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Faridabad News: डीसी के नेतृत्व में होगी किडनी कांड की जांच
Sat, 08 Jul 2023 11:12 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Sat, 08 Jul 2023 11:12 PM IST
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डीसी के नेतृत्व में होगी किडनी कांड की जांच
गृह मंत्री ने दिए आदेश, पति को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर निकाली थी किडनी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। पति को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला की किडनी निकालने के मामले की जांच अब जिला उपायुक्त की निगरानी में होगी। गृहमंत्री अनिल विज ने उपायुक्त के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया है। इसमें डीएसपी, एडीसी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं। कमेटी जांच के बाद मामले की रिपोर्ट गृहमंत्री को सौंपेगी।
शनिवार को पीड़िता ने अंबाला में गृहमंत्री से मुलाकात की। इसके बाद ही आदेश जारी किए गए। दिसंबर 2022 में पलवल के गांव साैंदहद निवासी रिंकी सौरोत ने पुलिस को शिकायत दी थी कि दो साल पहले पति के फेसबुक अकाउंट पर किडनी दान करने का विज्ञापन देखा था। उस पर क्लिक करने के बाद कुछ लोगों ने रिंकी से संपर्क किया। किडनी के बदले आरोपियों ने रिंकी के पति की सरकारी नौकरी लगाने का झांसा दिया। आरोपियों के झांसे में आने पर महिला किडनी देने के लिए सहमत हो गई। उनकी किडनी दिल्ली के विनोद मंगोत्रा को ट्रांसप्लांट की गई।
नियम के तहत परिवार का सदस्य ही किडनी दान कर सकता है। ऐसे में आरोपितों ने विनोद की पत्नी अंबिका के नाम से रिंकी का फर्जी आधार कार्ड और शादी पंजीकरण सर्टिफिकेट बनवाए। सेक्टर-16 क्यूआरजी मैरिंगो अस्पताल में रिंकी की किडनी विनोद को ट्रांसप्लांट की गई। पुलिस ने रिंकी की शिकायत पर विनोद मंगोत्रा, अंबिका, कासिफ रजा उर्फ राजा, तजेंद्र, जयप्रकाश, डॉक्टर श्रीराम और स्वाति के खिलाफ केस दर्ज किया था। मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी जमानत पर बाहर हैं। शनिवार को रिंकी अंबाला में गृहमंत्री के जनता दरबार में पहुंची और शिकायत दी। संवाद
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गृह मंत्री ने दिए आदेश, पति को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर निकाली थी किडनी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। पति को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला की किडनी निकालने के मामले की जांच अब जिला उपायुक्त की निगरानी में होगी। गृहमंत्री अनिल विज ने उपायुक्त के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया है। इसमें डीएसपी, एडीसी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं। कमेटी जांच के बाद मामले की रिपोर्ट गृहमंत्री को सौंपेगी।
शनिवार को पीड़िता ने अंबाला में गृहमंत्री से मुलाकात की। इसके बाद ही आदेश जारी किए गए। दिसंबर 2022 में पलवल के गांव साैंदहद निवासी रिंकी सौरोत ने पुलिस को शिकायत दी थी कि दो साल पहले पति के फेसबुक अकाउंट पर किडनी दान करने का विज्ञापन देखा था। उस पर क्लिक करने के बाद कुछ लोगों ने रिंकी से संपर्क किया। किडनी के बदले आरोपियों ने रिंकी के पति की सरकारी नौकरी लगाने का झांसा दिया। आरोपियों के झांसे में आने पर महिला किडनी देने के लिए सहमत हो गई। उनकी किडनी दिल्ली के विनोद मंगोत्रा को ट्रांसप्लांट की गई।
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नियम के तहत परिवार का सदस्य ही किडनी दान कर सकता है। ऐसे में आरोपितों ने विनोद की पत्नी अंबिका के नाम से रिंकी का फर्जी आधार कार्ड और शादी पंजीकरण सर्टिफिकेट बनवाए। सेक्टर-16 क्यूआरजी मैरिंगो अस्पताल में रिंकी की किडनी विनोद को ट्रांसप्लांट की गई। पुलिस ने रिंकी की शिकायत पर विनोद मंगोत्रा, अंबिका, कासिफ रजा उर्फ राजा, तजेंद्र, जयप्रकाश, डॉक्टर श्रीराम और स्वाति के खिलाफ केस दर्ज किया था। मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी जमानत पर बाहर हैं। शनिवार को रिंकी अंबाला में गृहमंत्री के जनता दरबार में पहुंची और शिकायत दी। संवाद
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