोतों की गोपनीयता बनाए रखने पर भी जोर दिया।
संवाद सत्र में विद्यार्थियों ने आरटीओ, स्थानीय प्रशासन, विरोध-प्रदर्शनों और जनहित के मुद्दों पर खोजी रिपोर्टिंग से जुड़े सवाल पूछे। उमेश डंग ने उन्हें आसपास की समस्याओं की पहचान कर प्रमाणों के आधार पर रिपोर्टिंग करने के लिए प्रेरित किया। विभागाध्यक्ष प्रो. पवन सिंह ने कहा कि यह मास्टर क्लास विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर रही। इससे उन्हें समझने का मौका मिला कि जिम्मेदार पत्रकारिता में साहस, सत्य, संवेदनशीलता और कानून का समान महत्व है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। खोजी पत्रकारिता का उद्देश्य सनसनी फैलाना नहीं, बल्कि तथ्यों के आधार पर सच्चाई को समाज के सामने लाना है। खोजी पत्रकारिता में केवल खबर जुटाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि तथ्यों की गहन पड़ताल, कानूनी प्रावधानों की समझ और निष्पक्षता भी जरूरी है। यह बातें जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग में खोजी पत्रकारिता पर आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता एवं खोजी मीडिया विशेषज्ञ उमेश डंग ने कहीं। वीकली स्किल बूस्ट शृंखला के तहत आयोजित इस मास्टर क्लास में बीएजेएमसी और एमएजेएमसी के विद्यार्थियों ने खोजी पत्रकार बनने के गुर सीखे।
उमेश डंग ने कहा कि एक पत्रकार की सबसे बड़ी ताकत उसकी विश्लेषणात्मक सोच, धैर्य और निष्पक्षता होती है। उन्होंने न्यूज चैनलों की इनपुट और आउटपुट डेस्क की कार्यप्रणाली समझाते हुए बताया कि किसी खबर को तैयार करने से पहले दस्तावेज की जांच, तथ्यों का मिलान और कई स्तरों पर पुष्टि करना जरूरी है। संवेदनशील मामलों में कानूनी सीमाओं का पालन करने और स्रोतों की गोपनीयता बनाए रखने पर भी जोर दिया।
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संवाद सत्र में विद्यार्थियों ने आरटीओ, स्थानीय प्रशासन, विरोध-प्रदर्शनों और जनहित के मुद्दों पर खोजी रिपोर्टिंग से जुड़े सवाल पूछे। उमेश डंग ने उन्हें आसपास की समस्याओं की पहचान कर प्रमाणों के आधार पर रिपोर्टिंग करने के लिए प्रेरित किया। विभागाध्यक्ष प्रो. पवन सिंह ने कहा कि यह मास्टर क्लास विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर रही। इससे उन्हें समझने का मौका मिला कि जिम्मेदार पत्रकारिता में साहस, सत्य, संवेदनशीलता और कानून का समान महत्व है।
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