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एक माह से पोर्टल पर नहीं अपलोड हुआ संक्रमितों का डाटा
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फरीदाबाद। कोरोना संक्रमण के मामलों में राहत का दम भर रहे स्वास्थ्य विभाग ने बीते एक माह में एंटीजन जांच में संक्रमित मिले लोगों का डाटा भी अपलोड नहीं किया। 15 अप्रैल से एंटीजन जांच के सहारे ही स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमितों की ट्रेसिंग करने का दावा कर रहा है, लेकिन आईसीएमआर पोर्टल पर इसे अपलोड नहीं करने से काफी लोग उस समय इलाज के अभाव में रह गए। हालांकि इस बीच कई संक्रमितों की मौत हो गई और कुछ ने निजी स्तर पर इलाज लेकर खुद को स्वस्थ कर लिया। वहीं, विभागीय टीम अब डाटा अपलोड होने के बाद इन लोगों के घरों पर दस्तक देकर उनके संक्रमित होने के आंकड़े तैयार कर रही है।
आशा वर्कर्स कर रहीं मरीजों की खोज
एनआईटी क्षेत्र संक्रमण का गढ़ है। जहां जिले के करीब 40 फीसदी मामले मिले हैं। बावजूद इसके अप्रैल के आखिरी सप्ताह से मौजूदा समय तक संक्रमित मिले मरीजों का डाटा ही स्थानीय कर्मियों के पास नहीं पहुंचा। अब जब डाटा तैयार किया गया है, तो पता चला कि 23 अप्रैल, 30 अप्रैल, एक मई, तीन मई और पांच मई को कराई गई रैपिड एंटीजन जांच में काफी लोग संक्रमित हैं। इनमें से कई मरीज अब अपने मौजूदा पते पर नहीं हैं। एनआईटी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शहरी स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को कई संक्रमितों की सूची पहुंची। आशा वर्कर परवेश ने इन संक्रमितों से संपर्क करने की प्रयास किया तो पता चला कि एक मरीज 23 अप्रैल को संक्रमित आया था। मौजूदा समय में वह अपने स्थानीय पते पर नहीं है। वहीं, अन्य लोगों को भी उनकी कोई जानकारी नहीं। इसी तरह एक दंपति के संक्रमण की पुष्टि एक मई को हुई थी। जिसकी सूची आशा कार्यकर्ता को 22 मई को मिली। दोनों ने होम आइसोलेशन में ही संक्रमण को मात दे दी। इस बीच किसी स्वास्थ्य कर्मी ने उनसे संपर्क नहीं किया।
कैल्शियम-विटामिन और बुखार की दे रहे दवा
कोरोना संक्रमण को मात देकर स्वस्थ होने के लिए घर में उपचाराधीन मरीजों को कैल्शियम-विटामिन और बुखार की गोली होम आइसोलेशन किट के नाम पर दी जा रही है। उधर, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि होम आइसोलेट मरीजों को भाप मशीन, ऑक्सीमीटर के साथ अन्य जरूरी दवाएं देने का दावा किया जा रहा है। उधर, आशा कार्यकर्ताओं का दावा है कि आज तक उन्हें किसी मरीज के लिए होम आइसोलेशन किट के नाम पर कोई स्वास्थ्य उपकरण वितरण करने के लिए नहीं दिए गए हैं। होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को केवल तीन से चार तरह के दवा के पत्ते दे रही हैं। मरीजों की जानकारी भी डॉक्टर नहीं बल्कि नर्स ले रही हैं।
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पुलिसकर्मियों को वेलफेयर फंड दे रहा किट
पुलिस आयुक्त ओपी सिंह का दावा है कि सभी पुलिस कर्मियों को पुलिस वेलफेयर फंड से ट्रीटमेंट किट मुहैया कराई जा रही है। इस माह 14 मई तक जिले के 296 पुुलिस कर्मियों में संक्रमण की पुष्टि हुई। इन्हें विभाग के फंड से ट्रीटमेंट किट मुहैया कराई गई। इसमें स्टीमर, थर्मामीटर, गॉगलपोवीडोन, आयोडीन सॉल्यूशन, विटामिन डी-3, काढ़ा, मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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आशा वर्कर्स कर रहीं मरीजों की खोज
एनआईटी क्षेत्र संक्रमण का गढ़ है। जहां जिले के करीब 40 फीसदी मामले मिले हैं। बावजूद इसके अप्रैल के आखिरी सप्ताह से मौजूदा समय तक संक्रमित मिले मरीजों का डाटा ही स्थानीय कर्मियों के पास नहीं पहुंचा। अब जब डाटा तैयार किया गया है, तो पता चला कि 23 अप्रैल, 30 अप्रैल, एक मई, तीन मई और पांच मई को कराई गई रैपिड एंटीजन जांच में काफी लोग संक्रमित हैं। इनमें से कई मरीज अब अपने मौजूदा पते पर नहीं हैं। एनआईटी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शहरी स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को कई संक्रमितों की सूची पहुंची। आशा वर्कर परवेश ने इन संक्रमितों से संपर्क करने की प्रयास किया तो पता चला कि एक मरीज 23 अप्रैल को संक्रमित आया था। मौजूदा समय में वह अपने स्थानीय पते पर नहीं है। वहीं, अन्य लोगों को भी उनकी कोई जानकारी नहीं। इसी तरह एक दंपति के संक्रमण की पुष्टि एक मई को हुई थी। जिसकी सूची आशा कार्यकर्ता को 22 मई को मिली। दोनों ने होम आइसोलेशन में ही संक्रमण को मात दे दी। इस बीच किसी स्वास्थ्य कर्मी ने उनसे संपर्क नहीं किया।
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कैल्शियम-विटामिन और बुखार की दे रहे दवा
कोरोना संक्रमण को मात देकर स्वस्थ होने के लिए घर में उपचाराधीन मरीजों को कैल्शियम-विटामिन और बुखार की गोली होम आइसोलेशन किट के नाम पर दी जा रही है। उधर, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि होम आइसोलेट मरीजों को भाप मशीन, ऑक्सीमीटर के साथ अन्य जरूरी दवाएं देने का दावा किया जा रहा है। उधर, आशा कार्यकर्ताओं का दावा है कि आज तक उन्हें किसी मरीज के लिए होम आइसोलेशन किट के नाम पर कोई स्वास्थ्य उपकरण वितरण करने के लिए नहीं दिए गए हैं। होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को केवल तीन से चार तरह के दवा के पत्ते दे रही हैं। मरीजों की जानकारी भी डॉक्टर नहीं बल्कि नर्स ले रही हैं।
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पुलिसकर्मियों को वेलफेयर फंड दे रहा किट
पुलिस आयुक्त ओपी सिंह का दावा है कि सभी पुलिस कर्मियों को पुलिस वेलफेयर फंड से ट्रीटमेंट किट मुहैया कराई जा रही है। इस माह 14 मई तक जिले के 296 पुुलिस कर्मियों में संक्रमण की पुष्टि हुई। इन्हें विभाग के फंड से ट्रीटमेंट किट मुहैया कराई गई। इसमें स्टीमर, थर्मामीटर, गॉगलपोवीडोन, आयोडीन सॉल्यूशन, विटामिन डी-3, काढ़ा, मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।