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Faridabad News: नवजात बच्ची की मौत के मामले में एक महीने बाद तीन नर्सों की सेवाएं होंगी समाप्त

Sat, 07 Sep 2024 11:08 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 07 Sep 2024 11:08 PM IST
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In the case of death of a newborn girl, services of three nurses will be terminated after a month.
- उपायुक्त ने जारी किया नोटिस, 21 अगस्त को प्रसव के दौरान हुई थी बच्ची की मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल में 21 अगस्त को हुई नवजात की मौत के मामले में आरोपी एनएचएम की तीन नर्सों की सेवाएं एक महीने में समाप्त हो जाएंगी। उपायुक्त की ओर से नर्सों को नोटिस जारी किया गया है। वहीं, परिजनों ने मामले में शामिल मुख्य आरोपी चौथी नर्स को बचाने का आरोप लगाया है।

पल्ला निवासी संदीप 21 अगस्त की सुबह अपनी पत्नी वर्षा को प्रसव के लिए बीके अस्पताल लेकर आए थे। इसके बाद स्टाफ में मौजूद नर्स ने रात 12 बजे तक सामान्य प्रसव कराने की बात कही थी। इसके बाद प्रसव कराने के दौरान नवजात बच्ची की मौत हो गई थी। जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से जांच की मांग की थी। जांच में दोषी स्टाफ नर्स मंजू, पूनम और बलजीत की सेवाएं पांच अक्तूबर को समाप्त हो जाएंगी।
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चौथी नर्स को बचाने का आरोप

वर्षा के पति संदीप ने बताया कि प्रसव के दौरान चार नर्स मौजूद थीं। जिनमें से सिर्फ तीन नर्सों पर कार्रवाई की गई है लेकिन चौथी नर्स का नाम सामने नहीं आया है। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि चौथी नर्स ने मेरे बड़े भाई शिवकुमार से प्रसव के लिए 3 हजार रुपये की मांग की थी। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड भी हुई थी लेकिन अस्पताल प्रशासन ने केवल तीन नर्सों के खिलाफ कार्रवाई की है और मुख्य आरोपी चौथी नर्स को अस्पताल प्रशासन बचा रहा है। सबूत होने के बाद भी उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मामले को लेकर एसीपी, डीसीपी और सीपी से शिकायत की गई है।
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वर्जन
मामले की जांच के लिए उपायुक्त के आदेश पर अस्पताल प्रशासन की ओर से कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने जांच में जिन नर्सों को दोषी पाया है उनकी रिपोर्ट उपायुक्त को भेज दी गई थी। रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं। इसके साथ ही अगर परिजनों का आरोप है कि मुख्य आरोपी को बचाया गया है तो उसके खिलाफ शिकायत मिलने पर फिर से कार्रवाई की जाएगी।

- डॉ. अशोक कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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