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Faridabad News: आधुनिक तकनीक से बने स्कूल भवन का उद्घाटन
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-हरियाणा का पहला पूर्ण अग्नि-सुरक्षित गर्ल्स स्कूल भवन
-- तावडू में लड़कियों की शिक्षा को मिलेगी नई ऊंचाई
-3.65 करोड़ रुपये आई है भवन निर्माण में लागत
मोहम्मद शाहिद मेवाती
तावडू। नगर में स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल अब नया रूप धारण कर चुका है। प्रशासन, हरियाणा सरकार और एमथ्रीएम फाउंडेशन की संयुक्त पहल से इस स्कूल का व्यापक नवीनीकरण और पुनर्विकास किया गया है, जिसकी कुल लागत 3 करोड़ 65 लाख रुपये रही। यह परियोजना एमथ्रीएम फाउंडेशन के ''सर्वोदय एवं संकल्प'' कार्यक्रम के अंतर्गत पूरी हुई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विकसित सोहना-तावडू महारैली के दौरान इस आधुनिक स्कूल भवन का उद्घाटन किया।
यह स्कूल हरियाणा का पहला ऐसा सरकारी गर्ल्स स्कूल भवन बन गया है जो पूरी तरह फायर-प्रूफ है। एमथ्रीएम फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. पायल कनोडिया ने कहा कि यह कोई साधारण इमारत नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों की मजबूत नींव है। हमारा मकसद तावडू और आसपास के गांवों की लड़कियों को सुरक्षित, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माहौल उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने सपनों को बिना किसी बाधा के पूरा कर सकें। पिछले एक दशक से अधिक समय तक स्कूल की इमारत उपेक्षा का शिकार रही थी। अपर्याप्त क्लासरूम, शौचालय और प्रयोगशालाओं की कमी, पानी टपकने की समस्या, छायादार क्षेत्र और खेल सुविधाओं का अभाव तथा अग्निशमन व्यवस्था का न होना जैसी समस्याओं से छात्राओं का सीखने का माहौल बुरी तरह प्रभावित हो रहा था।
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18500 वर्गफुट क्षेत्र में बनी है इमारत
अब नई तीन मंजिला इमारत का कुल निर्मित क्षेत्रफल लगभग 18,500 वर्ग फुट है, जिसमें 15 आधुनिक क्लासरूम, प्रत्येक मंजिल पर लड़कियों के लिए शौचालय और विश्राम क्षेत्र, प्रशासनिक कार्यालय, कंप्यूटर एवं एआई लैब, साइंस एवं स्टेम लैबोरेटरी, पीने के पानी की सुविधा, सूचना काउंटर तथा दिव्यांग-अनुकूल शौचालय जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। पूरे कैंपस में व्यापक अग्निशमन व्यवस्था स्थापित की गई है, जिसमें 60,000 लीटर से अधिक पानी भंडारण क्षमता सुनिश्चित की गई है और यह राष्ट्रीय भवन निर्माण संहिता के अनुरूप है। ग्राउंड फ्लोर से तीसरी मंजिल तक रैंप के जरिए यूनिवर्सल पहुंच सुनिश्चित की गई है।
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पर्यावरण अनुकूल सस्टेनेबल डिजाइन
भवन में पर्यावरण-अनुकूल और सस्टेनेबल डिजाइन पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसमें लो-वीओसी पेंट्स, वर्षा जल संचयन प्रणाली, ऊर्जा-कुशल लाइटिंग, ड्यूल प्लंबिंग सिस्टम, सिंगल-बैंक्ड क्लासरूम, उचित दीवार-से-खिड़की अनुपात तथा प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन वाली पढ़ाई की जगहें शामिल हैं। विभिन्न रंग थीम्स से भवन में आसान नेविगेशन और आकर्षक माहौल बनाया गया है। दूसरे चरण में पुरानी जी+1 इमारत का भी नवीनीकरण किया गया, जिसमें 10 अपग्रेडेड क्लासरूम जोड़े गए।
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नई व पुरानी इमारत के बीच मल्टी फंक्शन एरिया
पुरानी और नई इमारतों के बीच एक मल्टी-फंक्शनल ओपन एरिया विकसित किया गया है, जो मल्टी-स्पोर्ट्स जोन, असेंबली ग्राउंड तथा स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आयोजनों के लिए उपयोगी साबित होगा। तावडू नगर पालिका की पूर्व चेयरपर्सन मनीता गर्ग का कहना है कि प्रशासन जिला एवं शिक्षा विभाग तथा एमथ्रीएम फाउंडेशन की इस संयुक्त साझेदारी से तावडू के शैक्षिक परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव आया है।
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-3.65 करोड़ रुपये आई है भवन निर्माण में लागत
मोहम्मद शाहिद मेवाती
तावडू। नगर में स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल अब नया रूप धारण कर चुका है। प्रशासन, हरियाणा सरकार और एमथ्रीएम फाउंडेशन की संयुक्त पहल से इस स्कूल का व्यापक नवीनीकरण और पुनर्विकास किया गया है, जिसकी कुल लागत 3 करोड़ 65 लाख रुपये रही। यह परियोजना एमथ्रीएम फाउंडेशन के ''सर्वोदय एवं संकल्प'' कार्यक्रम के अंतर्गत पूरी हुई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विकसित सोहना-तावडू महारैली के दौरान इस आधुनिक स्कूल भवन का उद्घाटन किया।
यह स्कूल हरियाणा का पहला ऐसा सरकारी गर्ल्स स्कूल भवन बन गया है जो पूरी तरह फायर-प्रूफ है। एमथ्रीएम फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. पायल कनोडिया ने कहा कि यह कोई साधारण इमारत नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों की मजबूत नींव है। हमारा मकसद तावडू और आसपास के गांवों की लड़कियों को सुरक्षित, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माहौल उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने सपनों को बिना किसी बाधा के पूरा कर सकें। पिछले एक दशक से अधिक समय तक स्कूल की इमारत उपेक्षा का शिकार रही थी। अपर्याप्त क्लासरूम, शौचालय और प्रयोगशालाओं की कमी, पानी टपकने की समस्या, छायादार क्षेत्र और खेल सुविधाओं का अभाव तथा अग्निशमन व्यवस्था का न होना जैसी समस्याओं से छात्राओं का सीखने का माहौल बुरी तरह प्रभावित हो रहा था।
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18500 वर्गफुट क्षेत्र में बनी है इमारत
अब नई तीन मंजिला इमारत का कुल निर्मित क्षेत्रफल लगभग 18,500 वर्ग फुट है, जिसमें 15 आधुनिक क्लासरूम, प्रत्येक मंजिल पर लड़कियों के लिए शौचालय और विश्राम क्षेत्र, प्रशासनिक कार्यालय, कंप्यूटर एवं एआई लैब, साइंस एवं स्टेम लैबोरेटरी, पीने के पानी की सुविधा, सूचना काउंटर तथा दिव्यांग-अनुकूल शौचालय जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। पूरे कैंपस में व्यापक अग्निशमन व्यवस्था स्थापित की गई है, जिसमें 60,000 लीटर से अधिक पानी भंडारण क्षमता सुनिश्चित की गई है और यह राष्ट्रीय भवन निर्माण संहिता के अनुरूप है। ग्राउंड फ्लोर से तीसरी मंजिल तक रैंप के जरिए यूनिवर्सल पहुंच सुनिश्चित की गई है।
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पर्यावरण अनुकूल सस्टेनेबल डिजाइन
भवन में पर्यावरण-अनुकूल और सस्टेनेबल डिजाइन पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसमें लो-वीओसी पेंट्स, वर्षा जल संचयन प्रणाली, ऊर्जा-कुशल लाइटिंग, ड्यूल प्लंबिंग सिस्टम, सिंगल-बैंक्ड क्लासरूम, उचित दीवार-से-खिड़की अनुपात तथा प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन वाली पढ़ाई की जगहें शामिल हैं। विभिन्न रंग थीम्स से भवन में आसान नेविगेशन और आकर्षक माहौल बनाया गया है। दूसरे चरण में पुरानी जी+1 इमारत का भी नवीनीकरण किया गया, जिसमें 10 अपग्रेडेड क्लासरूम जोड़े गए।
नई व पुरानी इमारत के बीच मल्टी फंक्शन एरिया
पुरानी और नई इमारतों के बीच एक मल्टी-फंक्शनल ओपन एरिया विकसित किया गया है, जो मल्टी-स्पोर्ट्स जोन, असेंबली ग्राउंड तथा स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आयोजनों के लिए उपयोगी साबित होगा। तावडू नगर पालिका की पूर्व चेयरपर्सन मनीता गर्ग का कहना है कि प्रशासन जिला एवं शिक्षा विभाग तथा एमथ्रीएम फाउंडेशन की इस संयुक्त साझेदारी से तावडू के शैक्षिक परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव आया है।