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यमुना में जल स्तर बढ़ने से खेतों में भरा पानी, किसान चिंतित
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बल्लभगढ़ यमुना का जल स्तर बढ़ने पर किसानों की चिंता बढ़ी ।
- फोटो : Faridabad
बल्लभगढ़। लगातार कई दिनों तक हुई बारिश के बाद हथिनी कुंड से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना के डूब क्षेत्र में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए यमुना किनारे बसे गांवों के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं। ग्रामीणों ने किनारे के खेतों पर लगी फसल को खुद ही हटाना शुरू कर दिया है। हालांकि, अभी फरीदाबाद क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात पैदा नहीं हुए हैं। फिर भी बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किसानों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
किसानों ने शुरू की सब्जी तोड़नी
बसंतपुर गांव में सबसे पहले पानी का स्तर ऊंचा होता है। यहां के ग्रामीणों ने किनारे के खेतों में लगी कच्ची सब्जियां तोड़नी शुरू कर दी हैं। किसानों का कहना है कि पानी यदि अचानक से बढ़ गया तो कुछ भी हाथ नहीं लगेगा। खेतों में पानी भरना शुरू हो गया है। ऐसे में पौधों की जड़ें गलने लगती हैं। इसलिए किसानों ने टमाटर, भिंडी, बैंगन और तोरई आदि की फसल को तोड़ना शुरू कर दिया है।
सरपंच ने ग्रामीणों को तैयार रहने के लिए कहा
गांव अमीपुर के सरपंच वेदपाल ने बताया कि फिलहाल यमुना का जलस्तर किनारे तक है। आने वाले दिनों में यह बढ़ना तय है। इसके लिए किनारे पर बने लोगों से भारी सामान व अनाज हटाने के लिए कहा गया है। जिससे मकान खाली करके जाते समय परेशानी न हो। हथिनी बैराज से पानी छोड़े जाने के करीब 48 घंटे बाद पानी बसंतपुर व अमीपुर के आसपास आना शुरू होता है। इसके बाद यमुना का फैलाव ज्यादा होने के कारण छांयसा व उसके आसपास के गांव में जाने में समय लगता है। इस दौरान अगर बारिश हुई तो यमुना के किनारे के गांव में बाढ़ आना तय है।
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बाढ़ के लिए अधिकारी कर रहे बैठक
उधर, फरीदाबाद में पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार बढ़ते यमुना के जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं। एक दिन पहले ही पुलिस आयुक्त ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ के दौरान बचाव-राहत कार्य विषय को लेकर बैठक की थी और उन्हें आवश्यक निर्देश भी दिए थे। यमुना से रेत निकालने वाले लोगों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने गश्त भी बढ़ा दी है।
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किसानों ने शुरू की सब्जी तोड़नी
बसंतपुर गांव में सबसे पहले पानी का स्तर ऊंचा होता है। यहां के ग्रामीणों ने किनारे के खेतों में लगी कच्ची सब्जियां तोड़नी शुरू कर दी हैं। किसानों का कहना है कि पानी यदि अचानक से बढ़ गया तो कुछ भी हाथ नहीं लगेगा। खेतों में पानी भरना शुरू हो गया है। ऐसे में पौधों की जड़ें गलने लगती हैं। इसलिए किसानों ने टमाटर, भिंडी, बैंगन और तोरई आदि की फसल को तोड़ना शुरू कर दिया है।
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सरपंच ने ग्रामीणों को तैयार रहने के लिए कहा
गांव अमीपुर के सरपंच वेदपाल ने बताया कि फिलहाल यमुना का जलस्तर किनारे तक है। आने वाले दिनों में यह बढ़ना तय है। इसके लिए किनारे पर बने लोगों से भारी सामान व अनाज हटाने के लिए कहा गया है। जिससे मकान खाली करके जाते समय परेशानी न हो। हथिनी बैराज से पानी छोड़े जाने के करीब 48 घंटे बाद पानी बसंतपुर व अमीपुर के आसपास आना शुरू होता है। इसके बाद यमुना का फैलाव ज्यादा होने के कारण छांयसा व उसके आसपास के गांव में जाने में समय लगता है। इस दौरान अगर बारिश हुई तो यमुना के किनारे के गांव में बाढ़ आना तय है।
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बाढ़ के लिए अधिकारी कर रहे बैठक
उधर, फरीदाबाद में पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार बढ़ते यमुना के जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं। एक दिन पहले ही पुलिस आयुक्त ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ के दौरान बचाव-राहत कार्य विषय को लेकर बैठक की थी और उन्हें आवश्यक निर्देश भी दिए थे। यमुना से रेत निकालने वाले लोगों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने गश्त भी बढ़ा दी है।