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Faridabad News: आतंकवादी गतिविधियों के नाम पर डराकर महिला इंजीनियर से ठगे 16 लाख रुपये
Fri, 15 Sep 2023 07:46 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Fri, 15 Sep 2023 07:46 PM IST
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कहा- महिला के नाम पर निकला था पार्सल, मुंबई कस्टम ने उसमें पकड़ा नशीला पदार्थ
केस बंद कराने के नाम पर लिए रुपये, साइबर सेल ने दर्ज किया केस
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। आधार कार्ड से पार्सल निकलने और आतंकवादी गतिविधियों में लिंक होने के नाम पर एक महिला से करीब 16 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। आरोपियों ने पीड़ित को बताया कि उनका पार्सल कैंसिल हो गया है, जोकि मुंबई से ताइवान को जाना था। पार्सल में कपड़ों के साथ नशीला पदार्थ था, जिसपर मुंबई पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। महिला ने कहा कि उसने कोई पार्सल नहीं भेजा था। महिला से कहा गया कि फिर उसका आधार कार्ड किसी ने लिंक कर पार्सल भेजा है। केस को बंद करने के नाम पर महिला से लाखों रुपये मांगे गए। थाना बल्लभगढ़ साइबर ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर 7डी निवासी रूचि कुमारी एक निजी कंपनी में इंजीनियर है। पीड़िता ने बताया कि 5 सितंबर को उनके फोन पर फेडेक्स कंपनी मुंबई से कार्तिक का फोन आया। जिसने उनको बताया कि उसका एक पार्सल मुंबई से ताइवान जाना था, जो कैंसिल हो गया है। आरोपी ने कॉल कस्टमर केयर में ट्रांसफर कर दी, जहां पीड़ित महिला ने बताया कि उन्होंने कोई पार्सल नहीं भेजा है। इस पर आरोपी ने कहा कि हो सकता है कि उनका आधार कार्ड कहीं से लिंक हुआ हो, क्योंकि यह पार्सल पीड़ित महिला के नाम पर ही दिखा रहा है। इसे मुंबई पुलिस की तरफ से कस्टम पर रोक दिया गया है। उस पार्सल में तीन किलोग्राम कपड़े, 5 पासपोर्ट, 4 क्रेडिट कार्ड, एक लैपटॉप और 650 ग्राम नशीला पदार्थ है। मुंबई पुलिस ने पीड़ित महिला के नाम पर एफआईआर दर्ज कर ली है। अगर महिला का उस सामान से कोई लेना देना नहीं है, तो उसको मुंबई क्राइम ब्रांच से क्लीयेरेंस लेनी पड़ेगी। उसके बाद दूसरे आरोपी ने उसकी बात तीसरे आरोपी से करवाई। जिसको मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। अधिकारी ने महिला का आधार कार्ड नंबर बताया और कहा कि इस आधार कार्ड से अवैध गतिविधि हो रही है। महिला का आधार कार्ड आतंकवादी गतिविधियों में भी लिंक पाया गया है। फिर आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिये कॉल करके बात की। जिसमें आरोपी ने अपना नाम मिलिंद बाम्बरे मुंबई क्राइम ब्रांच बताया। आधार कार्ड की फोटो व महिला की फोटो सोशल मीडिया के जरिए ले ली। जिसके बाद पीड़ित महिला को धमकाया कि अगर यह केस खत्म करना है तो उसको पैसे देने होंगे। उन्होंने पैसे देने से मना करने पर कहा कि उसके पास फोटो व सारी डिटेल्स है। अगर पैसे नहीं दिए, तो उन फोटो को एडिट करके वायरल कर देंगे। साथ ही उनको व उनके परिवार वालों को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने की वजह से जान से मरवा देंगे। इसी बात के डर से उन्होंने आरोपियों के खाते में कई बार में 16,23,562 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। थाना साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
इन बातों का रखें ध्यान
- इंटरनेट मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने से बचें।
- ऑनलाइन लिंक और इंटरनेट मीडिया पर किसी भी तरह के ऑफर और लालच में न आएं।
- अनजान व्यक्ति से फोन पर बात कर उसके बहकावे में ना आएं।
- अच्छी तरह जांच करने के बाद ही किसी भी बैंक खाते में राशि डालें।
- फेसबुक, ट्विटर आइडी का पासवर्ड स्ट्रांग रखें, सरल पासवर्ड न रखें।
- कोई रुपयों की मांग करता है तो पहले जांच लें या मैसेज करने वाले से फोन पर संपर्क करें।
- बैंक कर्मचारी कभी भी फोन पर बैंक खातों से संबंधित जानकारी नहीं मांगते हैं।
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केस बंद कराने के नाम पर लिए रुपये, साइबर सेल ने दर्ज किया केस
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। आधार कार्ड से पार्सल निकलने और आतंकवादी गतिविधियों में लिंक होने के नाम पर एक महिला से करीब 16 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। आरोपियों ने पीड़ित को बताया कि उनका पार्सल कैंसिल हो गया है, जोकि मुंबई से ताइवान को जाना था। पार्सल में कपड़ों के साथ नशीला पदार्थ था, जिसपर मुंबई पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। महिला ने कहा कि उसने कोई पार्सल नहीं भेजा था। महिला से कहा गया कि फिर उसका आधार कार्ड किसी ने लिंक कर पार्सल भेजा है। केस को बंद करने के नाम पर महिला से लाखों रुपये मांगे गए। थाना बल्लभगढ़ साइबर ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर 7डी निवासी रूचि कुमारी एक निजी कंपनी में इंजीनियर है। पीड़िता ने बताया कि 5 सितंबर को उनके फोन पर फेडेक्स कंपनी मुंबई से कार्तिक का फोन आया। जिसने उनको बताया कि उसका एक पार्सल मुंबई से ताइवान जाना था, जो कैंसिल हो गया है। आरोपी ने कॉल कस्टमर केयर में ट्रांसफर कर दी, जहां पीड़ित महिला ने बताया कि उन्होंने कोई पार्सल नहीं भेजा है। इस पर आरोपी ने कहा कि हो सकता है कि उनका आधार कार्ड कहीं से लिंक हुआ हो, क्योंकि यह पार्सल पीड़ित महिला के नाम पर ही दिखा रहा है। इसे मुंबई पुलिस की तरफ से कस्टम पर रोक दिया गया है। उस पार्सल में तीन किलोग्राम कपड़े, 5 पासपोर्ट, 4 क्रेडिट कार्ड, एक लैपटॉप और 650 ग्राम नशीला पदार्थ है। मुंबई पुलिस ने पीड़ित महिला के नाम पर एफआईआर दर्ज कर ली है। अगर महिला का उस सामान से कोई लेना देना नहीं है, तो उसको मुंबई क्राइम ब्रांच से क्लीयेरेंस लेनी पड़ेगी। उसके बाद दूसरे आरोपी ने उसकी बात तीसरे आरोपी से करवाई। जिसको मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। अधिकारी ने महिला का आधार कार्ड नंबर बताया और कहा कि इस आधार कार्ड से अवैध गतिविधि हो रही है। महिला का आधार कार्ड आतंकवादी गतिविधियों में भी लिंक पाया गया है। फिर आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिये कॉल करके बात की। जिसमें आरोपी ने अपना नाम मिलिंद बाम्बरे मुंबई क्राइम ब्रांच बताया। आधार कार्ड की फोटो व महिला की फोटो सोशल मीडिया के जरिए ले ली। जिसके बाद पीड़ित महिला को धमकाया कि अगर यह केस खत्म करना है तो उसको पैसे देने होंगे। उन्होंने पैसे देने से मना करने पर कहा कि उसके पास फोटो व सारी डिटेल्स है। अगर पैसे नहीं दिए, तो उन फोटो को एडिट करके वायरल कर देंगे। साथ ही उनको व उनके परिवार वालों को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने की वजह से जान से मरवा देंगे। इसी बात के डर से उन्होंने आरोपियों के खाते में कई बार में 16,23,562 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। थाना साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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इन बातों का रखें ध्यान
- इंटरनेट मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने से बचें।
- ऑनलाइन लिंक और इंटरनेट मीडिया पर किसी भी तरह के ऑफर और लालच में न आएं।
- अनजान व्यक्ति से फोन पर बात कर उसके बहकावे में ना आएं।
- अच्छी तरह जांच करने के बाद ही किसी भी बैंक खाते में राशि डालें।
- फेसबुक, ट्विटर आइडी का पासवर्ड स्ट्रांग रखें, सरल पासवर्ड न रखें।
- कोई रुपयों की मांग करता है तो पहले जांच लें या मैसेज करने वाले से फोन पर संपर्क करें।
- बैंक कर्मचारी कभी भी फोन पर बैंक खातों से संबंधित जानकारी नहीं मांगते हैं।