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Faridabad News: मुख्य चौपाल पर देसी-विदेशी कलाकारों ने बिखेरा जलवा
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला-2026 में मुख्य चौपाल पर बुधवार को देसी और विदेशी कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मिस्र, नाइजीरिया, इराक, रूस और कजाकिस्तान सहित विभिन्न देशों से आए लोक कलाकारों ने अपने पारंपरिक नृत्य और संगीत के माध्यम से विविध संस्कृतियों की आकर्षक झलक पेश की। रंग-बिरंगे परिधान और ऊर्जावान प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर तक बांधे रखा।
विदेशी कलाकारों ने हरियाणवी गीतों की धुन पर भी शानदार नृत्य प्रस्तुत कर सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। तालियों की गूंज के बीच पर्यटक कलाकारों का उत्साहवर्धन करते नजर आए, वहीं कई दर्शक इस खास पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते दिखे। सांस्कृतिक आदान-प्रदान का यह दृश्य मेले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा।
सूरजकुंड मेला अपने शिल्प, हस्तकला और सांस्कृतिक विविधता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है और इस वर्ष भी मुख्य चौपाल पर कलाकारों का संगम पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव साबित हो रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल मनोरंजन का माध्यम बन रहे हैं, बल्कि देश-विदेश की कला और संस्कृति को एक मंच पर लाकर एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को भी सशक्त कर रहे हैं।
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मुख्य चौपाल पर हरियाणवी लोक कलाकारों के साथ विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने भी अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से समा बांध दिया। लोकनृत्य, सूफी संगीत और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। सुबह से शाम तक कार्यक्रमों को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ती रही और परिवार सहित पहुंचे पर्यटकों ने सांस्कृतिक आयोजनों का भरपूर आनंद लिया।
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फरीदाबाद। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला-2026 में मुख्य चौपाल पर बुधवार को देसी और विदेशी कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मिस्र, नाइजीरिया, इराक, रूस और कजाकिस्तान सहित विभिन्न देशों से आए लोक कलाकारों ने अपने पारंपरिक नृत्य और संगीत के माध्यम से विविध संस्कृतियों की आकर्षक झलक पेश की। रंग-बिरंगे परिधान और ऊर्जावान प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर तक बांधे रखा।
विदेशी कलाकारों ने हरियाणवी गीतों की धुन पर भी शानदार नृत्य प्रस्तुत कर सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। तालियों की गूंज के बीच पर्यटक कलाकारों का उत्साहवर्धन करते नजर आए, वहीं कई दर्शक इस खास पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते दिखे। सांस्कृतिक आदान-प्रदान का यह दृश्य मेले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा।
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सूरजकुंड मेला अपने शिल्प, हस्तकला और सांस्कृतिक विविधता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है और इस वर्ष भी मुख्य चौपाल पर कलाकारों का संगम पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव साबित हो रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल मनोरंजन का माध्यम बन रहे हैं, बल्कि देश-विदेश की कला और संस्कृति को एक मंच पर लाकर एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को भी सशक्त कर रहे हैं।
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मुख्य चौपाल पर हरियाणवी लोक कलाकारों के साथ विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने भी अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से समा बांध दिया। लोकनृत्य, सूफी संगीत और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। सुबह से शाम तक कार्यक्रमों को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ती रही और परिवार सहित पहुंचे पर्यटकों ने सांस्कृतिक आयोजनों का भरपूर आनंद लिया।