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29 अगस्त तक आशा वर्करों की मांग पूरी नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल : राज्य प्रधान सुरेखा
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फरीदाबाद। प्रदेश आशा वर्कर यूनियन की राज्य प्रधान सुरेखा ने चेतावनी दी है कि 29 अगस्त तक सरकार और विभाग ने मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की तो आशा वर्कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने पर मजबूर होंगी। उन्होंने यह चेतावनी बुधवार को डीसी ऑफिस पर हड़ताली आशा वर्करों को संबोधित करते हुए दी।
प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान हेमलता और संचालन महासचिव सुधा ने की। हड़ताली आशा वर्करों को अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा, सीटू के जिला प्रधान निरंतर पाराशर व सचिव वीरेंद्र डंगवाल ने भी संबोधित किया और अपने संगठनों की ओर से हड़ताल एवं मांगों का समर्थन किया। राज्य प्रधान सुरेखा ने कहा कि राज्य की बीस हजार आशा वर्कर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रही हैं। उनका कहना है कि आशा वर्कर को सरकारी कर्मचारी का दर्जा, 26 हजार न्यूनतम वेतन, इंसेंटिव में 50 प्रतिशत कटौती की बहाली, ईपीएफ एवं ईएसआई की सुविधा, रिटायरमेंट पर सम्मानजनक पेंशन व ग्रेच्युटी आदि मांगों को लेकर 8 अगस्त से हड़ताल पर हैं। जिसके कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं लेकिन सरकार, हड़ताली आशा वर्करों की यूनियन से बातचीत तक करने को तैयार नहीं है। जिसके कारण हड़ताल आगे बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री 20 हजार आशा वर्कर्स की बात नहीं सुन रहे। ये आशा वर्कर्स हरियाणा की 2 करोड़ की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर रही हैं। पिछले 5 साल में महंगाई दो गुणा से ज्यादा बढ़ गई। राज्य प्रधान सुरेखा ने कहा कि मुख्यमंत्री कोरोना महामारी के समय आशाओं के काम की तो तारीफ कर रहे थे, लेकिन बार-बार आंदोलन के बावजूद उन्होंने आशाओं की सुध नहीं ली। पिछले तीन सालों में से एक बार भी मुख्यमंत्री ने आशा वर्कर यूनियन से बात नहीं की। जिला प्रधान हेमलता व सचिव सुधा ने कहा कि हड़ताल का बुधवार को 16वां दिन है। स्वास्थ्य विभाग का काम प्रभावित हो रहा है, लेकिन सरकार को चिंता नहीं है। मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि केंद्र सरकार की परियोजना है, केंद्र वेतन बढ़ाएगा। उनका कहना है कि आशा वर्कर्स हरियाणा की जनता की स्वास्थ्य सेवा में लगी हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है, इसलिए हड़ताली आशा वर्कर्स 28 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने के लिए पंचकूला कूच करेंगी। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों से भी यूनियन प्रतिनिधिमंडल मिलेगा और उनकी मांगों को विधानसभा में उठाने की मांग करेगा। इस मौके पर अनीता भारद्वाज, सुशीला चौधरी, रेखा शर्मा, पूजा गुप्ता, शाहीन परवीन, चंद्रप्रभा, माया, संगीता व नीलम जोशी आदि मौजूद थी।
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प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान हेमलता और संचालन महासचिव सुधा ने की। हड़ताली आशा वर्करों को अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा, सीटू के जिला प्रधान निरंतर पाराशर व सचिव वीरेंद्र डंगवाल ने भी संबोधित किया और अपने संगठनों की ओर से हड़ताल एवं मांगों का समर्थन किया। राज्य प्रधान सुरेखा ने कहा कि राज्य की बीस हजार आशा वर्कर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रही हैं। उनका कहना है कि आशा वर्कर को सरकारी कर्मचारी का दर्जा, 26 हजार न्यूनतम वेतन, इंसेंटिव में 50 प्रतिशत कटौती की बहाली, ईपीएफ एवं ईएसआई की सुविधा, रिटायरमेंट पर सम्मानजनक पेंशन व ग्रेच्युटी आदि मांगों को लेकर 8 अगस्त से हड़ताल पर हैं। जिसके कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं लेकिन सरकार, हड़ताली आशा वर्करों की यूनियन से बातचीत तक करने को तैयार नहीं है। जिसके कारण हड़ताल आगे बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री 20 हजार आशा वर्कर्स की बात नहीं सुन रहे। ये आशा वर्कर्स हरियाणा की 2 करोड़ की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर रही हैं। पिछले 5 साल में महंगाई दो गुणा से ज्यादा बढ़ गई। राज्य प्रधान सुरेखा ने कहा कि मुख्यमंत्री कोरोना महामारी के समय आशाओं के काम की तो तारीफ कर रहे थे, लेकिन बार-बार आंदोलन के बावजूद उन्होंने आशाओं की सुध नहीं ली। पिछले तीन सालों में से एक बार भी मुख्यमंत्री ने आशा वर्कर यूनियन से बात नहीं की। जिला प्रधान हेमलता व सचिव सुधा ने कहा कि हड़ताल का बुधवार को 16वां दिन है। स्वास्थ्य विभाग का काम प्रभावित हो रहा है, लेकिन सरकार को चिंता नहीं है। मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि केंद्र सरकार की परियोजना है, केंद्र वेतन बढ़ाएगा। उनका कहना है कि आशा वर्कर्स हरियाणा की जनता की स्वास्थ्य सेवा में लगी हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है, इसलिए हड़ताली आशा वर्कर्स 28 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने के लिए पंचकूला कूच करेंगी। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों से भी यूनियन प्रतिनिधिमंडल मिलेगा और उनकी मांगों को विधानसभा में उठाने की मांग करेगा। इस मौके पर अनीता भारद्वाज, सुशीला चौधरी, रेखा शर्मा, पूजा गुप्ता, शाहीन परवीन, चंद्रप्रभा, माया, संगीता व नीलम जोशी आदि मौजूद थी।
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