30 साल की उम्र वाले दें ध्यान: लैपटॉप-मोबाइल का करते हैं अधिक उपयोग; हो सकते हैं BP और दिल की बीमारी का शिकार
बीके अस्पताल की हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन गर्ग ने बताया कि अस्पताल में हृदय रोग विभाग में प्रतिदिन करीब 50 से 60 मरीज आते हैं। इनमें 30 से 35 मरीज 35 साल से कम उम्र के हैं।
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फरीदाबाद के अस्पतालों में हृदय रोग के मरीज काफी बढ़ गए हैं। इनमें युवा मरीजों की संख्या ज्यादा है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना काल के बाद 35 से कम उम्र के युवाओं की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। बीके अस्पताल में प्रतिदिन करीब 50 से 60 मरीज हृदय रोग से संबंधित बीमारियों के आते हैं। इनमें से करीब 30 से 35 युवा मरीज शामिल हैं। इनमें रक्तचाप की समस्या है। इसके साथ ही हाइपरटेंशन के मरीज भी काफी बढ़ गए हैं।
बीके अस्पताल की हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन गर्ग ने बताया कि अस्पताल में हृदय रोग विभाग में प्रतिदिन करीब 50 से 60 मरीज आते हैं। इनमें 30 से 35 मरीज 35 साल से कम उम्र के हैं। इनमें रक्तचाप के मरीजों की संख्या काफी ज्यादा है। रक्तचाप से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी की गंभीर बीमारियां होती हैं। युवाओं में इस तरह की बीमारियां धूम्रपान, जीवनशैली में बदलाव, जंक फूड खाने और अन्य कई प्रकार के नशे करने के कारण होती हैं। इनसे बचने के लिए युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना चाहिए। साथ ही जंक फूड और नशे के सेवन से बचना चाहिए।
लैपटॉप और मोबाइल का उपयोग भी बन रहा परेशानी
युवाओं में हाइपरटेंशन की समस्या लैपटॉप व मोबाइल का अधिक उपयोग, फास्ट फूड खाने, वजन बढ़ने, नशे का सेवन करने, अधिक नमक खाने, एक्सरसाइज न करने, कॉफी-चाय का अधिक सेवन, धूम्रपान करने से हो जाती है। इस दौरान गंभीर सिरदर्द, अधिक थकान, धुंधला दिखाई देना, छाती में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, चक्कर आना, उल्टी या मितली आना, पेशाब में खून जैसी समस्या हो जाती है। इसको रोकने के लिए व्यायाम करना, योग करना, खाने में सब्जियों और साबुत अनाज का सेवन करना चाहिए।