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Faridabad News: हरियाली के नाम पर स्मार्ट सिटी प्रदेश में फिसड्डी
Thu, 22 Jun 2023 04:43 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Thu, 22 Jun 2023 04:43 PM IST
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तीन फोटो- हरियाली के नाम पर स्मार्ट सिटी प्रदेश में फिसड्डी
-22 जिलों में सबसे कम फरीदाबाद में पेड़, सर्वे में हुआ खुलासा
-दो चरणों में हुई पेड़ों की गिनती
निभा रजक
फरीदाबाद। प्रदेश में हरियाली को लेकर एक सर्वे किया गया, जिसमें स्मार्ट सिटी सबसे फिसड्डी साबित हुई। रिपोर्ट के मुताबिक जिले में जंगल को छोड़कर कुल 6,23,261 पेड़ हैं। कई टीमों ने अलग-अलग हिस्सों में पेड़ों की गिनती की। वन विभाग स्थिति में सुधार की कवायद में जुट गया है।
प्रदेश सरकार ने बीते दिनों करीब 6 करोड़ की लागत से 22 जिलों में जंगल को छोड़कर दो चरणों में पेड़ों की गणना की। पहले चरण में ग्रामीण व दूसरे चरण में शहरी क्षेत्र में सड़कों तथा आस-पास लगे पेड़ों की गिनती की गई। सर्वे के बाद प्रदेश में हरियाली की स्थिति देखकर लोगों और विभाग की चिंता बढ़ गई है। यही वजह है कि विभाग अब अरावली सहित पूरे शहर में करीब 5 लाख पौधे लगवाने की व्यवस्था में जुट गया है।
वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पेड़ों की गिनती के लिए टीमें गठित की गईं थीं। पेड़ों की उम्र का अंदाजा लगाने के लिए पेड़ों की किस्म, अलग-अलग पेड़ का दायरा और घेरे की पैमाइश की गई। इसमें 30 से 59 सेंटीमीटर, 60 से 89 सेंटीमीटर, 90 से 119, 120 से 149, 150 से 179 और 180 से 209 तथा 210 सेंटीमीटर से अधिक परिधि वाले पेड़ों को शामिल किया गया। जिले में ज्यादातर बरगद, पीपल, शीशम , कीकर, शहतूत, आम, अमरूद, आंवला और जामुन के पेड़ हैं। विभाग की मानें तो प्रदेश सरकार के आदेश अनुसार तीसरे चरण में वन भूमि पर लगे पेड़ों की गणना की जाएगी।
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वन विभाग की तैयारी, लगाए जाएंगे पौधे
जिला वन अधिकारी राजकुमार के मुताबिक अरावली सहित शहर के अलग-अलग हिस्सों में पौधरोपण के लिए योजना बनाई गई है। इस वर्ष अरावली में 5500 हेक्टेयर में करीब 1.50 लाख और शहर के अलग अलग हिस्सों में 3.50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी सुनिश्चित की जाएगी। जुलाई से विशेष अभियान चलाया जाएगा। व्यक्तिगत तौर पर और संस्थाओं से भी इसमें सहयोग लिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त लोगों को जागरूक किया जाएगा।
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लोगों से बातचीत
शहर में पौधरोपण को लेकर नगर निगम और वन विभाग सक्रिय नहीं है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। रिपोर्ट बेहद चिंताजनक है। यह अधिकारियों की कामचोरी को दर्शा रहा है।
-जितेंद्र भड़ाना सेव अरावली
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शहर में प्रदूषण एक गंभीर समस्या है। ऐसे में हरियाली बढ़ाने पर जोर होना चाहिए। वन विभाग को पौधरोपण को गंभीरता से लेना चाहिए। जिले में कम पेड़ होना चिंता का विषय है। यही स्थिति रही तो शहर में रहना मुश्किल हो जाएगा।
-विष्णु गोयल, सामाजिक कार्यकर्ता एनआईटी तीन
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-22 जिलों में सबसे कम फरीदाबाद में पेड़, सर्वे में हुआ खुलासा
-दो चरणों में हुई पेड़ों की गिनती
निभा रजक
फरीदाबाद। प्रदेश में हरियाली को लेकर एक सर्वे किया गया, जिसमें स्मार्ट सिटी सबसे फिसड्डी साबित हुई। रिपोर्ट के मुताबिक जिले में जंगल को छोड़कर कुल 6,23,261 पेड़ हैं। कई टीमों ने अलग-अलग हिस्सों में पेड़ों की गिनती की। वन विभाग स्थिति में सुधार की कवायद में जुट गया है।
प्रदेश सरकार ने बीते दिनों करीब 6 करोड़ की लागत से 22 जिलों में जंगल को छोड़कर दो चरणों में पेड़ों की गणना की। पहले चरण में ग्रामीण व दूसरे चरण में शहरी क्षेत्र में सड़कों तथा आस-पास लगे पेड़ों की गिनती की गई। सर्वे के बाद प्रदेश में हरियाली की स्थिति देखकर लोगों और विभाग की चिंता बढ़ गई है। यही वजह है कि विभाग अब अरावली सहित पूरे शहर में करीब 5 लाख पौधे लगवाने की व्यवस्था में जुट गया है।
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वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पेड़ों की गिनती के लिए टीमें गठित की गईं थीं। पेड़ों की उम्र का अंदाजा लगाने के लिए पेड़ों की किस्म, अलग-अलग पेड़ का दायरा और घेरे की पैमाइश की गई। इसमें 30 से 59 सेंटीमीटर, 60 से 89 सेंटीमीटर, 90 से 119, 120 से 149, 150 से 179 और 180 से 209 तथा 210 सेंटीमीटर से अधिक परिधि वाले पेड़ों को शामिल किया गया। जिले में ज्यादातर बरगद, पीपल, शीशम , कीकर, शहतूत, आम, अमरूद, आंवला और जामुन के पेड़ हैं। विभाग की मानें तो प्रदेश सरकार के आदेश अनुसार तीसरे चरण में वन भूमि पर लगे पेड़ों की गणना की जाएगी।
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वन विभाग की तैयारी, लगाए जाएंगे पौधे
जिला वन अधिकारी राजकुमार के मुताबिक अरावली सहित शहर के अलग-अलग हिस्सों में पौधरोपण के लिए योजना बनाई गई है। इस वर्ष अरावली में 5500 हेक्टेयर में करीब 1.50 लाख और शहर के अलग अलग हिस्सों में 3.50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी सुनिश्चित की जाएगी। जुलाई से विशेष अभियान चलाया जाएगा। व्यक्तिगत तौर पर और संस्थाओं से भी इसमें सहयोग लिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त लोगों को जागरूक किया जाएगा।
लोगों से बातचीत
शहर में पौधरोपण को लेकर नगर निगम और वन विभाग सक्रिय नहीं है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। रिपोर्ट बेहद चिंताजनक है। यह अधिकारियों की कामचोरी को दर्शा रहा है।
-जितेंद्र भड़ाना सेव अरावली
शहर में प्रदूषण एक गंभीर समस्या है। ऐसे में हरियाली बढ़ाने पर जोर होना चाहिए। वन विभाग को पौधरोपण को गंभीरता से लेना चाहिए। जिले में कम पेड़ होना चिंता का विषय है। यही स्थिति रही तो शहर में रहना मुश्किल हो जाएगा।
-विष्णु गोयल, सामाजिक कार्यकर्ता एनआईटी तीन