{"_id":"688bb90a8f4623d32a0a1394","slug":"in-just-four-months-the-corporation-collected-property-tax-worth-rs-52-crore-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-48291-2025-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: चार महीने में ही निगम ने वसूला 52 करोड़ का प्रॉपर्टी टैक्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: चार महीने में ही निगम ने वसूला 52 करोड़ का प्रॉपर्टी टैक्स
विज्ञापन
टैक्स वसूली के पुराने रिकॉर्ड तोड़े, सरकार की ओर से इस साल दिया गया है 162 करोड़ का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम फरीदाबाद ने चालू वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों में ही प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अभी तक निगम ने करीब 52 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली कर ली है, जो कि बीते दो-तीन वर्षों की तुलना में काफी ज्यादा है। पिछले वर्षों में निगम पूरे साल में औसतन 45 से 50 करोड़ रुपये की ही प्रॉपर्टी टैक्स वसूली कर पाता था लेकिन इस बार यह आंकड़ा महज चार माह में ही पार कर लिया गया है।
नगर निगम को इस वर्ष 162 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का लक्ष्य राज्य सरकार की ओर से निर्धारित किया गया है। इस दिशा में निगम की तेज कार्यशैली, डिजिटल माध्यमों से टैक्स भुगतान की सुविधा, स्वयं प्रमाणन योजना और सख्त निगरानी तंत्र की अहम भूमिका मानी जा रही है। इसके लिए 31 जुलाई तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने वालों को 10 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही थी।
सीमांकन कार्य बना चुनौती
हालांकि टैक्स वसूली में निगम ने उल्लेखनीय प्रगति की है लेकिन एक बड़ा कार्य अभी भी अधूरा है। निगम क्षेत्र की लगभग 1200 कॉलोनियों में से 66 कॉलोनियों की सीमाएं निगम के रिकॉर्ड और राजस्व विभाग के खसरा दस्तावेज से मेल नहीं खा रही हैं। इस कारण टैक्स निर्धारण और वसूली में तकनीकी अड़चनें सामने आ रही हैं। निगम इस समय इन कॉलोनियों की भौगोलिक स्थिति और दस्तावेजों का मिलान कर रहा है।
विज्ञापन
निगम 31 जुलाई तक यह काम पूरा करने का प्रयास कर रहा था लेकिन कॉलोनियों की संख्या अधिक होने के कारण अब यह कार्य अगस्त के अंत तक ही पूरा हो सकेगा। निगम की टेक्निकल और मैपिंग टीम इस काम में जुटी हुई है। सीमांकन पूरा होते ही इन क्षेत्रों में भी लोग अपनी प्रॉपर्टी आईडी आसानी से बना सकेंगे उन्हें कहीं चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
निगम ने लोगों से की अपील
नगर निगम की एडिशनल कमिश्नर सलोनी शर्मा ने लोगों से अपील की है कि वे प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान समय पर करें और स्वयं प्रमाणन पोर्टल पर जाकर अपनी संपत्ति की जानकारी अपडेट करें। इससे रिकॉर्ड सही रहेगा और उन्हें किसी अतिरिक्त जुर्माने या कार्रवाई से बचाया जा सकेगा। प्रॉपर्टी टैक्स की राशि शहर के विकास कार्य में इस्तेमाल की जाती है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम फरीदाबाद ने चालू वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों में ही प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अभी तक निगम ने करीब 52 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली कर ली है, जो कि बीते दो-तीन वर्षों की तुलना में काफी ज्यादा है। पिछले वर्षों में निगम पूरे साल में औसतन 45 से 50 करोड़ रुपये की ही प्रॉपर्टी टैक्स वसूली कर पाता था लेकिन इस बार यह आंकड़ा महज चार माह में ही पार कर लिया गया है।
नगर निगम को इस वर्ष 162 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का लक्ष्य राज्य सरकार की ओर से निर्धारित किया गया है। इस दिशा में निगम की तेज कार्यशैली, डिजिटल माध्यमों से टैक्स भुगतान की सुविधा, स्वयं प्रमाणन योजना और सख्त निगरानी तंत्र की अहम भूमिका मानी जा रही है। इसके लिए 31 जुलाई तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने वालों को 10 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही थी।
विज्ञापन
सीमांकन कार्य बना चुनौती
हालांकि टैक्स वसूली में निगम ने उल्लेखनीय प्रगति की है लेकिन एक बड़ा कार्य अभी भी अधूरा है। निगम क्षेत्र की लगभग 1200 कॉलोनियों में से 66 कॉलोनियों की सीमाएं निगम के रिकॉर्ड और राजस्व विभाग के खसरा दस्तावेज से मेल नहीं खा रही हैं। इस कारण टैक्स निर्धारण और वसूली में तकनीकी अड़चनें सामने आ रही हैं। निगम इस समय इन कॉलोनियों की भौगोलिक स्थिति और दस्तावेजों का मिलान कर रहा है।
विज्ञापन
निगम 31 जुलाई तक यह काम पूरा करने का प्रयास कर रहा था लेकिन कॉलोनियों की संख्या अधिक होने के कारण अब यह कार्य अगस्त के अंत तक ही पूरा हो सकेगा। निगम की टेक्निकल और मैपिंग टीम इस काम में जुटी हुई है। सीमांकन पूरा होते ही इन क्षेत्रों में भी लोग अपनी प्रॉपर्टी आईडी आसानी से बना सकेंगे उन्हें कहीं चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
निगम ने लोगों से की अपील
नगर निगम की एडिशनल कमिश्नर सलोनी शर्मा ने लोगों से अपील की है कि वे प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान समय पर करें और स्वयं प्रमाणन पोर्टल पर जाकर अपनी संपत्ति की जानकारी अपडेट करें। इससे रिकॉर्ड सही रहेगा और उन्हें किसी अतिरिक्त जुर्माने या कार्रवाई से बचाया जा सकेगा। प्रॉपर्टी टैक्स की राशि शहर के विकास कार्य में इस्तेमाल की जाती है।