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Faridabad News: हिट एंड रन की बजाय हल्की धारा में दर्ज की एफआईआर, अदालत ने स्कॉर्पियो चालक को अग्रिम जमानत देने से किया इंकार

Fri, 10 Oct 2025 01:01 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 10 Oct 2025 01:01 AM IST
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Instead of hit-and-run, the FIR was filed in a minor category, the court refused to grant anticipatory bail to the Scorpio driver.
अदालत ने कहा आईओ जांच को सीनियर से सत्यापित करवाए, एक सप्ताह के भीतर मांगी रिपोर्ट
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बल्लभगढ़ सदर थाने में 13 सितंबर को दर्ज हुई थी एफआईआर
सोनू यादव
फरीदाबाद। मिर्जापुर गांव में 12 साल के बच्चे को कुचलते हुए चालक स्कॉर्पियो को मौके से भगा ले गया। हिट एंड रन के इस केस में बल्लभगढ़ सदर थाना पुलिस ने बीएनएस में लागू हुई हिट एंड रन की धारा की बजाय हल्की धारा लगा दी। स्कॉर्पियो चालक फरमान की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ने ये मुद्दा अदालत में उठाया।
सभी पक्षों को सुनकर अदालत ने जांच अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वो अपनी जांच को सीनियर पुलिस अधिकारी से सत्यापित कराए। सीनियर पुलिस अधिकारी ये जांच करेंगे कि क्या इस मामले में अपराध के लिए एफआईआर कानून के अनुसार सही ढंग से दर्ज की गई है। यदि नहीं तो एफआईआर में आवश्यक संशोधन करे और 7 दिन के भीतर अदालत में रिपोर्ट पेश करे। इसके साथ ही अदालत ने स्कॉर्पियो चालक को अग्रिम जमानत देने से भी इंकार कर दिया।
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बल्लभगढ़ सदर थाने में ये एफआईआर 13 सितंबर को बीएनएस की धारा 281 व 106 (1) के तहत दर्ज की गई थी। यह हादसा मिर्जापुर गांव में 12 सितंबर की दोपहर लगभग साढ़े 3 बजे हुआ था। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो चालक ने 12 साल के बच्चे को कुचला और मौके से कार को भगा ले गया। हादसे में बच्चे की मौत हो गई। पास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में स्कॉर्पियो का नंबर पता लगा। मामले में अब मेरठ निवासी फरमान के अधिवक्ता ने अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दलील दी कि कार पहले ही बरामद की जा चुकी है। इसका नाम भी एफआईआर में नहीं था और पुलिस बेवजह परेशान कर रही है। यह हादसे के समय कार चला रहा था और बगैर किसी इरादे से ये हादसा हुआ।
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वहीं जांच अधिकारी ने याचिका का विरोध करते हुए दलील दी कि ये हिट एंड रन का मामला है। कार को चालक काफी तेज गति व लापरवाही से चला रहा था और इससे लगता है कि वो कार चलाते समय नशे में था।
वहीं मामले में बच्चे के परिवार के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि केस में हल्की धाराएं लगी हैं। ये हिट एंड रन का मामला है और कार के शीशों पर भी काली फिल्म थी। चालक व कार मालिक को ये जानकारी थी कि वे रिहायशी इलाके में कार को तेज गति व लापरवाही से चलाएंगे तो हादसा हो सकता है।
पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 106(1) और 281 लगाई है। 106(1) धारा के तहत पांच साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। धारा 281 के तहत 6 माह तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। वहीं बीएनएस की धारा 106(2) में 10 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। बीएनएस में हिट एंड रन को लेकर ये धारा है।

अदालत ने सीसीटीवी फुटेज देखकर कहा कि संकरी सड़क और रिहायशी इलाका होने के बावजूद कार को चालक तेज गति व लापरवाही से चला रहा है। ऐसे में संबंधित एसएचओ की ओर से बीएनएस की धारा 106(2) के तहत एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए थी।
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