{"_id":"6adbbb07668f4a3cc00ffdf1","slug":"indigenous-products-will-find-a-new-market-at-the-surajkund-diwali-mela-chief-minister-faridabad-news-c-26-1-fbd1023-83592-2026-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूरजकुंड दिवाली मेले में स्वदेशी उत्पादों को मिलेगा नया बाजार : मुख्यमंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूरजकुंड दिवाली मेले में स्वदेशी उत्पादों को मिलेगा नया बाजार : मुख्यमंत्री
विज्ञापन
कहा-मेले के जरिये कारीगरों को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को सूरजकुंड दिवाली मेले का उद्घाटन कर दिया। इस मौके पर उन्हाेंने कहा कि दिवाली मेले के आयोजन से स्वदेशी उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक कलाओं को नया बाजार मिलेगा। मेले के जरिये कारीगरों को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें बिचौलियों के बिना अपने हुनर का उचित मूल्य मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि 23 से 26 अक्तूबर तक चलने वाले इस मेले में देश की लोक संस्कृति, हस्तशिल्प और विभिन्न क्षेत्रों के खानपान की झलक देखने को मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में आत्मनिर्भरता और ‘वोकल फॉर लोकल’ की अहम भूमिका है। त्योहारों पर स्थानीय कारीगरों के बनाए मिट्टी के दीये, सजावटी सामान, कपड़े और अन्य हस्तशिल्प उत्पाद खरीदने से उनके परिवारों की आजीविका मजबूत होती है। इससे कारीगरों को नए काम और रोजगार के अवसर भी मिलते हैं। उन्होंने लोगों से स्वदेशी उत्पाद अपनाने और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए त्योहार मनाने की अपील की।
छह लाख परिवारों को मिला स्वयं सहायता समूहों से सहारा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 67,641 स्वयं सहायता समूहों से छह लाख से अधिक परिवार जुड़ चुके हैं। इन समूहों को अब तक विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 596 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। सामुदायिक निवेश निधि की राशि भी 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दी गई है। उन्होंने कहा कि महिला उद्यमियों और स्थानीय उत्पादकों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 10 सांझा बाजार स्थापित किए जा चुके हैं। ऑनलाइन पोर्टलों के माध्यम से भी कारीगर अपने उत्पाद बेच सकते हैं।
विज्ञापन
एनसीआर के लोगों से खरीदारी की अपील
हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों से अगले चार दिन तक सूरजकुंड दिवाली मेले में पहुंचकर खरीदारी करने की अपील की। उन्होंने बताया कि मेले में करीब 300 स्टाॅल लगाए गए हैं। इससे स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में 20 लाख लोगों ने भाग लिया था, जिनमें 50 देशों के पर्यटक शामिल थे। उद्घाटन समारोह में महापौर प्रवीन बत्रा जोशी, पूर्व मंत्री सीमा त्रिखा, पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, मंडलायुक्त संजय जून, नगर निगम आयुक्त यशेंद्र सिंह, पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता और उपायुक्त आयुष सिन्हा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को सूरजकुंड दिवाली मेले का उद्घाटन कर दिया। इस मौके पर उन्हाेंने कहा कि दिवाली मेले के आयोजन से स्वदेशी उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक कलाओं को नया बाजार मिलेगा। मेले के जरिये कारीगरों को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें बिचौलियों के बिना अपने हुनर का उचित मूल्य मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि 23 से 26 अक्तूबर तक चलने वाले इस मेले में देश की लोक संस्कृति, हस्तशिल्प और विभिन्न क्षेत्रों के खानपान की झलक देखने को मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में आत्मनिर्भरता और ‘वोकल फॉर लोकल’ की अहम भूमिका है। त्योहारों पर स्थानीय कारीगरों के बनाए मिट्टी के दीये, सजावटी सामान, कपड़े और अन्य हस्तशिल्प उत्पाद खरीदने से उनके परिवारों की आजीविका मजबूत होती है। इससे कारीगरों को नए काम और रोजगार के अवसर भी मिलते हैं। उन्होंने लोगों से स्वदेशी उत्पाद अपनाने और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए त्योहार मनाने की अपील की।
विज्ञापन
छह लाख परिवारों को मिला स्वयं सहायता समूहों से सहारा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 67,641 स्वयं सहायता समूहों से छह लाख से अधिक परिवार जुड़ चुके हैं। इन समूहों को अब तक विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 596 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। सामुदायिक निवेश निधि की राशि भी 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दी गई है। उन्होंने कहा कि महिला उद्यमियों और स्थानीय उत्पादकों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 10 सांझा बाजार स्थापित किए जा चुके हैं। ऑनलाइन पोर्टलों के माध्यम से भी कारीगर अपने उत्पाद बेच सकते हैं।
विज्ञापन
एनसीआर के लोगों से खरीदारी की अपील
हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों से अगले चार दिन तक सूरजकुंड दिवाली मेले में पहुंचकर खरीदारी करने की अपील की। उन्होंने बताया कि मेले में करीब 300 स्टाॅल लगाए गए हैं। इससे स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में 20 लाख लोगों ने भाग लिया था, जिनमें 50 देशों के पर्यटक शामिल थे। उद्घाटन समारोह में महापौर प्रवीन बत्रा जोशी, पूर्व मंत्री सीमा त्रिखा, पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, मंडलायुक्त संजय जून, नगर निगम आयुक्त यशेंद्र सिंह, पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता और उपायुक्त आयुष सिन्हा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।