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इंटरनेट से जुड़ी वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल सूचना 1930 पर दें: उपायुक्त
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। उपायुक्त विक्रम सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में बढ़ते इंटरनेट पर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों को ध्यान में रखते जिलावासियों को सावधान रहने की जरूरत है। वहीं, ऐसे मामलों की तत्काल सूचना देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क सकते हैं।
उपायुक्त ने बताया कि पिछले कुछ सालों से लोगों में ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते क्रेज के चलते अक्सर लोग सोशल मीडिया पर बंपर डिस्काउंट, लॉटरी या फिर इनामी विज्ञापनों के झांसे में आ जाते हैं। ऐसे मामलों में नागरिकों के लिए पहले सुनिश्चित करना जरूरी हैं कि इस्तेमाल की जा रही वेबसाइट सुरक्षित है या नहीं। यदि संभव है तो ऑनलाइन साइट्स से सामान मंगवाते समय कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन चुनना चाहिए ताकि बैंक और कार्ड डिटेल साइबर अपराधियों के हाथ न लग सके। उपायुक्त ने कहा कि यदि फिर भी किन्ही कारणों से किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है तो वे सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करें। इसकी शिकायत को साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अवश्य दर्ज करें। लोग साइबर अपराधों से सावधान रहें और अपने परिवार के सदस्यों को भी जागरूक करें। ऐसे मामलों की जितनी जल्दी सूचना दी जाती है, तो उसको लेकर ट्रांजेक्शन रोकने के लिए पीड़ित को त्वरित सहायता प्रदान की जा सकती है।
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फरीदाबाद। उपायुक्त विक्रम सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में बढ़ते इंटरनेट पर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों को ध्यान में रखते जिलावासियों को सावधान रहने की जरूरत है। वहीं, ऐसे मामलों की तत्काल सूचना देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क सकते हैं।
उपायुक्त ने बताया कि पिछले कुछ सालों से लोगों में ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते क्रेज के चलते अक्सर लोग सोशल मीडिया पर बंपर डिस्काउंट, लॉटरी या फिर इनामी विज्ञापनों के झांसे में आ जाते हैं। ऐसे मामलों में नागरिकों के लिए पहले सुनिश्चित करना जरूरी हैं कि इस्तेमाल की जा रही वेबसाइट सुरक्षित है या नहीं। यदि संभव है तो ऑनलाइन साइट्स से सामान मंगवाते समय कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन चुनना चाहिए ताकि बैंक और कार्ड डिटेल साइबर अपराधियों के हाथ न लग सके। उपायुक्त ने कहा कि यदि फिर भी किन्ही कारणों से किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है तो वे सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करें। इसकी शिकायत को साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अवश्य दर्ज करें। लोग साइबर अपराधों से सावधान रहें और अपने परिवार के सदस्यों को भी जागरूक करें। ऐसे मामलों की जितनी जल्दी सूचना दी जाती है, तो उसको लेकर ट्रांजेक्शन रोकने के लिए पीड़ित को त्वरित सहायता प्रदान की जा सकती है।
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