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Faridabad News: सारन थाने के एसएचओ को एक साल पुरानी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश
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मारपीट कर हत्या के मामले में आरोपी की ओर से दायर की गई थी याचिका
20 अप्रैल 2024 की रात 12 बजे से शाम 6 बजे तक सारन थाने के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखवाने की मांग की गई थी
सभी पक्षों को सुनकर अदालत ने दिए फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सारन थाने के एसएचओ को 20 अप्रैल 2024 की रात 12 बजे से शाम 6 बजे तक की थाने की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश अदालत ने दिए हैं। मारपीट कर हत्या के मामले में आरोपी की ओर से दायर की गई याचिका पर संज्ञान लेते हुए सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने ये निर्देश दिए हैं।
सारन थाने में 20 अप्रैल 2024 को मारपीट, हत्या के प्रयास, हत्या व धमकी देने की धारा में एफआईआर दर्ज हुई थी। मामले में जवाहर कॉलोनी निवासी नीरज यादव ने पुलिस को बयान दिया कि सारन थाना एरिया में उनकी दुकान है। 19 अप्रैल 2024 की रात को वो अपने भाई सत्यप्रकाश व दोस्त हरकेश के साथ दुकान पर थे। तभी वहां सारन निवासी गौरव अपने 2 साथियों के साथ आया और डेढ़ महीने पहले हुई कहासुनी को लेकर गाली देने लगा। आरोपी ने कॉल कर अपने अन्य साथियों को बुलाया और सभी ने डंडों व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। जिसमें सत्यप्रकाश की मौत हो गई थी।
अब मामले में गौरव के वकील की ओर से अदालत में याचिका दायर करते हुए अदालत से गुहार लगाई गई कि सारन थाने के एसएचओ को ये निर्देश दिए जाएं कि वो 20 अप्रैल 2024 की रात 12 बजे से शाम 6 बजे तक की थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखे। इसके पीछे दलील दी गई कि इसी फुटेज से साबित होगा कि उसे केस में गलत फंसाया गया है। सर्वोच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ के एक आदेश का हवाला इसके साथ दिया गया। जिसमें सभी थाना परिसर में कम से कम 1 साल तक की फुटेज सुरक्षित रखने के आदेश सर्वोच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ ने दिए थे। फुटेज सुरक्षित न रहने पर उसे नुकसान की दलील दी गई।
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इस पर अभियोजन पक्ष की ओर से जवाब दाखिल किया गया। जिसमें आरोपी की ओर से दायर याचिका को चुनौती देते हुए दलील दी गई कि जिस प्रावधान के तहत इस न्यायालय के समक्ष इसे प्रस्तुत किया गया, उसका उल्लेख आवेदक ने नहीं किया है। इसके साथ ही दलील दी गई कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को केवल 90 दिनों तक ही संरक्षित किया जा सकता है। आरोपी अब ये याचिका इसलिए दायर कर रहा है कि ट्रायल में देरी हो। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने सारन थाने के एसएचओ को फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं ताकि जब जरूरत हो तो वो इसे अदालत में पेश कर सके।
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20 अप्रैल 2024 की रात 12 बजे से शाम 6 बजे तक सारन थाने के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखवाने की मांग की गई थी
सभी पक्षों को सुनकर अदालत ने दिए फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सारन थाने के एसएचओ को 20 अप्रैल 2024 की रात 12 बजे से शाम 6 बजे तक की थाने की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश अदालत ने दिए हैं। मारपीट कर हत्या के मामले में आरोपी की ओर से दायर की गई याचिका पर संज्ञान लेते हुए सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने ये निर्देश दिए हैं।
सारन थाने में 20 अप्रैल 2024 को मारपीट, हत्या के प्रयास, हत्या व धमकी देने की धारा में एफआईआर दर्ज हुई थी। मामले में जवाहर कॉलोनी निवासी नीरज यादव ने पुलिस को बयान दिया कि सारन थाना एरिया में उनकी दुकान है। 19 अप्रैल 2024 की रात को वो अपने भाई सत्यप्रकाश व दोस्त हरकेश के साथ दुकान पर थे। तभी वहां सारन निवासी गौरव अपने 2 साथियों के साथ आया और डेढ़ महीने पहले हुई कहासुनी को लेकर गाली देने लगा। आरोपी ने कॉल कर अपने अन्य साथियों को बुलाया और सभी ने डंडों व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। जिसमें सत्यप्रकाश की मौत हो गई थी।
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अब मामले में गौरव के वकील की ओर से अदालत में याचिका दायर करते हुए अदालत से गुहार लगाई गई कि सारन थाने के एसएचओ को ये निर्देश दिए जाएं कि वो 20 अप्रैल 2024 की रात 12 बजे से शाम 6 बजे तक की थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखे। इसके पीछे दलील दी गई कि इसी फुटेज से साबित होगा कि उसे केस में गलत फंसाया गया है। सर्वोच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ के एक आदेश का हवाला इसके साथ दिया गया। जिसमें सभी थाना परिसर में कम से कम 1 साल तक की फुटेज सुरक्षित रखने के आदेश सर्वोच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ ने दिए थे। फुटेज सुरक्षित न रहने पर उसे नुकसान की दलील दी गई।
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इस पर अभियोजन पक्ष की ओर से जवाब दाखिल किया गया। जिसमें आरोपी की ओर से दायर याचिका को चुनौती देते हुए दलील दी गई कि जिस प्रावधान के तहत इस न्यायालय के समक्ष इसे प्रस्तुत किया गया, उसका उल्लेख आवेदक ने नहीं किया है। इसके साथ ही दलील दी गई कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को केवल 90 दिनों तक ही संरक्षित किया जा सकता है। आरोपी अब ये याचिका इसलिए दायर कर रहा है कि ट्रायल में देरी हो। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने सारन थाने के एसएचओ को फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं ताकि जब जरूरत हो तो वो इसे अदालत में पेश कर सके।