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Faridabad News: अचीवर्स सोसाइटी में टैंकरों से मुफ्त और निर्बाध पानी उपलब्ध कराने के निर्देश
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शिकायत पर मानवाधिकार आयोग सख्त, नगर निगम और एफएमडीए से जवाब तलब
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-49 स्थित अचीवर्स सोसाइटी (कालिंदी हिल) में करीब 500 परिवारों को 20 साल से नियमित सार्वजनिक जलापूर्ति नहीं मिलने की शिकायत पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने सख्ती दिखाई है। आयोग ने नगर निगम फरीदाबाद और फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं, स्थायी व्यवस्था होने तक सोसाइटी के लोगों को सरकारी टैंकरों से मुफ्त और निर्बाध पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सोसाइटी निवासियों की ओर से आयोग में दायर शिकायत में बताया गया कि सोसाइटी का विकास वर्ष 2004-05 में टीपी-तीन योजना के तहत हुआ था। शुरुआत में सोसाइटी के भीतर मौजूद बोरवेल से पानी की जरूरत पूरी होती थी। जरूरत पड़ने पर निजी टैंकर भी मंगवाए जाते थे। समय के साथ बोरवेल सूख गए। इसके बाद से परिवारों को रोजमर्रा की जरूरत के लिए निजी टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, यह केवल कम या अनियमित जलापूर्ति का मामला नहीं है, बल्कि सोसाइटी में पिछले दो दशक से नियमित सार्वजनिक जलापूर्ति की व्यवस्था ही नहीं है। करीब 500 परिवारों को निजी टैंकरों पर लगातार खर्च करना पड़ रहा है। शिकायत में टैंकरों से मिलने वाले पानी की पर्याप्तता और गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं। निवासियों ने स्थायी सार्वजनिक जलापूर्ति व्यवस्था के साथ अंतरिम तौर पर सरकारी टैंकर उपलब्ध कराने की मांग की थी।
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नगर निगम से पूछा, अब तक क्यों नहीं पहुंची सार्वजनिक जलापूर्ति
आयोग ने नगर निगम आयुक्त और एफएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से रिपोर्ट तलब की है। अधिकारियों से पूछा गया है कि अचीवर्स सोसाइटी में सार्वजनिक जलापूर्ति का नेटवर्क उपलब्ध है या नहीं। यदि नहीं है तो इसके पीछे क्या कारण हैं। मौजूदा बोरवेल और पानी के अन्य स्रोतों की स्थिति भी बताने को कहा गया है। रिपोर्ट में वर्तमान में उपलब्ध पानी की मात्रा और गुणवत्ता, सरकारी या निजी टैंकरों से की जा रही आपूर्ति तथा निवासियों की ओर से दी गई शिकायतों पर हुई कार्रवाई का ब्योरा मांगा गया है। अधिकारियों को यह भी बताना होगा कि पिछले 20 वर्षों से नियमित सार्वजनिक जलापूर्ति नहीं होने के क्या कारण रहे और स्थायी जलापूर्ति के लिए अब क्या कदम उठाए जाएंगे। मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर 2026 को होगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-49 स्थित अचीवर्स सोसाइटी (कालिंदी हिल) में करीब 500 परिवारों को 20 साल से नियमित सार्वजनिक जलापूर्ति नहीं मिलने की शिकायत पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने सख्ती दिखाई है। आयोग ने नगर निगम फरीदाबाद और फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं, स्थायी व्यवस्था होने तक सोसाइटी के लोगों को सरकारी टैंकरों से मुफ्त और निर्बाध पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सोसाइटी निवासियों की ओर से आयोग में दायर शिकायत में बताया गया कि सोसाइटी का विकास वर्ष 2004-05 में टीपी-तीन योजना के तहत हुआ था। शुरुआत में सोसाइटी के भीतर मौजूद बोरवेल से पानी की जरूरत पूरी होती थी। जरूरत पड़ने पर निजी टैंकर भी मंगवाए जाते थे। समय के साथ बोरवेल सूख गए। इसके बाद से परिवारों को रोजमर्रा की जरूरत के लिए निजी टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है।
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शिकायतकर्ताओं के अनुसार, यह केवल कम या अनियमित जलापूर्ति का मामला नहीं है, बल्कि सोसाइटी में पिछले दो दशक से नियमित सार्वजनिक जलापूर्ति की व्यवस्था ही नहीं है। करीब 500 परिवारों को निजी टैंकरों पर लगातार खर्च करना पड़ रहा है। शिकायत में टैंकरों से मिलने वाले पानी की पर्याप्तता और गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं। निवासियों ने स्थायी सार्वजनिक जलापूर्ति व्यवस्था के साथ अंतरिम तौर पर सरकारी टैंकर उपलब्ध कराने की मांग की थी।
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नगर निगम से पूछा, अब तक क्यों नहीं पहुंची सार्वजनिक जलापूर्ति
आयोग ने नगर निगम आयुक्त और एफएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से रिपोर्ट तलब की है। अधिकारियों से पूछा गया है कि अचीवर्स सोसाइटी में सार्वजनिक जलापूर्ति का नेटवर्क उपलब्ध है या नहीं। यदि नहीं है तो इसके पीछे क्या कारण हैं। मौजूदा बोरवेल और पानी के अन्य स्रोतों की स्थिति भी बताने को कहा गया है। रिपोर्ट में वर्तमान में उपलब्ध पानी की मात्रा और गुणवत्ता, सरकारी या निजी टैंकरों से की जा रही आपूर्ति तथा निवासियों की ओर से दी गई शिकायतों पर हुई कार्रवाई का ब्योरा मांगा गया है। अधिकारियों को यह भी बताना होगा कि पिछले 20 वर्षों से नियमित सार्वजनिक जलापूर्ति नहीं होने के क्या कारण रहे और स्थायी जलापूर्ति के लिए अब क्या कदम उठाए जाएंगे। मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर 2026 को होगी।